रूहानी मोहब्बत: चुड़ैल का प्यार | हिंदी हॉरर लव स्टोरी,
कहानी: रात की रूहानी मोहब्बत दृश्य 1: परिचय – अमीर हवेली का बाहरी हिस्सा (रात का समय) कैमरा एंगल: वाइड शॉट, ऊपर से नीचे की ओर, चाँदनी रात में एक भव्य पुरानी हवेली दिखाई देती है। हवेली की दीवारें सफेद संगमरमर से बनी हैं, चारों तरफ हरे-भरे बागीचे, फव्वारे और पुरानी मूर्तियाँ। हवेली की छत पर रोशनी की झिलमिलाहट, दूर से शहर की लाइट्स चमक रही हैं। लोकेशन: राजस्थान की एक रॉयल एस्टेट, जयपुर के पास। कहानी शुरू होती है। हवेली का मालिक, राहुल, एक अमीर बिजनेसमैन का बेटा है, जो शराब का शौकीन है। वह अकेला रहता है, अपनी पारिवारिक संपत्ति में। दृश्य 2: राहुल का कमरा (रात 12 बजे) कैमरा एंगल: क्लोज-अप, राहुल के चेहरे पर। वह बिस्तर पर लेटा है, हाथ में व्हिस्की का ग्लास, आँखें आधी बंद। कमरा लग्जरी है – महँगे फर्नीचर, एंटीक लैंप, दीवारों पर पेंटिंग्स। बैकग्राउंड में सॉफ्ट म्यूजिक। राहुल (खुद से बात करता हुआ): “क्या जिंदगी है ये… पैसे हैं, हवेली है, लेकिन कोई साथी नहीं। बस ये शराब ही सहारा है।” अचानक, रोशंदान से हल्की हवा आती है। एक सफेद साड़ी में लिपटी एक खूबसूरत लड़की, प्रिया (अब चुड़ैल), अंदर आती है। उसकी आँखें चमकती हैं, बाल खुले, लेकिन उसका चेहरा मोहक। कैमरा एंगल: पैन शॉट, रोशंदान से प्रिया की एंट्री पर। धीरे-धीरे ज़ूम इन उसके चेहरे पर। प्रिया (मुस्कुराते हुए, मीठी आवाज में): “राहुल… आज फिर अकेले शराब पी रहे हो? मैं आ गई हूँ ना, तुम्हारा साथ देने।” राहुल (चौंककर उठता है, लेकिन डरता नहीं, क्योंकि ये रोज की बात है): “प्रिया? तुम फिर आई? तुम्हारी याद में ही तो पी रहा हूँ। लेकिन तुम… तुम तो मर चुकी हो ना?” दृश्य 3: फ्लैशबैक – प्रिया की जिंदगी (दिन का समय) कैमरा एंगल: कट टू फ्लैशबैक, सॉफ्ट फोकस, रिच लोकेशन: मुंबई की एक लग्जरी बार, समुद्र के किनारे। प्रिया एक अमीर फैमिली की लड़की है, शराब की शौकीन। प्रिया (बार में दोस्तों से): “यार, जिंदगी छोटी है। पी लो, एंजॉय करो!” (वो एक ग्लास वाइन उठाती है और हँसती है।) लेकिन एक एक्सीडेंट में उसकी मौत हो जाती है। मौत के बाद, वो चुड़ैल बन जाती है, लेकिन उसकी आत्मा शराब और प्यार की तलाश में भटकती है। कैमरा एंगल: फास्ट कट्स, एक्सीडेंट सीन – कार क्रैश, फिर अंधेरा। दृश्य 4: वापस वर्तमान – रोमांटिक सीन (राहुल का कमरा) कैमरा एंगल: ओवर-द-शोल्डर शॉट, राहुल प्रिया की तरफ देखता है। रोमांटिक लाइटिंग, कैंडल्स जल रही हैं। लोकेशन: हवेली का मास्टर बेडरूम, बालकनी से जुड़ा, जहाँ से रेगिस्तान का नजारा दिखता है। प्रिया (पास आकर, राहुल के ग्लास से एक घूँट पीते हुए): “मैं शराब की शौकीन थी, और तुम भी हो। मौत के बाद भी ये आदत नहीं गई। लेकिन अब मुझे तुमसे प्यार हो गया है, राहुल। हर रात मैं रोशंदान से आती हूँ, सिर्फ तुम्हारे लिए।” राहुल (उसके करीब आकर, हाथ पकड़ते हुए): “प्रिया, तुम चुड़ैल हो, लेकिन मेरे लिए तुम परी हो। तुम्हारी आँखों में वो जादू है जो मुझे जीने की वजह देता है।” रोमांटिक सीन: कैमरा एंगल: स्लो मोशन, क्लोज-अप उनके चेहरों पर। प्रिया राहुल के कंधे पर सिर रखती है, दोनों आँखें बंद कर लेते हैं। बैकग्राउंड में