ravana is still alive a true ghost horror story ,

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ravana is still alive a true ghost horror story ,
ravana is still alive a true ghost horror story ,

ravana is still alive a true ghost horror story ,

महीनो के रामलीला और दशहरे में रावण वध के बाद आखिर कार बुराई के ऊपर अच्छाई की जीत का द्योतक रावण

दहन संपन्न हुआ , सब अपने अपने घर जा चुके थे , मगर रामलीला मैदान में ऐसा कुछ घटित हो रहा था जो

अकल्पनीय था , रावण के जले हुए पुतले की राख के ढेर से एक अक्स उठता है और एक राक्षसी अट्टहास के साथ जाने

कहाँ विलुप्त हो जाता है ,

cut to ,

नगर का एक पांच सितारा होटल जहां सारा का सारा मंत्रिमंडल और सरकारी विभागों के आला अफसरान सुरा और सुंदरी

का लुत्फ़ उठा रहे हैं , उन्ही में से एक नेता ने बोला हमारे मंत्री जी ने तो पहले से इतनी चढ़ा रखी रही की , रावण के मरैं

के खातिर धनुष तक नहीं उठत रहौ , और जस तस के धनुष भी लौ ते प्रत्यंचा चढउतइ तड़ाक से टूट गओ, उस पर मंत्री

जी ने बोला , हो जाए करत है कबहूँ कबहूँ , का जब आप सत्ता में रहे कबहूँ नहीं भओ , हमने देखा है आपको टी . वी .

में आपको धोती तक जल गयी थी आपकी , अभी जो ये रावण की विषकन्याएं है न सुरा के साथ इनका लुत्फ़ उठाइये

बस , और का हुआ तोंदूमल थारे भतीजे का रे टी वी मा का दिखौता रहा ४ साल की बच्ची के रेप केस में फंस गया है

ससुरा , और कोई नहीं मिली ओहे,

 

तोंदूमल ने मुरझाये हुए मुँह से बोला मंत्री जी अब आपका ही सहारा है , बहुत किरकिरी हो रही है हमारी , बच्ची के माँ

बाप को बहुत समझाए मगर, मगर ये जो अपोज़ीशनवा के नेता हैं न ये मामला दबने ही नहीं दिए ससुरा संसद में लेकर

चले गए , मंत्री जी तुरतै तबाक से बोले कहो खत्री जी आपके एरिया से आपको नेक्स्ट एलेक्सनवा की टिकट नहीं चाहिए

का , और जो आपके एरिया से शराबवा का कलेक्शन आ रहा है न बहुतै कम है , और आप तोंदूमल को काहे परेशान कर

रहे हैं , अरे तोंदूमल का भतीजा हमारा भी बच्चा है मेटर को ख़तम करिये , खत्री जी ने मुँह खोलने से पहले पीकदान में

मुँह का पीक उगला , और बोले दारू वाला धंधा में हमने डी जी पी बोला था की , की कलेक्शन बढ़ाओ तो वो बोला ससुरा

ए सी पी नया है , डायरेक्ट भर्ती हुआ है , कुछ सुनता नहीं है , मंत्री जी ने तबाक से बोला भगाओ ससुरे को , बहुत बड़ा

सत्यवादी हरिश्चंद्र बन रहा हो तो , कोई दलित पिछड़े तबके का ऑफिसर लाओ जो की हमारी सुने और थोड़ा डरे भी ,

हमें गुलाम चाहिए , सत्य अहिंसा का पाठ पढ़ाने वाला नहीं सिर्फ सुनने वाला , भाषण देना हमारा काम है , इन दो टके

के ससुरा मुंसी दरोगवा का थोड़े न है , तुरंत बदली करो ससुरे की , एह धुर्वे जी का ग्लास खाली हो रहो है का कर रहे हो

ससुरों शराब डालो इनके गिलास में , आदिम जाती कल्याण विभाग के प्रमुख हैं धुर्वे जी , धुर्वे जी थोड़ा हिचकिचाते हुए ,

मंत्री जी समझाते हैं ससुरा सारा के सारा आदिवासी पिछड़ा वर्ग का वोट बैंक तो आपके कब्ज़े में है न , पीजिये शुद्ध

अंग्रेजी है , जंगल में कहाँ मिलती थी पहले महुआ के अलावा लेकिन हमारे धुर्वे जी के ख़ास रिक्वेस्ट पर देशी के साथ

