candy floss ghost story in hindi for child,

On: July 5, 2026 3:14 PM
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ठण्ड का मौसम है चारों तरफ बर्फ जम चुकी है , वहीँ बर्फ की आँधियों में फंसी एक बची अनजान पहाड़ी की तरफ

ऊंचाइयों में बढ़ी जा रही है , और बोल रही है कोई है यहां पर प्लीज़ जवाब दीजिये , तभी उसे सामने एक बुढ़िया के सर

आकार की गुफा दिखाई देती है , जिस पर कैंडी फ्लॉस के बाल लगे हुए हैं , तभी वो बच्ची उस के मुँह में बुढ़िया के बाल

को देख कर पानी आ जाता है , वो दौड़ कर बुढ़िया के बाल की तरफ बढ़ती है , तभी उस गुफा का दरवाज़ा खुल जाता है

जिससे एक भयानक हाँथ बाहर निकलता है , और उस बच्ची को अंदर खींच लेता है ।

cut to ,

तभी गुड्डी की माँ कम्बल खींच देती है और बोलती है उठो आज संडे है इसका मतलब ये नहीं की तुम ९ बजे तक

सोओगी चलो जल्दी करो आज एस्सेल वर्ल्ड भी जाना है न घूमने , एस्सेल वर्ल्ड के नाम से गुड्डी तुरंत उठ बैठती है ,

और अपने सिरहाने पर लगी अपने दादा दादी को फोटो से बाय करती हुयी बाहर निकल जाती है, दादा दादी की मुस्कुराती

तस्वीर खिलखिला उठती है , इधर गुड्डी के पापा गाड़ी बाहर निकाल चुके हैं , गुड्डी ने भी गाड़ी की पिछली सीट पर

अपने टेडी के साथ जगह बना ली है , गुड्डी लगभग ६ साल की बच्ची है , उसे अस्थमा की शिकायत रहती है जिसके

चलते डॉक्टर ने उसे मीठी चीज़ों और ठण्ड से बचने की सलाह दे रखी है , मगर गुड्डी अभी बच्ची है लाख समझाने के

बावजूद भी वो ठंडा मीठा खाती ही रहती है , जिसके चलते अक्सर वो बीमार हो जाती है , और कभी कभी तो इतनी

सीरियस हो जाती है की उसकी जान तक खतरे में पड़ जाती है ।

 

cut to assel world ,

 

गुड्डी अपने परिवार के साथ एस्सेल वर्ल्ड के अंदर पहुंच चुकी है सभी ने हवाई झूला आइस स्केटिंग की कुछ स्नैक्स भी

खाये मगर गुड्डी अभी बेचैन थी , जाने उसे किस चीज़ का इंतज़ार था , शायद कैंडी फ्लॉस (बुढ़िया के बाल) का जो रह

रह कर गुड्डी का मन ललचा रहे थे , सभी डांस फ्लोर में नाचने में मस्त हैं मगर गुड्डी अभी भी कैंडी फ्लॉस की तलाश

में है , तभी गुड्डी घूमते घूमते पार्क के उस कोने में पहुंच जाती है , जहां बहुत कम ही लोग जाते हैं , ये भूल भुलैया का

एरिया है जहां एक बार घुस जाओ तो बाहर निकलना बिल्कुल भी आसान नहीं है , तभी एक बुढ़िया हाँथ में ढेर सारे कैंडी

फ्लॉस लिए हुए गुड्डी को भूल भुलैया के अंदर बुला लेती है , और कैंडी फ्लॉस की लालच में गुड्डी उस बुढ़िया के पीछे

पीछे भूल भुलैया के अंदर चली जाती है , इधर सारा परिवार गुड्डी के खो जाने पर हैरान हो जाता है वो सारा पार्क छान

मारते हैं , तब कहीं गुड्डी बेहोशी की हालत में भूल भुलैया के अंदर मिलती है , गुड्डी को फ़ौरन हॉस्पिटल के आई. सी.

यू. में एडमिट किया जाता है , गुड्डी की हालत गंभीर हो रही है , लग भग २४ घंटे हो चुके हैं मगर गुड्डी की हालात में

कोई सुधार नहीं है ,

 

cut to ,

तभी रात के करीब २ बजे गुड्डी की अचानक आँख खुलती है , उसकी माँ बाजू के बेड पर गहरी नींद में सो रही थी ,

गुड्डी को वाश रूम से किसी के पुकारने की आवाज़ सुनायी देती है , और हल्का सा दरवाज़ा खुलता है जिसमे से एक हाँथ

कैंडी फ्लॉस लिया हुआ गुड्डी को अंदर की तरफ बुलाता है , गुड्डी अंदर चली जाती है , और कैंडी फ्लॉस (बुढ़िया के बाल

) को छूते ही सीधा , कैंडी फ्लॉस से बनी गुफा के अंदर पहुंच जाती है , जहां छत पर लटकते तारों की जगमगाहट के बीच

ऐसा प्रतीत होता है जैसे बच्चों के लिए जन्नत है तो बस यहीं है ,

 

वहीँ डरी सहमी सी गुड्डी गुफा के अंदर चली जा रही है , फिर अचानक वो एक बहुत बड़े हाल में पहुंच जाती है , हाल

