बड़े नाज़ुक से दिल में बड़े नाज़ुक ख़्याल रखते हैं Alfaaz shayari,

0
621
बड़े नाज़ुक से दिल में बड़े नाज़ुक ख़्याल रखते हैं Alfaaz shayari,
बड़े नाज़ुक से दिल में बड़े नाज़ुक ख़्याल रखते हैं Alfaaz shayari,

बड़े नाज़ुक से दिल में बड़े नाज़ुक ख़्याल रखते हैं Alfaaz shayari,

बड़े नाज़ुक से दिल में बड़े नाज़ुक ख़्याल रखते हैं ,

गुफ़्तगू किसी से करें नज़र हम पर ही ख़ास रखते हैं ।

 

मेरा इश्क़ जुनून बन गया है अब ,

सारी क़ायनात के ख़ुदाओं से बग़ावत होगी ।

 

राह ए उल्फ़त एक जुनून है मयस्सर ,

जो सबका जीना मुहाल करती है ।

dosti shayari 

ज़रुरत पड़ी प्यार का नाम लिया मेहबूब बनाया छोड़ दिया ,

मोहब्बत भी कोई कारोबार है क्या ज़माने को ख्वामख्वाह बेरोज़गार किया ।

 

चाँद से क्या मोहब्बत करते हो मोहसिन ,

ये तो खुद औरों का मेहबूब बना फिरता है ।

 

अज़ीब ज़माने का दस्तूर है मोहब्बत जिसे कहते हैं ,

तबाह होते हैं इश्क़ में फिर भी बस मेहबूब ए खुदा का नाम लेते हैं।

 

कहीं जश्न है कहीं जश्न ए तन्हाई ,

कहीं ख़ुशी के आँसू छलके किसी के आँसुओं के दीपक से दिवाली मनाई ।

 

नादाँ न समझ वो इतना है , बस दिल ही जलाया था हमने ,

वो आया आके बुझा गया और बोला हमसे दिवाली है सारे पटाखे हम दिन में नहीं फोड़ेंगे ।

 

होली में रंग नहीं दिवाली में रोशनी कहाँ ,

बिन तेरे सबकुछ बेनूर है ,

ये समझती कब है संगदिल दुनिया यहाँ ।

 

दिवाली भी कभी ख़ुशनुमा सी थी अपनी ,

वो गया साथ चरागों की रोशनी भी बुझाता गया ।

 

बुझते सुलगते दीप टिमटिमाते भभकते दीप ,

रौशन करे घरौंदे खुद अपने बुझा के दीप ।

 

खामियां गिनाऊँ तो गिनाऊँ कैसे , एक तो हरदम गुस्से से फूले गाल ,

उसपे होंठ लाल लाल , आँखें भी सुर्ख बाघ सी वहशत भरी हुयी ।

 

बेज़ार हुआ हाल मोहब्बत में जनाब का , टंगड़ी दबाई इसने कोई गुर्दा ले उड़ा ,

आशिक़ी का कबाब देख सबने थोड़ा थोड़ा ज़ौक़ ए ज़ायक़ा चखा।

 

माना की तेरे प्यार में बदनाम हो गया ,

बस दिल ही गुनहगार नहीं आँखों को भी मुक़म्मल मिले सज़ा

funny shayari 

दिल में है जो गुमनाम सा कसकता क्यों है ,

है नहीं अपना फिर अपना सा लगता क्यों है ।

pix taken by google