unfaithful love adult horror stories in hindi ,

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राज़ अभी संजना की मौत के सदमे से उभर भी नहीं पाया था की , एक दूसरी मुसीबत ने से घेर लिया , कहते हैं की जब वक़्त बुरा होता है तब हर तरफ से बुरा होता है , इधर संजना की मौत हुयी उधर देश में आर्थिक तंगी के चलते पुणे वाली एम् आई टी की जॉब भी चली गयी, ग़म में डूबा राज़ दोस्तों के साथ कॉफ़ी शॉप में कॉफी पी रहा था , तभी राज़ के मोबाइल की रिंग बजती है अननोन नंबर लैंडलाइन का है राज़ फोन उठाता है , सामने से फोन में आवाज़ आती है हाय राज़ मैं श्वेता तुम कैसे हो , राज़ कहता है कौन श्वेता श्वेता वन टू या थ्री , श्वेता कहती है मैं तुम्हारी गर्लफ्रेंड भागलपुर वाली , राज़ कहता है ओके सॉरी यार हाँ बताओ क्या हुआ श्वेता कहती है राज़ मैं माँ बन गयी बेबी हुआ है , राज़ कहता है , बच्चा पैदा करने की कितनी जल्दी थी तुमको , श्वेता कहती है तुम्हे तो कैरियर बनाना था चले गए मुंबई मुझे मझधार में छोड़कर , राज़ कहता है सॉरी बेबी तभी फोन काटती हुयी श्वेता कहती है अब मैं फोन काट रही हूँ मेरी सास आ गयी हैं , राज़ ओके बोल पाता उससे पहले ही श्वेता फोन काट देती है ,

राज़ की उँगलियों में घूमती हुए सिगरेट एक बार फिर उसके होठों को चूमती हुयी संजना की यादों की गराई में खींच ले जाती है , रात का वक़्त है घर में शादी का माहौल है मुंबई से राज़ की गर्लफ्रेंड संजना भी आई हुयी है , दोनों रात में घर के लॉन में लगे झूले पर पर बैठे झूल रहे हैं और अपने भविष्य की प्लानिंग में व्यस्त है और एक कोने पर राज़ का दोस्त बंटी राज़ के चाचा जी के साथ बियर पी रहा था , तभी राज़ के चाचाजी बंटी से बोलते हैं यार बंटी एक बात बता ये दुबली पतली संजना क्या राज़ का वजन झेल पायेगी , तभी बंटी कहता है क्या चाचा जी आप भी मज़ाक करते हैं दोनों की हंसी के ठहाके से सारा का सारा लॉन गूँज उठता है और शर्म के मारे संजना वहाँ से उठकर रूम के अंदर की तरफ चली जाती है , राज़ हंसी का ठहाका सुनकर चाचा जी और बंटी के पास आता है और पूछता है भाई किस बात पर ठहाके लगाए जा रहे हैं हम भी तो जाने , चाचा जी कहते हैं कुछ नहीं भाई हम तो तुम्हारी और संजना की शादी की बात कर रहे थे डिम्पी की शादी के साथ तुम दोनों की शादी भी करा दी जाए मौका भी है रवायत भी दस्तूर भी है राज़ कहता है क्या बात करते हैं चाचा जी शी इज ओनली माय फ्रेंड चाचा जी राज़ की बात बीच में ही काट देते हैं , कहते हैं बेटा तुम्हारी रगों में भी हमारा ही खून है कॉलेज के दिनों में हमने भी बहुत सी छोरियां घुमाई हैं बेटा , तभी राज़ वहाँ से चला जाता है , और चाचा जी एक बार फिर बंटी से कहते हैं ये साली जवानी चीज़ ही बड़ी कुत्ती है , और दोनों हँसते हुए गेस्ट रूम की तरफ निकल पड़ते हैं , तभी अचानक राज़ का दोस्त कहता है क्या कर रहा है राज़ हाँथ जला दिया और देख सिगरेट की गुल्ल चाय के गिलास में गिर गयी हैं दूसरी चाय लाना गोपाल भाई , और राज़ संजना के ख्यालों से बाहर आ जाता है । और उसके दिमाग में एक प्लान आजाता है वो फ़ौरन अपने पुराने रूम पार्टनर राजेशको फोन लगाता है ,