विदेशी भी मिलने की व्यवस्था करवा दई, धुर्वे जी बेहद खुश हुए उन्हें लगा जैसे दारू के दो पैग नहीं स्वर्ग का अमृत मिल

गया है ।

 

इतना बोलना था की धुर्वे के बाजू में बैठे , यातायात प्रमुख पर मंत्री जी की नज़र पड़ ही गयी , भाई वाह मिश्रा जी आप

तो यहां छुपे बैठे हैं , सारे मंत्रिमंडल में आपै एक ब्राह्मण नेता बचे हैं , और हम नहीं चाहते की आप भी इस मंत्रिमंडल से

रफूचक्कर हो जाएँ , कृपया अकेले ही अकेले हेल्मेट वसूली का पैसा न उड़ाए इलेक्शन सर पर हैं और आप आम जनता से

हेलमेट वसूली कर रहे हैं , का इफेक्ट पड़ेगा जनता के बीच में हमारा , एकउ तो बड़ा ट्रकवा पकड़ा नहीं गया आपसे ,

आप क्या चाहते हैं हम इलेक्शनवा हार जाएँ , अब हम कुछ नहीं सुनना चाहते हैं जो भी खनिज उत्खनन का माल बटोरे

हैं न आप भदौरिया साहेब के साथ मिलके , ससुरी रेत १५,००० से ५०,००० रुपये ट्रक हो गयी , और हमें वही हफ्ते का

थोड़ा बहुत कम से कम दस , दस हज़ार करोड़ का फण्ड चाहिए पार्टी के लिए दोनों विभाग के नेताओं से , मिश्रा जी और

भदौरिया जी दोनों ने हामी में सर हिलाया और सारी ग्लास की शराब एक झटके में गटक गए ,

ये सब हरकतें उन सबके पास मौजूद अक्स देख कर मुस्कुरा रहा था , आखिर कार दशहरे की रात का जश्न ख़त्म हुआ ,

सुबह का सूरज आसमान पर चढ़ चुका था , सभी नेताओं और अधिकारीयों की गाड़ियां उनके बंगलों की तरफ रवाना हो

गयी ।।

cut to ,

मंत्री ने दरवाजे में दस्तक दी , पत्नी आगबबूला हो उठी सारी रात मैं आपका इंतज़ार करती रही और आप अब आये हैं वो

भी शराब पीकर के , रावण का वध करने गए थे या खुद रावण बनने  , मंत्री जी ने बात को अनदेखा किया और बैडरूम

में जाकर बेड पर धड़ाम से जा गिरे । विनाश काले विपरीत बुद्धि कहते हुए मंत्री जी की पत्नी ने दरवाज़ा बंद कर दिया ।

 

शाम के ७ बज चुके थे . सारा का सारा मंत्रिमंडल मंत्री जी के ड्राइंग रूम की शोभा बढ़ा रहा था की , तभी मंत्री जी शराब

का जाम लिए लड़खड़ाते हुए हाल में दाखिल होते हैं , मीडिया खुद को जनता का सेवक कहने वाले का ये हाल देखकर

हतप्रभ रह जाती है , मगर उन सबके बीच एक ऐसा अक्स भी है जो दीवाल पर टंगा मंत्री जी की हरकतों को देखकर

मुस्कुरा रहा था , मंत्री जी अपने छुटपुँजिया नेताओं को आदेश पर आदेश दिए जा रहे थे , बिना इस बात पर गौर किये

की उनके हाँथ में शराब का ग्लास मीडिया में उनकी खराब छवि दिखायेगा , तभी मंत्री जी खुद ही बोल पड़े , ये हाँथ में

शराब की ग्लास है वो कल रात की उतरी नहीं थी बस उसी को उतारने के लिए दो पैग लगा लिया था , मंत्री जी की ज़बान

लड़खड़ा रही थी खुद को भी सम्हाल नहीं पा रहे थे ।

 

एक बार फिर मंत्री जी अंदर गए और चुपचाप जाकर सो गए , उनकी पत्नी से सबसे हाँथ जोड़कर माफ़ी मांगी । सब

निराश होकर वहाँ से चले गए , मगर वो अक्स अब भी मंत्री जी के रूम में मौजूद था और उसकी मौजूदगी माहौल को

