blood addiction horror stories to read,

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रात के अंधेरों को चीरती मुंबई की तरफ बढ़ती एक बोट , बीच पर पहुंचते ही पलक झपकते एक दैत्यनुमा कार में तब्दील

हो जाती है , और इसके बाद सूनसान रास्तों पर कुछ ढूढ़ती जाने कहाँ गुम हो जाती है , आलीशान बिल्डिंग का कार

पार्किंग एरिया , जहां चीखों का शोर तो बहुत है मगर अँधेरा उससे कहीं अधिक है , तभी वही कार जो समन्दर के रास्ते

आई थी अंधेरों को चीरती कार पार्किंग में बेधड़क घुस जाती है और और एक कार को ठोकर मारती साथ में कई कारों को

उड़ाती , आखिर में जाकर एक कार से भीसड़ भिड़ंत के साथ रुक जाती है , और जिस कार से टकराती है वो कार ठोकर

खा कर दूर उछल जाती है , तभी समन्दर वाली कार की लाइट दीवाल पर पड़ती है जहां नरपिशाच एक लड़की की गर्दन

में दांत गड़ाए खून चूस रहा था , कार की चका चौंध लाइट्स में नर पिशाच विचलित हो जाता है , और लड़की की डेड

बॉडी को साइड में फेंकता हुआ , सीधा कार के ऊपर आजाता है , और एक हाँथ से कार का सीसा तोड़ता हुआ , सीधा कार

ड्राइवर की गर्दन पर पहुंच जाता है , मगर इसके पहले की नर पिशाच कुछ कर पाता कार ड्राइवर उसके हाँथ को मरोड़ता

हुआ ज़मीन पर पटक देता है , और जब नरपिशाच सम्हलता है पलट कर ड्राइवर की तरफ लपकता है तभी ड्राइवर का

रूप बदलता है उसकी आँख से शोले निकलने लगते हैं , और वो खुद एक भयानक ड्रैकुला में तब्दील हो जाता है , और

सामने खड़े नारिशाच के गर्दन को निचोड़ता हुआ सारा खून पी जाता है , तभी कुछ और वैम्पायर्स वहाँ आ धमकते हैं ,

और वो ड्रैकुला की तरफ प्यासी नज़रों से देखते हैं , और ड्रैकुला के एक इशारे पर कार पार्किंग में छुपे नरपिशाचों को ढूंढ

कर एक एक का खून पीना सुरु कर देते हैं , ड्रैकुला अपनी कार में बैठता है और समन्दर के रास्ते जाने कहाँ अंधेरों में

गुम हो जाता है , और उसके पीछे पीछे वैम्पायर्स भी दौड़ते दौड़ते अँधेरे में समन्दर की लहरों में गुम हो जाते हैं ।

 

बचे खुचे नरपिशाच जान बचाकर भागते हैं , वो मुंबई की ऊंची ऊंची इमारतों की छतों पर कूदते हुए भागते हैं , और

घाटकोपर की एक सूनसान बर्षों से खाली ईमारत में एकत्रित होकर अपनी नाकामी का मातम रो रो कर मना रहे हैं , तभी

उन नरपिशाचों का मुखिया उनकी नाकामी पर बेहद गुस्सा होता है , जिसके सामने सभी नरपिशाच भीगी बिल्ली बने

चुपचाप खड़े रहते हैं , वो नरपिशाच क्रोध शांत होने पर इंसानी रूप धारण कर लेता है , और जब इंसानी रूप में आता है

तो कोई और नहीं शहर का मेयर होता है । वो कहता है निकम्मो क्या मुँह दिखाऊगा मैं अपने आकाओं को नेक्स्ट मंथ

नए ड्रग्स की लॉन्चिंग के लिए सारे शहर के लड़के लड़कियों को इन्वाइट किया गया है नामी जानी फ़िल्मी और