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पल्लवी का घर राज़ के घर के जस्ट पीछे हैं , जब घर में कोई नहीं होता था अक्सर राज़ राज़ पल्लवी के घर में घुस जाया करता था , पल्लवी भी राज़ के प्यार में पागल थी आखिर बचपन का प्यार था दोनों में , लखनऊ के गली मोहल्लों में राज़ और पल्लवी के प्यार के चर्चे सरे आम हो गए थे , इससे पहले की दोनों की मोहब्बत परवान चढ़ती न जाने किसकी नज़र लगी और पल्लवी के घर वालों को पता चल गया , और उन्होंने ताव ही ताव में राज़ को धुन दिया , और इतना मारा की राज़ को सीधा होस्पिटलाइज़्ड होना पड़ा और जब राज़ की आँख खुली तो पल्लवी के मम्मी पापा उसे लेकर कलकत्ता जा चुके थे , राज़ को रिकवर होने में काफी वक़्त लग गया , बस कभी कभार पल्लवी का फोन आजाया करता था , मगर कुछ दिनों के बाद पल्लवकी का फोन आना भी बंद हो गया था , पल्लवी से मिलने का जूनून राज़ के दिमाग में इस कदर सवार था की एक दिन राज़ के दिमाग में न जाने क्या हुआ की बाइक उठाया और साथ में एक दोस्त को लिया सीधा कलकत्ता पहुंच गया मगर तब तक बहुत देर हो चुकी थी पल्लवी का विवाह कहीं और हो चूका था और वो राज़ की शक्ल भी देखना पसंद नहीं करती थी , पल्लवी के प्यार में बुरी तरह से गुमराह राज़ शराब की लत में डूबता चला गया , लोग कहते थे की पारो की याद में देव देवदास बन जायेगा मगर ये कलयुग का देव न जाने कब देव डी बन गया किसी को पता भी नहीं चला। बैचलर इन फाइन आर्ट्स के डिग्री के बाद राज़ ने मुंबई से एनिमेशन का कोर्स का निश्चय किया

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और मुंबई के एक रपुटेटेड एनिमेशन इंस्टीट्यूट में एडमिशन ले लिया राज़ के बचपन की फ्रेंड थी संजना जो मुंबई में कॉल सेंटर में जॉब करती थी, संजना मुंबई में थी इस बात का पता जब राज़ को चला तो उसने उसे कॉन्टैक्ट किया अब दोनों की मुलाक़ात दोस्ती में बदल चुकी थी , और दोस्ती न आने कब प्यार में बदल गयी समकझ ही नहीं आया , राज़ अक्सर जब संजना अकेली होती थी तो उसके रूम में चला जाया करता था चूंकि संजना रूम पार्टनर्स के साथ रहा करती थी इसलिए उनके आते ही राज़ को वहाँ से निकलना पड़ता था कई बार तो राज़ को आधी रात में भी फ्लैट से निकलना पड़ गया था।

