मौसम ए दस्तूर है उड़ाने का hindi shayari,

0
809
मौसम ए दस्तूर है उड़ाने का hindi shayari,
मौसम ए दस्तूर है उड़ाने का hindi shayari,

मौसम ए दस्तूर है उड़ाने का hindi shayari ,

मौसम ए दस्तूर है उड़ाने का ,

सज़र के सूखे पत्ते कब तलक आँगन में यादों का घर बनाएंगे ।

 

ऐसे शेर न डालों यारों दिल के ज़ख्म फूट जाते हैं ,

पूंछो उन प्रेम भक्तों से मेहबूब की गलियों के चक्कर काटते जिनके चप्पल भी टूट जाते हैं ।

 

दर ओ दीवार पर चस्पा हैं यादें तेरी ,

अब मौसम ए हिज्र में खिजां आबाद करेगी ।

 

नश्लीयत बदली वल्दीयत बदली नशीहत देने वाले बदल गए ,

मगर दिल की वशीयत पर कब्ज़ा आज भी उसका है ।

 

ज़ब्त यादों के सीने में कुछ दरीचे हैं ,

कभी ओढूँ कभी बैठूँ कभी उस पर ही सो जाता हूँ ।

hindi literature 

खट्टी मीठी यादों सी दिल के तबे पर छनकती कभी ठण्ड में ठिठुरती ,

कभी अनमोल कभी बेमोल ,

तोल मोल के खर्च कर पचास ग्राम की है ज़िन्दगी ।

 

वक़्त भी करवटें लेगा ,कमीज में सिलवटें होगी ,

तू आगे बढ़ना सदा , मंज़िलें तय अभी और करनी है ।

 

कुछ रात के टुकड़े हैं चाँद से मुखड़े के ,

दिन भर जोड़ कर टुकड़े मैं रात रोशन करता हूँ ।

 

कुछ टुकड़े संजोता है , कुछ यादें भिगोता है ।

इस तरह चस्म ए तर नग्मों से , शब् ए बज़्म में संजोता है ।

 

इश्क़ वाले कहाँ अंजाम की परवाह करते हैं ,

ये तो बस मेहबूब का नाम लेते हुए शूली में चढ़ते हैं ।

 

मिलते जुलते लफ्ज़ क्या शख्स भी हो सकते हैं ,

मगर अपनी स्पीशीज की हम आख़िरी शख्सियत हैं यारों ।

 

इश्क़ कर लो सारी फिलॉस्फी धरी रह जाएगी ,

खूँ इधर दिल उधर जान न जाने कहाँ तड़पड़ाएगी

 

जब वो प्यार से कहती है कमीने कब सुधरेगा तू ,

गोया उसकी बोली नीम के रस में शहद घोलती हो जैसे ।

friendship shayari 

जलकुकड़ी सी खड़ी दूर से टुकुरती है ,

ज़िन्दगी कहीं ये तू तो नहीं जो हर पल मेरे साथ साथ चलती है ।

 

दामन बचा के निकला हूँ वादी ए बहार से ,

खिजां ए मौसम में वीरानियों से दिल आबाद करेंगे ।

pix taken by google