पोलिटिकल हस्तियां भी आएगी उस रेव पार्टी में , एक छोटी सी ड्रग्स डील भी सम्हाल नहीं पाए तुम सब किसी काम के

नहीं हो तुम सब ,बोलता हुआ ब्लैक मर्सेडीज़ में बैठकर मेयर हाउस की और चला जाता है ।

camera zoom out ,

मुंबई बैंडस्टैंड समुन्दर से सटा वो इलाका , जो दिन के उजालों में भले ही चकाचौंध में गुम रहता है , मगर हर रात की

एक अपनी दास्तान होती है , जांगिड़ की वो बिल्डिंग्स , जो कभी गिनी चुनी रिहायसी इलाकों में गिनी जाती थी , आज

खंडहरों में तब्दील हो चुकी हैं , अब इनमे कब्ज़ा है ड्रग डीलरों का जो पुलिस की रेड पड़ते ही , रात के अँधेरे में जाने कहाँ

से आते हैं और समंदर के रास्ते न जाने कहाँ गुम हो जाते हैं , और पुलिस के हत्थे पड़ते हैं , कॉलेज और स्कूल के मासूम

बच्चे , जिन्हे पहले ड्रग्स देकर ड्रग्स एडिक्ट बनाया जाता है फिर उनसे लम्बी रकम वसूली जाती है , और रकम न दे

पाने पर अपने ब्लड से कीमत चुकाता है ।

 

cut to police control room main branch ,

एक लम्बी चौड़ी मेज़ के चारों तरफ , पुलिस अधिकारियों को हिदायत देते हुए मेयर साहेब आजकल बड़ा खराब माहौल

चल रहा है शहर का क्या कर रहे तुम लोग , कुछ करो मुझे मेरे शहर में इस तरह की अव्यवस्था कतई बर्दास्त नहीं है ,

डी. जी . पी के काँधे पर अपने नुकीले नाखून घुमाता हुआ मेयर , बहुत बोल रहे थे न डी , जी . पी . तुम तुम्हारे आपस

बड़े क़ाबिल क़ाबिल अफसर हैं जो पल भर में एनकाउंटर करके मुजरिमो को गिरा देते हैं कहाँ हैं तुम्हारे एनकाउंटर

स्पेशलिस्ट , अरे कमिश्नर साहेब आप ही कुछ जोहर दिखाओ ये डी. जी. पी . तो बस का नाम का अवार्डेड है , इससे

कुछ नहीं होने वाला . इससे पहले जो डी. जी . पी था क्या हुआ आज तक उसकी लाश का भी पता नहीं चला उसकी

,नेक्स्ट मंथ न्यू ईयर पार्टी है , कोई झाम नहीं चाहिए मुझको , बड़े बड़े मिनिस्टर फ़िल्मी हस्तियां आ रही हैं , कुछ भी

गड़बड़ हुयी तो ऐसी जगह पटकूंगा तुम सबको , की बस नक्सलाइड्स को ढूढ़ते ही उमरे गुज़र जायेगी , बहुत मलाई उड़ा

रहे हो तुम सबके सब ,

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cut to dracula world ,

एक सूनसान बंगला रात का अँधेरा ,अँधेरे घर के अंदर फंसा एक इंसान बाहर से घर पर लगातार ताबड़तोड़ गोलियों की

बौछार चालू है , वो शख्स फोन पर १०० नंबर डॉयल कर रहा है जिस पर हर बार यही बताता है इस नंबर पर इस देश में

कोई सुविधा उपलब्ध नहीं है , वो शख्स सारी रात कुछ लाशों के साथ के साथ उसी बंगले में गुज़ार देता है , सुबह जब

जब फायरिंग बंद हो जाती है तब वो छत पर जाकर राहगीरों से पुलिस हेल्पलाइन का नंबर मांगता है सब उसे १०० नंबर

डायल करने को बोलते हैं , इतने में ही वो शख्स नींद से जाग उठता है , और एक भयानक चीख के साथ उसका महल