शाम का वक़्त है बेड पर गुलाब के फूलों का दिल बना है और बिस्तर में चारों तरफ गुलाब की पंखुड़ियां बिखरी पड़ी हैं , तभी डोर की बेल बजती है , और रूम में संजना का प्रवेश होता है , पीछे से राज़ की आवाज़ आती है हैप्पी बर्थडे टू यू रूम की सजावट देख कर संजना की ख़ुशी का ठिकाना नहीं रहता है राज़ उसे अपनी बाहों में भर लेता है और एक लम्बी फ्रेंच किश के बाद संजना कहती है बस दो मिनिट मैं अभी रेडी होकर आई तभी राज़ हाँथ में कपडे का पैकेट थमाते हुए कहता है जान प्लीज़ आज ये ड्रेस पहनना संजना शॉर्ट्स देखकर शर्मा जाती है और राज़ को कहती है तुम बाजु वाले कमरे में जाओ , जब बोलूंगी तब तुम आना , राज़ ओके बोलकर दूसरे वाले कमरे में चला जाता है , दूसरा कमरा संजना की रूम पार्टनर जूही का है , रूम की हालत देखकर राज़ दंग रह जाता है तभी संजना की आवाज़ आती है आई एम् रेडी और हेंगर पर टंगे लेडीज अंडर गारमेंट्स को साइड करता हुआ राज़ फ़ौरन संजना के रूम में पहुंच जाता है , राज़ की मदभरी आंखों में शरारत देखकर संजना शरमा जाती है और पंजों की उंगलिओं से बिस्तर को कुरेदती हुयी खुद में खुद को समेटने की जद्दोज़हद में लग जाती है तभी राज़ आगे बढ़कर उसे अपनी आगोश में ले लेता है और विवाह के पहले ही एक सम्पूर्ण सुख प्रदान करने में जुट जाता है , संजना एक कच्ची कली से फूल बनने के लिए बेताब थी वो खुद को छुपाती हुयी राज़ की बाहों में सिमटती चली जाती है , राज़ रूम की लाइट बंद कर देता है और जब लाइट्स ऑन होती है लगभग ९ बज चुके होते हैं दोनों केक काटते हैं वाइन और खाने का ऑर्डर देते हैं खाना खाने के बाद सो जाते हैं दूसरे दिन सुबह ही संजना की रूम पार्टनर का फोन आता है की वो आने वाली है और एक बार फिर राज़ को न चाहते हुए भी संजना के रूम से निकलना पड़ता है।

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मुंबई की बारिश और मुंबई की लड़की का कोई भरोसा नहीं कब बरस जाए शाम का वक़्त है राज़ अपने रूम पार्टनर राजेश के साथ सिगरेट के छल्ले बना रहा था , तभी राज़ के मोबाइल पर संजना की रिंग बजती है राज़ कहता है सुन न राजेश संजना आज मेरे रूम में आ रही है , तू एक काम कर प्रांजल के रूम में चला जा , राजेश बोलता है यार मेरे मोबाइल पर तो तूने पहले से ही कब्ज़ा कर रखा था दोनों का सेम नेटवर्क का नंबर जो है अब यार तू ही बता इस बारिश में मैं कैसे बाहर जाऊंगा राज़ कहता है तू जा तो तेरे ऑटो का पैसा मैं दे दूंगा , तभी एक बार फिर संजना का फोन आता है ओके राज़ मैं आज नहीं आरही रूम पर कल सुबह आऊंगी रूम में राज़ ओके बाय बेबी कहकर फोन काट देता है , दुसरे दिन सुबह होते ही राजेश रूम से चला जाता है , राज़ के रूम में संजना आती है दोनों में ज़बरदस्त रोमांस सुरु होता है या यूँ कहें की रोमांस ही रोमांस में जाने कब शाम हो जाती है कुछ पता भी नहीं चलता है दोनों एक ही चादर में लिपटे एक दूसरे की आगोश में राज़ के कंप्यूटर में फिल्म देख रहे थे की तभी राज़ ने बोला यार चलो न घूमने चलते हैं मुझे चाय भी पीनी है संजना कहती है तुम नीचे से होके आओ मैं तब तक मूवी ख़तम करती हूँ और हाँ कुछ स्नैक्स भी लेके आना मुझे भूख लगी है , राज़ फ्लैट के नीचे चला जाता है तभी राज़ के ख़ास दोस्त का फोन आ जाता है वो उसे साथ चलने के लिए बुलाता है मगर राज़ मना कर देता है , तब दोस्त उसे शराब पीने का लालच देता है , तो आखिर कार राज़ उसके साथ चला जाता है और होटल वाले लड़के से चाय और स्नैक्स संजना के लिए रूम में भेज देता है , राज़ को सामने न देखकर संजना का मूड ऑफ हो जाता है , राज़ को लौटने में वक़्त लग जाता है , फिल्म ख़त्म हो जाती है फिल्म ख़त्म हो जाने के बाद संजना राज़ को फोन करती है राज़ बोलता है मेरे सर का फोन आगया था बस मैं ५ मिनिट में आता हूँ , खाली बैठी संजना कंप्यूटर में कोई और फिल्म ढूढ़ना सुर करती हैए तभी उसकी नज़र एक फोल्डर पर पड़ती है जिसका नाम है माय लाइफ पल्लो , संजना तुरंत उसे खोलती है और अंदर पल्लवी के साथ राज़ के आपत्ति जनक वीडिओज़ और पिक्चर्स देख कर दंग रह जाती है , वो फ़ौरन राज़ को फोन लगाती है इस बार राज़ फोन नहीं उठाता है संजना का मूड राज़ के ऊपर भनक जाता है वो गुस्से से तनतना जाती है कुछ ही देरी में राज़ रूम में प्रवेश करता है , सामने राज़ को देखकर संजना राज़ को खूब भला बुरा कहती है राज़ कहता है आखिर हुआ क्या है मैं भी तो जानू वो राज़ को कंप्यूटर के पास ले जाती है और माय लाइफ पल्लो वाले फोल्डर में मौजूद उसके और पल्लवी के फोटोज और वीडिओज़ दिखा देती है , और कहती है क्या है राज़ ये सब मैंने तुम पर आँख मूंदकर भरोसा किया और तुमने मेरी मोहब्बत का ये सिला दिया राज़ सॉरी बेबी बोलता है तभी टेबल पर रखे राज़ के मोबाइल में स्वीटी नाम की लड़की का फोन आता है , संजना की नज़र पड़ती है फोन पर और वो सॉरी माय फुट बोलती हुयी पैर पटकती फ्लैट से बाहर चली जाती है।

