जंगल में मौत का साया: एक भयानक पिशाच की कहानी
“भागो, जल्दी!” कबीर ने चीखकर कहा। वे सब अपनी जान बचाने के लिए जंगल में इधर-उधर भागने लगे। नरपिशाच
स्नेहा की चीख़ से पूरी हवेली गूँज उठी। उसका कटा हुआ शरीर ज़मीन पर गिरा और खून की बदबू हवा में फैल गई।
writer and pix by ai






