जिस्म के फ़फ़ोलों को जिगर में छुपा रहा है alfaaz shayari ,

जिस्म के फ़फ़ोलों को जिगर में छुपा रहा है alfaaz shayari ,

0
994
जिस्म के फ़फ़ोलों को जिगर में छुपा रहा है alfaaz shayari ,
जिस्म के फ़फ़ोलों को जिगर में छुपा रहा है alfaaz shayari ,

जिस्म के फ़फ़ोलों को जिगर में छुपा रहा है alfaaz shayari,

जिस्म के फ़फ़ोलों को जिगर में छुपा रहा है ,

चाक दामन में अस्मत बचा रहा है ।

 

लाख ग़म के अँधेरे हों शहर भर के गली कूचों में ,

दिलों में जज़्बा ए इश्क़ की रोशनी को जलाये रखना ।

 

वर्क़ ए रानाइयाँ ग़ुलों पर मख़मली चादर ,

खिजां ए मौसम में कोई कैसे बनावटी मुस्कान तामीर करे ।

 

ठेकेदारों को इज़्ज़त की परवाह नहीं ,

वो तो मज़दूर ही सोचता है अधबिलोरा कारोबार है सामान उठाऊँ कैसे ।

 

लाव लश्कर और रसद की बेशुमारी में ,

शहर ए आदम की इज़्ज़त गयी भड़सारी में ।

 

ग़र नज़र ए करम हो तो रुख से पर्दा हटा दूं ,

इज़्ज़त दारों की शोहरतों पर सवाल उठा दूं ।

 

दरूं ए इश्क़ से फुरसत नहीं मिलती ग़ालिब ,

अच्छे खासे कारोबारी को लोग कहते हैं बेरोज़गार पड़ा है ।

 

इश्क़ ए कारोबारियों को लोग तवजज्जो क्या देने लगे ,

राह चलते मुशाफिर भी आशिक़ी में पागल होने लगे ।

bewafa shayari 

मज़लूम और मुफ़लिश की इज़्ज़त सरे राह रोज़ लुटना ,

ये बस मैं नहीं कहता ये दस्तूर ए ज़माना का है चलन ।

 

जाने किस महफ़िल ए रानाई की खातिर ,

दिन तनहा रातें उदास रहती है ।

सज़र के ज़र्द पत्तों का मौसम ए रानाई से वास्ता कैसा ,

हवा के रुख पर ही हरदम बड़े मदहोश रहते हैं ।

 

एक ख़लिश सी है सूरज की सख़्त किरणों से ,

गोया कड़ी धूप में हसीं चेहरों पर नक़ाब ए बंद रहता है ।

 

खामियाज़ा ए इश्क़ ये हुआ महफ़िल ए रानाइयां दमकी ,

हसीं चेहरों की सोहरत में चाँद तारे भी दाग़दार हुए ।

 

देखा मिजाज़ ए गुल और जश्न ए वादी ए बहार ,

उनके क़दम के रुख से तबीयत ए रानाइयाँ बदल गयीं ।

 

सफ़ेद पोश सियासियों के काले कारनामे ,

दिन के उजाले में अस्मत ए वतन भी बेंच देते हैं ।

dard shayari 

नक़ाब काला हो या सुफेद,

बन्दे की नीयत साफ़ होनी चाहिए ।

pix taken by google

Download WordPress Themes Free
Download Premium WordPress Themes Free
Premium WordPress Themes Download
Download WordPress Themes
udemy course download free
download mobile firmware
Free Download WordPress Themes
ZG93bmxvYWQgbHluZGEgY291cnNlIGZyZWU=

NO COMMENTS