इसके बाद राज़ ने कई बार संजना को कॉन्टेक्ट करने की कोशिश की मगर संजना ने फोन नहीं उठाया दिन बीतते गए लगभग , १ साल बाद राज़ की जॉब पुणे एम् आई टी में अस्सिस्टेंट प्रोफेसर के पद पर लग गयी थी , उसने एक बार फिर संजना को कॉन्टेक्ट किया इस बार संजना का रेस्पॉन्स पॉजिटिव था राज़ एक बार फिर मुंबई आया और संजना के सामने रोया गिडगिडाया अपनी सच्ची मोहब्बत का वास्ता दिया और घुटनो के बल बैठकर प्यार की भीख मांगी , राज़ की ये हालत देखकर संजना को तरस आ गया , उसने राज़ को गले लगाकर माफ़ कर दिया , दोनों खूब मुंबई घूमे बहुत मौजमस्ती की , इस तरह हर वीकेंड राज़ का मुंबई आना जाना सुरु हो जाता है , इसी दौरान संजना राज़ से कहती है जान हम कब शादी के बंधन में बंधेगे , मैं शादी से पहले अपने होने वाले ससुराल को देखना चाहती है राज़ कहता है अफकोर्स व्हाई नॉट , राज़ अपने एक स्टूडेंट की बाइक लेकर मुंबई आ जाता है , और संजना को कहता है बेबी हम लोनावला की पहाड़ियों में बाइकिंग का मज़ा लेंगे संजना कहती है सो स्वीट हनी आई लव लॉन्ग ड्राइव और दोनों मुंबई से पुणे के लिए रवाना हो जाते हैं , संजना ने ५ दिन की छुट्टी ले रखी थी ऑफिस से इस तरह एक हफ्ते की भरपूर मस्ती के बाद संजना बाइक में बैठी राज़ की कमर में हाँथ डाले राज़ के बालों से खेलती हुयी लोनावला की पहाड़ियों में एक बात कहती है राज़ एक बात बोलूं राज़ कहता है हाँ बोलो न मेरी जान राज़ के कान पर अपने दांतों से हल्का सा काटती हुयी संजना कहती है राज़ मैं प्रेग्नेंट हूँ , राज़ तुरंत बाइक में अगला डिस्क ब्रेक लगा देता है जिससे बाइक का पिछला हिस्सा बहुत ऊपर तक उठ जाता है और संजना उछल कर सीधा खाई में जा गिरती है , सारी वादी राज़ के नाम से गूँज उठती है और इसी गूँज के साथ संजना की आवाज़ लोनावला की खाइयों में कहीं ग़ुम हो जाती है राज़ बाइक सम्हालता है और मुस्कुराता हुआ कहता है सारा सफर का मज़ा खराब कर दी ब्लडी बिच और बाइक मुंबई की तरफ दौड़ा देता है ,