गूँज उठता है , वो शक्श कोई दूसरा नहीं वही समन्दर पर कार दौड़ाने वाला ड्रैकुला था ,

cut to ,

कॉलेज से लेकर स्कूल तक हर जगह बस न्यू ईयर पार्टी के जश्न की तैयारी चल रही है , सभी तैयारियों में लगे हुए हैं ,

वहीँ मेयर के कुछ चमचे स्कूल और कॉलेज के बच्चों को लुभाने में लगे हुए हैं , जिसके लिए मेयर के चमचों ने रईस

लड़कों और खूब सूरत लड़कियों के लुभावने रूप धारण किये हुए हैं , जिनका टारगेट हर वर्ग के लड़की लड़कों को न्यू ईयर

पार्टी में लेजाना था , जो की न्यू ईयर पार्टी कम ,रेव पार्टी ज़्यादा थी । सभी कॉलेजेस में न्यू ईयर पार्टी की धूम है ,

लगभग सभी लड़के लडकियां न्यू ईयर पार्टी जो मेयर ने ऑर्गनाइज़ की है उसमे जाना चाहते हैं , सभी को फ्री पासेज बांटे

जा रहे हैं ,

cut to ,

मेयर हाउस का एक डार्क रूम धुएं के छल्लों को काटता हुआ कैमरा सीधा मेयर के फेस पर ज़ूम इन होता है , एक ड्रग्स

की वो डोज जिसे लेते ही इंसान , नरपिशाच में तब्दील हो जाता है , अब मेयर धीरे धीरे नरपिशाच में तब्दील हो रहा है ,

उसे सिर्फ खून चाहिए इंसानो का ताज़ा खून , तभी दरवाज़े पर एक नॉक होती है एक सरकारी नौकर कुछ फाइल्स पर

दस्तख़त करवाने के लिए , मेयर के रूम के अंदर जाता है , मेयर का मुँह दीवाल की तरफ है , जैसे ही नौकर मेयर के

पास शाइन के लिए फाइल्स आगे बढ़ाता है , मेयर के पलटते ही डर जाता है , वो वापस भागने की नाकाम कोशिश करता

है , तभी मेयर उसकी गर्दन में दांत गड़ा देता है , और सारा खून पी जाता है । खून ख़त्म होते ही नौकर की बॉडी धड़ाम

से ज़मीन पर गिर जाती है , और नरपिशाच बना मेयर का चमचा उस बॉडी को खींचता हुआ और चमचों के लिए दूसरे

रूम की तरफ ले जाता है , बाकी नरपिशाच बने चमचों के चेहरे ख़ुशी से खिल जाते हैं , जैसे बरसों से भूखी आत्माओं को

दावत उड़ाने का मौका मिल गया हो , वो उस डेड बॉडी के पीछे तुरंत निकल लेते हैं ।

cut to mayer office,

मेयर ऑफिस का वो हाल जहां आज शहर के तमान आला अफसरान की उपस्थिति में न्यू ईयर पार्टी के लिए जगह

मुक़र्रर करने का प्लान बन रहा है , मगर मेयर के दिमाग में कुछ और ही खिचड़ी पक रही है , वो पूछता है क्या डी. जी.

पी. कहाँ पार्टी ऑर्गनाइज़ करने का इंतज़ाम किया है , डी. जी. पी. ने बोला सर ये तो कलेक्टर के अंडर की बात है वो

जगह दे हम पुलिस प्रोटेक्शन देंगे , मेयर बोलता है जब जगह कलेक्टर दे देगा तो तुम क्या बैठ के घांस छीलोगे

प्रोटेक्शन के लिए हमें तुम्हारी कोई ज़रुरत नही है , तुम बस एक काम करो हमारे कुछ ख़ास मेहमान पंजाब में रुके हैं

,उन्हें बस रत्नागिरी के जंगल तक ३१ दिसंबर को पंहुचा देना बांकी हम देख लेंगे ,कुछ ज़रूरी सामान लाये हैं हमारे मित्र