बहुत भयावह बना रही थी , रात गुज़री मंत्री जी किसी तरह दोपहर के १० बजे सोकर उठे , मंत्री जी ने नहा धोकर आईने

के सामने कंघी करने के लिए खड़े हुए ही थे की , सामने उन्हें अपनी शक्ल का दस सिरों वाला रावण दिखा जो उन्हें

देखकर हंस रहा था , मंत्री जी ने अपने चेहरे को छुआ सब कुछ ठीक ठाक लगा उन्हें , संतुष्टि के बाद वो बाहर निकल

गए बीवी उनकी आवाज़ देती ही रह गयी उन्होंने एक न सुनी , ड्राइवर गाडी लगाया मंत्री जी सीधा बैठ के मंत्रालय पहुंच

गए ।

दिन भर के क्रिया कलाप के बाद , मंत्री जी शराब के नशे में चूर रात के तकरीबन ११ बजे घर पहुंचे पत्नी ने दरवाज़ा

खोला , मंत्री जी ने पुछा सोयी नहीं तुम पत्नी ने कहा आप के लिए खाना लगा दिया है चल के खा लीजिये , तभी मंत्री

की बेटी जो लगभग ८ साल की है आके मंत्री जी से लिपट जाती है और लाड़ से इनाम दिखाते हुए बोलती है पापा ये

देखिये आज मेरे स्कूल ड्राइंग कम्पटीशन था मैंने फर्स्ट प्राइज जीता , मंत्री जी बोलते हैं कमाल है हमारी बिटिया ने तो

कमाल कर दिया , मगर हमारे सुपुत्र साहेब कहां है , बेटी वहाँ से चली जाती है , मंत्री जी की पत्नी बोलती है घूम रहा

होगा कहीं दोस्तों के साथ आवारागर्दी करते , नेता जी बड़बड़ाते हुए कमरे की ओर बढ़ते हैं क्या होगा आजकल के बच्चों

का भगवान् ही मालिक है , पत्नी पीछे से आवाज़ देती है खाना तो खा लीजिये मंत्री जी अनसुना करते हुए जाकर बेड पर

लेट जाते हैं जाने कब सुबह होती है पता ही नहीं चलता , मंत्री जी उठते हैं तभी उनके फोन की रिंग बजती है ,

 

मंत्री जी फोन उठाते हैं और कहते हैं का हुआ रे तोंदूमल , काहे सुबह सुबह डिस्टर्ब कर रहा है बुड़बक सोने काहे नहीं देता

तोंदूमल बोलता है साहेब आज पेसी है मेरे भतीजे की , मंत्री जी पूछते हैं का हो गया ओखा , तोंदूमल जवाब देता है बताये

रहे न आपको , ४ साल की बच्ची का रेप कर दिया था ससुरा नेता जी बोले , तो का चाहते हो तुम तोंदूमल बोलता है

बच्ची के परिवार वाले कोर्ट न पहुंचे बस , मंत्री जी बोलते हैं नहीं पहुचेगे बस , अब खुश और मंत्री जी फोन काट कर

अपने पाले गुंडे करिया को फोन लगाते हैं , और बच्ची के परिवार वालो को जान से मारने का आदेश सुना देते हैं , उनकी

ये सब बातें सुनकर उनकी पत्नी आगबबूला हो जाती है और चिल्लाती है नेता जी पर,  क्यों जी आप इतने नीच हो गए

हो की अब बलात्कारियो का भी साथ देने लग गए , मंत्री जी हँसते हुए बोलते हैं पगली सियासत है , राजनीती में सब

चलता है छोटे मोटे दांव तो लगाने ही पड़ते हैं न , अब तोंदूमल का हम साथ नहीं देंगे तो भला कौन देगा , पत्नी गुस्से में

फिर बोलती है सारे जहां की प्रॉब्लम का जिम्मा लेकर रखे हो , और खुद का लड़का कहां रहता है तनिक खबर है का

तुमको , मंत्री जी पूछते हैं का हुआ उसको , अभी ३ दिन पहले ही तो मिला था , हमसे दोस्तों के साथ पार्टी में जाने के

लिए पैसे मांग रहा था , तभी पत्नी बोल पड़ती है जितना पैसा मांगता है ऐसे ही देते रहा करिये , लड़का हाँथ से निकला

जा रहा है ,

 