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मुंबई पहुंचते ही राज़ अपने पुराने रूम पार्टनर राजेश को फोन लगाता है , दोनों मिलते हैं राज़ कहता है चल भाई तुझे पुणे घुमा के लाता हूँ , राजेश कहता है मगर यार कल मेरी जॉब का वर्किंग डे है बॉस नाराज़ होगा , राज़ कहता है चल न यार बियर सिअर पियेंगे मस्ती करेंगे दो चार बार लगातार फ़ोर्स करने पर राजेश तैयार हो जाता है , दोनों मंबई से पुणे के लिए रवाना होते हैं , आज रामनवमी का दिन है जगह जगह भंडारे का आयोजन चल रहा है , और आज ड्राई डे भी है अर्थात बियर का मिल पाना बहुत मुश्किल है , दूर हाईवे पर एक ढाबा है जो दिखने में बंद है मगर अंदर सब चालू है राज़ चार बियर लेता है और एक जगह पर सिगरेट लेने के लिए बाइक रोकता है तभी एक आदमी माता रानी का प्रसाद लाकर हाँथ में रख देता है , राज़ मना करता है रहने दो मगर राजेश कहता है देवी माता का प्रसाद है मना नहीं करते , दोनों प्रसाद खाते हैं और वहाँ से चल देते हैं कुछ दूर पर एक चाइनीज फ़ूड रेस्टॉरेंट मिलता है राज़ बोलता है प्रसाद के बाद आज से नवरात्री ख़तम अब हम बियर पी सकते हैं राजेश बोलता है नहीं भाई ये गलत बात है , राज़ कहता है चुप बे तू कुछ नहीं जानता दोनों चाइनीज़ फ़ूड रेस्टॉरेंट में बैठकर एक एक बियर पीते हैं तभी रेस्टॉरेंट वाला कहता है क्या कर रहे हो साहेब अभी पुलिस आ जायेगा और बची दो बियर बैग में रख कर दोनों वहाँ से पुणे के लिए निकल पड़ते हैं , मुंबई पुणे एक्सप्रेस का हाईवे का वही मोड़ आ जाता है जहां राज़ ने संजना को फेंका था , वहां पहुंचते ही राज़ को एक चीख सुनायी देती है राज़ अचानक डर सा जाता है उसे ऐसा महसूस होता है जैसे राजेश की जगह संजना बाइक में बैठी है , वो बाइक और तेज़ चलाने लगाता है राजेश पूछता है क्या हुआ भाई तुझे क्या हुआ , तभी गाड़ी से किर्र किर्र की आवाज़ आती है और राज़ गाड़ी रोक देता है और राजेश को चलाने के लिए बोलता है ,

