बड़ा ग़रीब बड़ा सादा है मेहबूब अपना funny shayari ,

0
589
बड़ा ग़रीब बड़ा सादा है मेहबूब अपना funny shayari ,
बड़ा ग़रीब बड़ा सादा है मेहबूब अपना funny shayari ,

बड़ा ग़रीब बड़ा सादा है मेहबूब अपना funny shayari ,

बड़ा ग़रीब बड़ा सादा है मेहबूब अपना ,

है पनाहों में मेरे और ढूढता है ज़माने में वजूद अपना ।

 

दास्तान ए लैला मजनू के मुरीद बहुत थे हम ,

सारे इश्क़ के तोते फुर्र हुए दरूं ए इश्क़ में मिले ऐसे ऐसे ग़म ।

 

दिल में अटका बर्फ़ का गोला जो है ,

ग़म आँखों से बहे तो सुकून मिल जाए ।

 alone shayari

ख़्यालों में चले आओ आँखों के रास्ते ,

पलकों में सजा रखेगे ख़्वाबों की परियों के जैसे ।

 

जिस मोड़ से गुज़रो हर मोहब्बत का दुआ सलाम लेते चलो ,

क्या पता कब कौन इश्क़ ए ज़िन्दगी , ज़िन्दगी ए इश्क़ बन जाए ।

 

अपनी भी सेकंड हैण्ड जवानी का कोई तलबग़ार मिले ,

गोया इस बहाने बेरोज़गारों को भी इश्क़ ए कारोबार मिले ।

 

बात भूल जाने की होती तो कब का दामन झाड़ लेते ,

इश्क़ का ज़ख्म है दाग़ जायेगा मुद्दतों बाद ।

 

मोहब्बत सीख लिए अब ज़माने का चलन भी सीख जाओगे ,

दर्द रुसवाई तिज़ारत तन्हाई ओ ग़म ये सभी आते हैं नाक़ाम ए मोहब्बत के बाद ।

 

शमा को छेड़ना परवाने की फ़ितरत है ,

जल जाए गोया या जान से जाए ये इश्क़ की किस्मत है ।

 

सब मतलब परस्ती है नहीं कोई इंसान के जैसा ,

अल्लाह ओ राम का ख़ादिम कोई भटकता है लिए ईमान गुमराह के जैसा ।

2line attitude shayari 

मंदिर मस्जिद छोड़ स्टेडियम ही बनवा दिए होते ,

धर्म के नाम पर कमाने वालों के साथ क्रिकेट के दल्ले भी कमा लिए होते ।

 

परिंदों ने कब ज़मीन पर चोंच मारी ,

वो मुट्ठी भर आसमान लिए फिरते रहे ,

इंसान ने साज़िश रची गुम्बदों के घोसलों को तोड़ दिए ।

 

परिंदों ने जब भी देखे चोंच भर दाने देखे ,

इंसान सारा जहान लूटा खसोटा फिर भी भूखा रह गया ।

 

बहते बहते आँसू थम गए ,

देखने वालों को लगा इश्क़ ए ग़म कम पड़ गए ।

pix taken by google