बस वही पहुँचाना है , डी. जी. पी. बोलता है सर सड़क के रास्ते तो रत्ना गिरी के जंगलों तक पहुंचना मुश्किल है , मेयर

बोलता है , वो सब इंतज़ाम हमारा है बस तुम साथ में रहना और उन्हें प्रोटेक्शन देना । तुमसे पहले जो डी.जी पी. था

उसका हाल तो सुना ही होगा ना आज तक पता नहीं चला उसका ज़मीन खा गयी की आस्मां निगल गया ।और हाँ ये

खबर तुम्हारे और मेरे अलावा किसी को पता नहीं चलनी चाहिए , डी. जी. पी. यस सर करता हुआ चला जाता है ।

cut to d.g.p. house ,

शाम का वक़्त डी. जी.पी . लॉन पर बैठा चाय पी रहा है , तभी बेटी सायरा बाजार से शोपिंग करके अपने फ्रेंड्स के साथ

आती है , हाय पापा करती है कर होने दोस्तों से मिलवाती है सभी फ्रेंड्स नमस्ते अंकल करते हैं और पास रखी कुर्सियों में

बैठ जाते हैं , डी.जी.पी, पूछता है , क्या है हाल चाल है तुम सबका कहाँ से आरहे हो और कहाँ जा रहे हो सब बताते हैं

न्यू ईयर की पार्टी है न कॉलेज के दोस्तों की बस उसी की तैयारी चल रही है , डी.जी.पी. का तभी फोन बजता है , वो

एक्सक्यूज़ मी करता हुआ फोन उठाता है और वहाँ से चला जाता है । सभी बच्चे अपनी मस्ती में मस्त हो जाते हैं ।

cut to ,

चारों तरफ से पहाड़ों से घिरा रत्ना गिरी का जंगल शाम ढल चुकी है स्कूल कॉलेजेस के बच्चे डी. जे. की धुन पर अपने

फेवरेट सेलिब्रिटी के साथ थिरकते हुए , और हैलिकॉप्टर से मेहमानो को हाईवे तक पहुंचाता डी.जी.पी . का क़ाफ़िला ,

पार्टी स्पॉट तक जाने की परमीशन डी.जी.पी. को भी नहीं थी , मेहमानो को जंगल से सटे हाईवे तक ड्राप करने के बाद

डी.जी. पी. वापस अपना रुख मुंबई की तरफ कर लेता है, मगर डी.जी.पी . के मन में ये बात खटकती है की जंगल के

बीचों बीच ऐसा क्या हो रहा है की मुझे भी जाने की परमीशनbनहीं है ।

cut to ,

समन्दर की लहरों को चीरती आज फिर एक तेज़ रफ़्तार कार बैंडस्टैंड की उसी बिल्डिंग की तरफ रुख़ करती है जहां

अक्सर ड्रग्स डील हुआ करती थी , मगर ड्रग्स डील वाली जगह को खाली पाकर कार के अंदर बैठा ड्रैकुला झल्ला जाता है

, उसे शक होता है ३१ दिसंबर की रात और सारे शहर में इतना सन्नाटा , ज़रूर कोई गड़बड़ है , वो कार को सीधा नार्मल

मोड में लाता है और खुद एक सामान्य इंसान का रूप धारण करके सीधा पुलिस हेड क्वॉर्टर पहुंच जाता है , वहाँ पुलिस

वालों के पास वायर लेस में डी.जी.पी. का मेसेज आता है , और वो तुरंत रत्नागिरी के जंगलों की तरफ निकल ही रहे होते

हैं , ड्रैकुला समझ जाता है , मामला कुछ गडबड़ है , शहर भर की ख़ामोशी का राज़ रत्ना गिरी के जंगलों में छुपा है ।

 

वो कार मुंबई की बिल्डिंग्स की छतों से उडाता हुआ सीधा रत्नागिरी के जंगलों से सटे हाईवे पर रोक देता है और जंगल के

