नाज़ुक लब पर शबाब देखे हैं sad poetry in urdu about love,

0
1392
नाज़ुक लब पर शबाब देखे हैं sad poetry in urdu about love,
नाज़ुक लब पर शबाब देखे हैं sad poetry in urdu about love,

नाज़ुक लब पर शबाब देखे हैं sad poetry in urdu about love,

नाज़ुक लब पर शबाब देखे हैं ,

जलते शबनमी अज़ाब देखे हैं ।

 

 

आशिक़ तो बहुत हैं नक़ाबों के ज़माने में ,

बस आईन ए सूरत का का कोई तलबग़ार नहीं है ।

 

कभी चाँद पर चलता है कभी तारों की बात करता है ,

रूबरू ए यार भी शायरी का मंज़र अजीब होता है ।

 

दिल की धड़कनो की सहूलियत के वास्ते ,

बिना अरमानो के चुप चाप निकल जाता हूँ मैं अपने रास्ते ।

 

बुझा के दिल अपना मुकाम छोड़ आया हूँ ,

मैं आतिश ए शहर में अपना मकान छोड़ आया हूँ ।

 

जब हवाएं ही बगावत में उतर आएं ,

खुद के साये का छुप जाना भी लाज़िम है प्यारे ।

 

अब कारोबार ए इश्क़ का अंदाज़ जुदा होगा ,

न जाम ए मैकशी होगी न गुफ्तगू ए मुब्तला होगा ।

 

बस जुज़बी नहीं मिलते हैं हज़ार ज़माने में ,

आशिक़ों के किस्से सुर्खरू हैं नए हर रोज़ शामियाने में ।

 

इश्क़ के सज़दे में सर झुका कर ज़माने का ख़ौफ़ करना ,

रुस्वाई दिलों की न हो जाए बस इतना ख़्याल बनाये रखना ।

 

सूरत ए हुश्न पर फ़िदा कितने ,

कभी सीरत ए फ़ानी का भी मुब्तला करते ।

 

इश्क़ की नाकामियां हैं जो लफ़्ज़ों में उतर आई हैं ,

गोया ये तालीम ओ तरबियत किसी कॉलेजी की डिग्री की मोहताज़ नहीं ।

 

हसीन चेहरे बहुत हैं ज़माने में ,

कोई फिर दिल को छू जाए उस सा हसीन नहीं मिलता ।

 

आरज़ूएँ बेलिबास बदहवास भटकती हैं दर बदर ,

अंजुमन में गुंचा ए गुल की उलझने कोई सुलझाए कैसे ।

 

ग़म न था वो हमारी लाइफ से लॉग आउट होकर चला गया ,

तकलीफ़ तो तब हुयी जब उसकी फोटो हमारी ही फ्रेंडलिस्ट में किसी और के साथ चिपकी नज़र आई ।

 

सोशल साइट्स में क्या क्या नमूने पेश ए ख़िदमत हैं ,

चार्लीज़ एंजेल्स में लड़के और रॉकस्टार्स में मोहतरमायें माबदौलत हैं ।

love poem in hindi for husband 

pix taken by google