तभी फोन पर रिंग बजती है मंत्री जी फोन उठाते हैं कोई खबर देता है , की मंत्री जी आपके बेटे का कार एक्सीडेंट हो गया

वो सीरियस है और हस्पताल में एडमिट है , उसके बचने की उम्मीद खत्म है , मंत्री जी पत्नी के साथ तुरंत हॉस्पिटल

पहुंचते हैं , जहां उन्हें पता चलता है की उनके बेटे की मौत हो गयी है , उनकी पत्नी ये सदमा बर्दास्त नहीं कर पाती है

और पागलों सी हरकते करने लगती है ,

 

वो मंत्री से कहती है मुझे मेरा बेटा वापस लाकर दो , सब आपके कुकर्मों का नतीजा है , मंत्री जी पत्नी को शांत करवाते हैं

, तभी फोन पर रिंग बजती है , तोंदूमल बोलता है धन्यवाद मंत्री जी बच्ची के परिवार वालों में से कोई नहीं पहुंच पाया

कोर्ट मेरा भतीजा बच जायेगा मंडे को जमानत हो जाएगी उसकी , मंत्री जी बोलते हैं मेरा बेटा मर गया है तुझे अपने

भतीजे की पड़ी है अच्छा सुन हमारे मुन्ना की मौत हो गयी है , इसे ऐसा फैलाओ की हत्या का मामला लगे हम चाहते हैं

, एलेक्शनवा हमारे हाँथ से न जाने पाए हम हमारी औलाद की मौत का दुःख बर्दास्त कर लेंगे मगर चुनाव में हार हमारे

बर्दास्त के बाहर है , तोंदूमल बोलता है न्यूज़ चैनल में ये न्यूज़ चलवा दे का की मंत्री जी के लड़के का मर्डर विपक्ष वालों

ने करवाया है । मंत्री जी बोलते हैं कछु करो सब हमै बतायेगे का , ये सब हरकतें देखकर मंत्री जी के साथ खड़ा अक्स

मुस्कुरा देता है । तभी न्यूज़ चैनल में खबर चलने लगती है , मंत्री जी के बेटे की हत्या, जिसमे विपक्ष का हाँथ होना

बताया जा रहा है ।

cut to seen change ,

हाल खचाखच भीड़ से भरा हुआ है लोग मंत्रीजी और उनकी पत्नी को सांत्वना दे दे कर जा रहे हैं , लगभग सभी जा चुके

थे , तभी एक खड़ाऊँ पहने योगी का प्रवेश होता है जो की बाबा गोरखनाथ का अनन्य भक्त है , सभी दंडवत योगी के

चरणों में गिर पड़ते हैं , तभी योगी बोलता है , यहां कोई दुष्ट आत्मा भी है तुम सबके साथ जो की तुम सबका अनिष्ट

करवा रही है, सभी आश्चर्य में पड़ जाते हैं , मंत्री जी की पत्नी योगी को सारी घटना विस्तार से बताती है , और उसकी

बात सुनकर योगी बहुत क्रोधित हो जाता है ।

और वहाँ से चला जाता है , मंत्री जी और उनके मंत्रिमण्डल के कान पर जूँ तक नहीं रेंगती है , योगी हिमालय जाकर

बाबा गोरखनाथ को सारा वृत्तांत सुनाता है , बाबा उसकी बात समझ जाते हैं आखिर मामला क्या है , वो मंत्री को फ़ौरन

हाज़िर होने का आदेश सुना देते हैं , मंत्री जी पत्नी के साथ रवाना होने ही वाले होते हैं की उनकी बेटी की तबीयत

अचानक से खराब हो जाती है , बेटी को हस्पताल में भर्ती करवाना पड़ता है जांच में निकलता है की उसके ह्रदय में छेद

है, तुरंत उसका ऑपरेशन करवाना पड़ेगा , हो सकता है उसका ह्रदय भी बदलना पड़ जाए ,

 

डॉक्टर से मंत्री जी मिलते हैं , हार्ट ट्रांसप्लांट की व्यवस्था है आपके पास , डॉक्टर बोलता है , एक रेप केस आया है ४

साल की बच्ची का हालत नाज़ुक है मगर हृदय बराबर काम कर रहा है , शायद ही वो बचे , मंत्री जी कुछ नहीं बोलते हैं ,