रोमांटिक गाना बजता है – “रात की हसीन वादी में…”। प्रिया का स्पर्श ठंडा लेकिन मोहक। प्रिया (कान में फुसफुसाते हुए): “तुम्हारी ये हवेली… इतनी अमीर, इतनी बड़ी। लेकिन इसमें अकेलापन है। मैं तुम्हें कभी अकेला नहीं छोड़ूँगी।” राहुल: “प्रिया, तुम्हारी वजह से ये हवेली अब天堂 लगती है। चलो, बालकनी पर चलें।” दृश्य 5: बालकनी सीन (रात 1 बजे) कैमरा एंगल: वाइड शॉट, बालकनी से रेगिस्तान और तारों का नजारा। हवेली की रिच प्रॉपर्टी: गोल्डन रेलिंग, एंटीक चेयर, वाइन की बोतलें। दोनों बालकनी पर बैठते हैं। प्रिया राहुल के साथ शराब पीती है। प्रिया: “याद है, जब मैं जिंदा थी, मैं ऐसी ही पार्टियों में जाती थी। लेकिन अब सिर्फ तुम… तुम्हारे साथ ये पल।” राहुल (उसके बालों में हाथ फेरते हुए): “तुम्हारी मौत की खबर सुनकर मैं टूट गया था। लेकिन अब तुम हर रात आती हो, जैसे कोई सपना।” रोमांटिक सीन: कैमरा एंगल: 360 डिग्री स्पिन, दोनों एक-दूसरे को गले लगाते हैं। प्रिया का चुड़ैल रूप हल्का चमकता है, लेकिन प्यार भरा। वो राहुल को किस करती है – ठंडा लेकिन पैशनेट किस। प्रिया: “सुबह होने से पहले मुझे जाना होगा। लेकिन कल फिर आऊँगी, रोशंदान से।” राहुल: “मत जाओ, प्रिया। हमेशा रहो मेरे साथ।” दृश्य 6: क्लाइमैक्स – अगली रात (हवेली का गार्डन) कैमरा एंगल: ट्रैकिंग शॉट, राहुल गार्डन में इंतजार करता है। लोकेशन: हवेली का प्राइवेट गार्डन, स्विमिंग पूल, फाउंटेन, रिच लैंडस्केपिंग। प्रिया रोशंदान से नहीं, बल्कि गार्डन से आती है। प्रिया: “आज मैं तुम्हें सरप्राइज देने आई हूँ। चलो, पूल साइड पर।” राहुल: “प्रिया, तुम्हारा प्यार मुझे बदल रहा है। शराब कम पीता हूँ अब।” रोमांटिक सीन: कैमरा एंगल: अंडरवाटर शॉट (पूल में), दोनों पूल में उतरते हैं। प्रिया का सफेद कपड़ा पानी में चमकता है। वो राहुल को गले लगाती है, पानी में किस। प्रिया: “मैं चुड़ैल हूँ, लेकिन तुम्हारे प्यार से मैं फिर जीना चाहती हूँ।” दृश्य 7: एंडिंग – सुबह का समय कैमरा एंगल: फेड आउट, राहुल बिस्तर पर जागता है, प्रिया गायब। लेकिन एक नोट: “हर रात मिलूँगी।” हवेली की सुबह की धूप। राहुल (मुस्कुराते हुए): “प्रिया, तुम मेरी रूहानी मोहब्बत हो।”
हवेली का स्विमिंग पूल साइड (रात 2 बजे) कैमरा एंगल: वाइड शॉट, हवेली का प्राइवेट स्विमिंग पूल। पानी में नीली
लाइट्स चमक रही हैं, चारों तरफ लग्जरी लाउंज चेयर, टॉर्च लाइट्स और फूलों की मालाएँ। दूर रेगिस्तान की साइलेंट हवा, चाँद पूरा। प्रिया सफेद साड़ी में पूल के किनारे खड़ी है, उसकी छाया पानी में लहरा रही है। प्रिया (आँखों में अजीब चमक, लेकिन प्यार भरी आवाज में): “राहुल… आज मैंने फैसला कर लिया है। मैं तुम्हें अकेला नहीं छोड़ सकती। ये दुनिया, ये हवेली, ये शराब… सब कुछ छोड़कर मेरे साथ चलो। मेरी दुनिया में। जहाँ न दर्द है, न अकेलापन। सिर्फ हम दोनों… हमेशा के लिए।” राहुल (पूल साइड पर खड़ा, शॉक में, लेकिन आँखों में डर कम और आकर्षण ज्यादा): “प्रिया… मतलब? तुम कह रही हो कि… मैं मर जाऊँ? तुम्हारे साथ आने के लिए?” प्रिया (धीरे-धीरे उसके पास आती है, हाथ बढ़ाकर): “हाँ। लेकिन ये मौत नहीं होगी, राहुल। ये शुरुआत होगी। मैंने देखा है तुम्हारी आँखों में वो खालीपन। शराब पी-पीकर