भीतर से आरहे प्रकाश की तरफ कार को बेतहाशा दौड़ा देता है , और सीधा स्टेज पर खड़े मेयर की तरफ ड्रकुला बढ़ता है ,

तभी मेयर हँसता है आ गए डी.जी.पी. आखिर तुम्हे इस जगह का भी पता चल ही गया खैर कोई बात नहीं , इस ड्रैकुला

की लिबास में पूरे नौटंकी वाले लग रहे हो तुम अगर तुम्हे इसी तरह की ड्रामा कंपनी का नमूना बनना था, तो मरने की

क्या ज़रुरत थी मान जाते तुम मेरी बात आज मैं इंसानो के बीच छुपा वो नरपिशाच हूँ , जो कुछ भी कर सकता है , मैंने

ऑफर दिया था ना तुमको तुम भी मेरी तरफ मिल जाते तो आज अपने परिवार के साथ होते , बहुत अफसोश होता है

मुझे तुम्हारे परिवार के बारे मे सोचकर ख्वामख्वाह मरना पड़ा तुम्हारी बीवी बच्चों को एक ही बेटा था ना तुम्हारा सुना है

बहुत मन्नतों के बाद पैदा हुआ था बेचारा तरस आता है बेचारे की तकदीर पर जो तुम जैसे सेल्फिश बाप के घर पैदा हुआ

क्या कसूर था , तुम्हारी एक ज़िद की वजह से जान से जाना पड़ा बेचारे को ,

 

मेयर के इतना बोलते ही ड्रैकुला मेयर की गर्दन को अपने पंजों से जकड लेता है जिससे नुकीले नाखून मेयर के गर्दन में

अंदर तक धंस जाते हैं , और ड्रैकुला मेयर को हवा में उठा लेता है , तभी मेयर के चमचे नरपिशाच के रूप में आना सुरु

हो जाते हैं , और वो एक साथ ड्रैकुला पर हमला बोल देते हैं , तभी ड्रैकुला के वैम्पायर्स की फ़ौज भी वहाँ आ धमकती है ,

वो सुरु से ही ड्रैकुला का पीछा कर रही होती है , वो ड्रैकुला पर लिपटे नरपिशाचों को को नोच नोच कार खाना सुरु कार देते

हैं , ये सब भयानक दृश्य देखकर वहाँ मौजूद सभी सेलिब्रिटी और नेतागण वहां से भागने लगते हैं , मेयर के विदेशी

दोस्त भी भागने के लिए जैसे ही उड़ान भरते हैं वैम्पायर्स की फ़ौज हैलीकॉप्टर को पकड़ कर एक कोने में फेंक देते हैं ।

 

अब ड्रैकुला और नरपिशाच बना मेयर आमने सामने हैं , एक ज़बरदस्त युद्ध होता है दोनों में तभी आसमान से रेव पार्टी

वाली जगह पर पुलिस फायरिंग सुरु कर देती है, मेयर के सारे के सारे नरपिशाचों को गोलियों से भून डालते हैं , मगर

ड्रैकुला के वैम्पायर्स गोलियों से नहीं मरते हैं , वो तो पहले से ही डेड थे , वो तो बस आत्माएं थी जो भटक रही थी ,

पुलिस ज़मीन पर उतरती है नया डी.जी.पी. ड्रैकुला को वार्न करता है की मेयर को उसके हवाले कर दे वो उसे कानून के

मुताबिक सजा दिलाएगा , तभी ड्रैकुला बना पुराना डी.जी.पी. अपने असली इंसानी रूप में आजाता है , और नया वाला

डी. जी. पी. उसे पहचान जाता है , और एक सलाम ठोकता है और पूछता है सर आपकी ये हालत कैसे हुयी । ड्रैकुला बना