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राजेश बाइक स्टार्ट करता है दोनों किसी तरह राज़ के पुणे में हडपसा स्थित घर में पहुंचते हैं , अभी भी दो बियर बैग डाली है सुबह के चार बज गए हैं , राज़ कहता है तुझे बियर पीनी है तो तू पी ले मैं तो नहीं पियूँगा राजेश कहता है मुझे चाय पीनी है किचन में शक्कर चाय पत्ती है न राज़ कहता है दूध भी है फ्रिज में राजेश कहता है ओके मैं अभी बना के लाता हूँ चाय वो किचन में चाय बनाने लग जाता है तभी सामने सोफे पर लेटे राज़ को ऐसा लगता है जैसे कोई लेडीज़ किचन से निकल कर उसके बाजु में आकर बैठ गयी हो वो फ़ौरन पलटता है मगर वो उसकी आँखों का वहम रहता है दोनों चाय पीते हैं राज़ वहीँ सोफे पर सो जाता है और राजेश भी वही पास पड़े बेड पर सो जाता है , जाने कब सुबह हो जाती है दोनों को पता भी नहीं चलता है , और जब सुबह राजेश की आँख खुलती है राज़ ऑफिस जा चुका होता है इस तरह राजेश सारा दिन रूम में अकेला मूवी देखता पड़ा रहता है दोपहर में जब राज़ वापस आता है दोनों मार्केट घूमने के लिए निकलते हैं , और बाइक स्टार्ट करते हैं बाइक स्टार्ट ही नहीं होती है , ऐसा लगता है इंजन का क्रैंक टूट गया है , राजेश कहता है माता रानी का लाख लाख शुक्र है कल रात में अगर क्रैंक टूट जाता तो हम बेमौत मर जाते , इसके बाद दोनों शॉपिंग करते हैं रूम में चिकेन और वाइन की पार्टी होती है राज़ को बार बार ऐसा महसूस होता है जैसे संजना उसके इर्द गिर्द ही है रात में राजेश दूसरे रूम में बैठा मूवी देख रहा है और राज़ हाल में लेटा सो रहा था की तभी राज़ के काँधे पर कोई हाँथ रखता है राज़ पलटता है सामने संजना बैठी थी राज़ डर जाता है वो फ़ौरन राजेश के पास जाता है और कहता है भाई तू आज मेरे साथ सोयेगा , राजेश और राज़ साथ में सोते हैं एक झटके में सुबह हो जाती है , राजेश बोलता है भाई मैं निकलूंगा मेरे काम का डिस्टर्ब हो रहा है , सुबह राजेश और राज़ साथ में निकलते हैं राज एम् आई टी और राजेश मुंबई चला जाता है , शाम का वक़्त है राज़ रूम में आता है राज़ के फ्लैट में एक ऊपर कमरा है जिसमे राज़ ने स्टडी रूम बना रखा था और संजना उसमे पूजा किया करती थी , राज़ जैसे ही रूम के अंदर घुसता है ऊपर वाले कमरे से घंटी बजने आवाज़ सुनायी देती है राज़ हिम्मत करके सीढ़ियां चढ़ना सुरु करता है , रूम के अंदर का नज़ारा देखकर राज़ डर जाता है सामने संजना सफ़ेद साड़ी में बाल फैलाये बैठी थी वो राज़ की तरफ देखती है राज़ तुरंत रूम से निकल कर उलटे पाँव भागता है और नीचे आकर अपनी बाइक उठाता है और अपने मित्रों को फोन लगाता है सभी मित्र पास ही एक बार में बैठे शराब पी रहे थे , राज़ भी वहाँ पहुंच जाता है

मगर वो किसी को कुछ बता पाता उससे पहले भी संजना भी वहाँ पहुंच जाती है और उसके दोस्त के जिस्म में समां जाती है , और धीरे धीरे राज़ के सभी दोस्तों को अपने वश में कर लेती है राज़ बार से निकल कर बाहर भागता है बाइक स्टार्ट करके जैसे चलता है राज़ के दोस्त जीप से उसका पीछा करते हैं और जीप की एक ठोकर से राज़ की बाइक चारों खाने चित होकर दूर जा गिरती है राज़ अपने दोस्तों से अपनी जान की भीख मांग रहा था , मगर राज़ के दोस्त अब उसकी एक सुनने के मूड में नहीं थे राज़ के सभी दोस्त हॉकी रॉड और छुरे से उस पर ताबड़ तोड़ वार करते हैं राज़ दर्द के मारे तड़प रहा है राज़ के दोस्त राज़ के जिस्म में घाव पर घाव दिए जा रहे हैं राज़ एक घर में घुसकर अपनी जान बचाने की कोशिश भी करता है मगर राज़ के दोस्त वहां भी घुस आते हैं और राज़ को मारते ही रहते हैं मकान मालिक भी बीच बचाव में घायल हो जाता है राज़ के दोस्त उसे एक बार पुनः घसीटते हुए बीच रोड में ले जाते हैं और राज़ के ऊपर से कई बार जीप निकाल देते हैं राज़ की मौत की पुष्टि होते ही संजना की आत्मा राज़ के दोस्तों को छोड़ देती है और एक भयानक अट्टहास के साथ सारा शमा गूँज उठता है , राज़ को मरा हुआ देखकर राज़ के दोस्त रोने लगते है उन्हें पश्चाताप होता है की आखिर अनजाने में उन्होंने क्या कर डाला तभी पुलिस के सायरन की आवाज़ बजती है और पुलिस वहाँ पहुंच जाती धीरे धीरे मीडिया एम्बुलेंस सभी पहुंच जाते हैं अपराधियों को मौका ए वारदात से गिरफ्तार कर लिया जाता है और कैमरा ज़ूम आउट हो जाता है।

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