तुम खुद को मार रहे हो। मेरे साथ आओ, तो कभी दर्द नहीं होगा। हम रातों में घूमेंगे, हवेली के छत पर नाचेंगे, पूल में तैरेंगे… बिना किसी नियम के, बिना किसी डर के।” कैमरा एंगल: क्लोज-अप, प्रिया का चेहरा। उसकी आँखें अब पूरी काली नहीं, बल्कि गहरी नीली चमक रही हैं। वो राहुल के गाल पर हाथ फेरती है – ठंडा स्पर्श, लेकिन दिल को छूने वाला। राहुल (थोड़ा पीछे हटते हुए, लेकिन हाथ नहीं छोड़ता): “प्रिया, मैं तुमसे प्यार करता हूँ। सच में। लेकिन… जिंदगी छोड़ना? परिवार? ये सब?” प्रिया (मुस्कुराकर, लेकिन अब उसकी मुस्कान में एक डरावनी मिठास): “परिवार? वो तुम्हें कभी समझा भी नहीं। तुम्हारी हवेली में कितने लोग आते हैं? सिर्फ नौकर। तुम्हारी जिंदगी में सिर्फ मैं हूँ, राहुल। हर रात रोशंदान से आने वाली। अब मेरे साथ चलो… मैं वादा करती हूँ, तुम्हें कभी अकेला नहीं छोड़ूँगी।” दृश्य 9: इमोशनल रोमांटिक सीन – पूल में कैमरा एंगल: स्लो मोशन, दोनों पूल में उतरते हैं। पानी ठंडा, लेकिन प्रिया का स्पर्श और ठंडा। वो राहुल को गले लगाती है, दोनों पानी में तैरते हैं। बैकग्राउंड में हल्का भूतिया लेकिन रोमांटिक म्यूजिक। राहुल (कान में फुसफुसाते हुए): “प्रिया… अगर मैं तुम्हारे साथ चला गया, तो क्या मैं भी… तुम जैसा बन जाऊँगा?” प्रिया (उसके होंठों पर उंगली रखकर): “हाँ। लेकिन बेहतर। हम दोनों मिलकर एक नई दुनिया बनाएँगे। जहाँ शराब की बोतलें कभी खत्म नहीं होतीं, जहाँ रात कभी नहीं खत्म होती। बस प्यार… और हम।” रोमांटिक लेकिन डरावना किस: कैमरा एंगल: अंडरवाटर क्लोज-अप। राहुल आँखें बंद करता है, प्रिया उसे गहरे पानी में खींचती है। पानी में हल्की चमक, जैसे आत्माएँ नाच रही हों। राहुल (आँखें खोलकर, डर और उत्साह मिक्स): “मैं… मैं तैयार हूँ। लेकिन एक आखिरी रात… मुझे सोचने दो।” प्रिया (मुस्कुराकर, लेकिन अब उसकी आँखों में लाल चमक): “ठीक है। लेकिन कल रात… अगर तुम नहीं आए, तो मैं खुद आकर तुम्हें ले जाऊँगी। रोशंदान से नहीं… सीधे तुम्हारे दिल से।” दृश्य 10: क्लाइमैक्स – अगली रात (हवेली की छत) कैमरा एंगल: हाई एंगल शॉट, हवेली की छत पर। चाँदनी रात, चारों तरफ सितारे। राहुल छत पर खड़ा है, हाथ में आखिरी व्हिस्की का ग्लास। प्रिया हवा में तैरती हुई आती है, अब उसका रूप और ज्यादा खूबसूरत लेकिन खतरनाक। प्रिया (हाथ फैलाकर): “राहुल… समय हो गया। चलो मेरे साथ।” राहुल (ग्लास फेंककर, आँसू आँखों में): “प्रिया… मैं आ रहा हूँ। लेकिन सिर्फ इसलिए क्योंकि तुमसे प्यार है। नहीं तो ये जिंदगी… बेकार है।” कैमरा एंगल: स्लो जूम आउट। प्रिया राहुल का हाथ पकड़ती है। दोनों हवा में उठने लगते हैं। हवेली नीचे छोटी होती जाती है। राहुल की आँखें बंद, प्रिया मुस्कुरा रही है। प्रिया (आखिरी लाइन, फुसफुसाते हुए): “अब हम हमेशा साथ… रात की रूहानी मोहब्बत में।” दृश्य 11: एंडिंग – हवेली अब खाली कैमरा एंगल: सुबह का समय। हवेली का रोशंदान खुला, लेकिन कोई नहीं। गार्डन में हवा में हल्की सफेद धुंध। दूर से लोग कहते हैं – “राहुल अब गायब है… जैसे हवा में उड़ गया।” स्क्रीन पर लिखा आता है: “कभी-कभी प्यार मौत से भी आगे निकल जाता है… और रातें कभी खत्म नहीं होतीं।” dreaming now



