डी.जी.पी. बताता है ।

story in flash back ,

रात के अँधेरा डी.जी. पी . बंगला में तैनात सभी गार्ड्स का क़त्ल हो चुका है , डी. जी. पी . घर के अंदर घुसता है घर के

अंदर घुप अँधेरा है , वो मोबाइल की लाइट जलाता हुआ अंदर के कमरों की तरफ बढ़ता है फर्श पर उसके २० साल के बेटे

की खून से लथपथ लाश देख कर वो अवाक रह जाता है तभी एक कमरे से दर्द भरी कराहने की आवाज़ आती है वो उस

कमरे जाता है बेड पर बीवी खून से लथपथ दम तोड़ने ही वाली होती है , लेकिन डी.जी. पी को देखकर वो रो देती है

बोलती है ख़त्म हो गया सब कुछ , और बीवी दम तोड़ देती है , तभी घर के बाहर से अंधाधुंध फायरिंग होती है ,

डी.जी.पी. पुलिस कण्ट्रोल रूम फोन लगाता है , फोन पर कॉल बैक में आता है, आपके देश में इस नंबर पर कोई सुविधा

उपलब्ध नहीं है ,

 

सारा का सारा ट्रैप मेयर का था , डी. जी. पी. सुबह जब पड़ोसियों से पूछता है पुलिस हेल्पलाइन नंबर क्या है इस देश का

पडोसी बताते हैं १०० नंबर हैं सर , डी. जी. पी . समझ जाता है सब किया धरा मेयर का है , केस कोर्ट में जाता है बिना

सबूत बिना गवाह के मेयर साफ़ बच जाता है , फ़्रस्ट्रेशन में आकर डी.जी.पी. वर्सोवा बीच के किनारे देर रात बैठा कुछ

सोच ही रहा था की एक बूढा आदमी आता है , वो डी.जी.पी. के मन की बात जानता है , वो उसे कहता है दुश्मन जब

घिनोना हो तो उसके विनाश के लिए हमें भी घिनोना बनना पड़ता है , और डी.जी. पी, को ब्लड से भरा एक कटोरा पीने

के लिए देता है , जिसके बाद डी. जी. पी ड्रैकुला बन जाता है , और मेयर के खिलाफ एकतरफा जंग छेड़ देता है ।

cut to

तभी सामने खड़ा नरपिशाच बना मेयर ड्रैकुला के ऊपर एक बार फिर अटैक देता ड हैं, इस बार गुस्से से लाल होती ड्रैकुला

की आँखे मेयर को घूरती हैं और ड्रैकुला एक हाँथ से मेयर को पकड़ता है दूसरा हाँथ उसके पेट में घुसाकर अपने नुकीले

नाखूनों से पूरा ऊपर तक नरपिशाच बने मेयर को दो टुकड़ों में चीर देता है , और दोनों टुकड़ों को विपरीत दिशाओं में फेंक

देता है , पुलिस और नया वाला डी.जी.पी. खड़े देखते रह जाते हैं , तभी वहाँ खड़े वैम्पायर्स डरे सहमे बच्चों की तरफ

बढ़ते हैं , दो वोडका शॉट के बाद ड्रग्स की डोज़ दी जाने वाली थी जिससे बच्चे बेसुध थे , ड्रैकुला वैम्पायर्स को रोक देता है

, और वैम्पायर्स ड्रैकुला के पीछे दौड़ते हुए समंदर की लहरों में कहीं खो जाते हैं । तभी नए वाले डी.जी.पी. की बेटी सायरा

आकर उसके गले से लिपट जाती है और बोलती है सॉरी पापा हमें नहीं पता था की यहां ये सब होने वाला है , वो सायरा

को गले से लगा लेता है और बोलता है कोई बात नहीं मेरा बच्चा सब ठीक हो जायेगा , इसके साथ ही सभी बच्चों और

सेलेब्रिटीज़ को हिदायत देकर उनके घरों के लिए रवाना कर दिया जाता है ।

the end story finished ,

pix taken by google ,

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