तभी मंत्री जी को आदेश मिलता है , बाबा गोरखनाथ ने आपको अभी बुलाया है मंत्री जी डॉक्टर को समझाते हुए कहते हैं

की अपने हिसाब से देख लो , और अपनी पत्नी के साथ बाबा गोरख नाथ से मिलने हेलीकॉप्टर से रवाना हो जाते हैं ,

मगर बाबा गोरख नाथ जिस कंदरा में रहते थे वहाँ तक हेलीकॉप्टर का पहुंचना संभव नहीं था , नेता जी ने पैदल ही

चलने का निर्णय लिया ,

मंत्री जी पैदल आगे बढे जा रहे थे अपने लावलश्कर के साथ , मगर जैसे ही वो बाबा गोरख नाथ के प्रतिबंधित क्षेत्र में

पहुंचते हैं उनके साथ हरदम चलने वाला साया हड़बड़ा जाता है ,

मंत्री जी अंदर पहुंचते है , बाबा गोरखनाथ मंत्री को देखते ही आगबबूला हो जाते हैं , बोलते हैं किसको साथ लेके आया है

तू तेरा विनाश करके रहेगा ये राक्षस , मंत्री बोलता है मैं तो अकेला हूँ बाकी सब बाहर हैं , गोरखनाथ बोलते हैं मैं उसी के

बारे में बात कर रहा हूँ जो तेरे साथ साथ आया था मगर यहां अंदर घुसने की हिम्मत नहीं पड़ी उसकी , तू एक बात बता

किसका अंतिम संस्कार किया था तूने अपने पुत्र की मौत के पहले , मंत्री ने बोला किसी का नहीं , गोरखनाथ ने बोला

झूठ मत बोल रावण का वध किया था न तूने अपने मंत्रिमंडल के साथ तुझे पता है सत्य सनातन धर्म में देह के अंतिम

संस्कार के बाद उसका क्रिया करम किया जाता है ये पिंड दान होता है उसका श्राद्ध मनाई जाती है , तब कहीं जाकर जीव

मोक्ष पाता है , रावण तभी तो नहीं मर रहा है आज तक युगों से ज़िंदा है और तुम जैसे मूर्खों ने उसे ज़िंदा करके रखा हुआ

है , रावण खुद का विनाश तो करता ही है साथ ही उसके दायरे में जितने भी लोग आते हैं उनको भी नहीं छोड़ता है ,

 

मंत्री जी बोलते हैं अब जाते ही सभी संस्कार पूरे करूँगा , बाबा गोरखनाथ मंत्री को बोलते हैं की अब तुम्हे लौटने की कोई

ज़रुरत नहीं तुम यहीं गुफा में रहो मंत्री जी बोलते हैं मेरी बेटी सीरियस है हॉस्पिटल में एडमिट है ऑपेरशन होना है उसका

ह्रदय में छेद है , बाबा गोरखनाथ ने बोला देख रहा हूँ मैं कुछ नहीं होगा उसे , मैं पहले तुम्हारा शुद्धिकरण करूँगा तुम यहीं

रुको , यही से कर्मकांड की सारी प्रक्रियाएं पूरी होगी , बाबा गोरखनाथ मंत्री जी का शुद्धिकरण अपने हांथों से करवाते हैं ,

और मंत्री को आदेश देते हैं सारे गोरख धंधे और बुरे काम बंद करो फ़र्ज़ी आदेश रद्द करो , यहां मेरे साथ सादगी पूर्ण

जीवन जियो और हाँ वो ४ साल की बच्ची के रेपिस्ट को बचा रहा था तू उसे मरने दे , मंत्रीजी बाबा गोरखनाथ के बताये

हर उपाय को उनका आदेश समझकर पालन करता है , धीरे धीरे मंत्री जी की बेटी भी ठीक हो जाती है , उधर रेप पीड़िता

बच्ची भी ठीक हो जाती है , तोंदूमल के भतीजे को जेल हो जाती है , और फांसी की सजा हो जाती है , गुफा के बाहर

रावण की भटकती आत्मा भी थकहारकर खुद बा खुद भाग जाती है , धीरे धीरे मंत्रीजी के ऊपर रावण की कुदृष्टि का

असर कम हो जाता है । और मंत्री जी कुशासन को फिर से सुशासन के ढर्रे में ले आते हैं ।

sachi bhutiya kahani,

the end

pix taken by google ,

 

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