आइस क्रीम कैंडी चॉक्लेट्स और कैंडी फ्लॉस से भरा हुआ है , ये सब देखकर गुड्डी की जीभ लपलपा जाती है उसके मुँह

में पानी आ जाता है , वो एक कैंडी फ्लॉस हाँथ में उठाती ही है की तभी उसे पीछे से कोई आवाज़ देता है मत उठाओ इसे

गुड्डी पलटती है , तभी उसकी नज़र हाल के एक कोने में बने क़ैदख़ाने पर पड़ती है जहां बहुत सारे बच्चे क़ैद हैं , गुड्डी

से उन बच्चों का रोना बिलखना देखा नहीं जाता है गुड्डी उनके पास जाती है गुड्डी पूछती है क्या हुआ तुम सबको वो

कुछ नहीं बोलते हैं तभी उनमे से एक सड़े हुए काले काले दांत वाला बच्चा बोलता है , मेली बहुत आदत खलाब थी

चॉकलेट्स खाने की मैंने मम्मी दादी की बात नहीं मानी न आज इसीलिए यहां हूँ ,

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तभी उन सब बच्चों की भीड़ को किनारे करती हुयी ४ साल की चुटकी निकल कर सामने आती है जिसने बड़े बड़े पावर

वाला चस्मा लगाया हुआ है , और वो अचानक से कुछ बोलना चाहती है तो सारे बच्चे उसकी बात पर हंस देते हैं और एक

साथ बोल पड़ते हैं तभी डॉक्टर ने कहा था की हेल्थी फ़ूड खाओ मगर ये नहीं खाती थी जिसकी वजह से चुटकी आज यहां

इस क़ैद में है , इसी तरह सभी बच्चों ने अपनी अपनी प्रॉब्लम्स सुनायी जिसे सुनकर गुड्डी हैरान रह गयी , तभी सभी

बच्चे अचानक से खामोश हो जाते हैं , गुड्डी समझ जाती है कुछ गड़बड़ है वो जाकर एक कैंडी फ्लॉस से बने कैन के पीछे

चुप जाती है , हॉल के बीचो बीच रखे सोफे पर आकर एक डायन बुढ़िया बैठ जाती है , और ज़ोर की भयानक हंसी से हॉल

गूँज जाता है , उसके हाँथ में कैंडी फ्लॉस है वो गुड्डी को आवाज़ लगाती है आज नया मेहमान आया है , हमारे महल में

क्यों छुप रही हो गुड्डी डरो मत ये सब तुम्हारे लिए ही है , तभी गुड्डी बिना डरे डायन के सामने आजाती है गुड्डी की

सिट्टी पित्ती गुल है फिर भी गुड्डी डर को भीतर ही भीतर दबा देती है , डायन उसकी तरफ कैंडी फ्लॉस बढाती है गुड्डी

कैंडी फ्लॉस ले लेती है डायन गुड्डी को अपनी गोदbमें बिठा लेती है , गुड्डी बड़े आराम से कैंडी फ्लॉस खाना सुरु कर देती

है , डायन गुड्डी के सर पर हाँथ फेरती है , और बोलती है मेरा बच्चा कैसा है गुड्डी तपाक से बोल पड़ती है अच्छी हूँ

नानी डायन चौंक जाती है , इतनी पिद्दी से बच्ची में इतनी हिम्मत की वो उसे नानी बोल दे उसकी आँखों से आंसू का एक

बूँद टपक कर गुड्डी के ऊपर गिर जाता है , और चाहकर भी डायन अपने आंसू को गुड्डी के ऊपर गिरने से रोक नहीं

पाती है , अब चाहकर भी डायन गुड्डी को नुकशान नहीं पंहुचा सकती है , वो गुड्डी को गोद से उठा देती है और बोलती है

मैं किसी की नानी वानी नहीं हूँ , गुड्डी चिल्लाकर बोलती है आप नानी हो मम्मी कहती है रात में दूध पीकर सो जाया

करो तो नानी आएगी ख्वाब में कैंडी फ्लॉस और चॉक्लेट्स लेकर , तो आप नानी ही हो न ,और गुड्डी डायन से एक बार

फिर लिपट जाती है ,

तभी एक चुड़ैल नौकरानी दौड़ी दौडी आती है , और डायन के सामने सर झुकाकर बड़े अदब से बोलती है गुस्ताखी माफ़ हो

मल्लिका ए जहन्नुम जादूगर चुमान्जो का आदेश है की जिन जिन बच्चों के दांत सड़े हैं उन्हें पहले प्रयोगशाला में भेजा

जाए ताकि उनकी आत्मा को एक बोतल में बंद कर जादूगर चुमान्जो असीम ताक़त का मालिक बन जाए , तभी बच्चे

ज़ोर ज़ोर ज़ोर से चिल्लाने लगते हैं , नहीं चलेगी नहीं चलेगी जादूगर की तानाशाही नहीं चलेगी , डायन को गुस्सा

आजाता है,

वो सड़े दांत वाले लड़के की कॉलर पकड़ कर अपने फेस के सामने तक उठा देती है और गुलाम चुड़ैल को आदेश देती है ,

ले जाओ इस गुस्ताख़ लड़के को और निकाल लो इसकी आत्मा तभी गुड्डी डायन का हाँथ पकड़ लेती है और बोलती है

आप ऐसा नहीं कर सकती , डायन बोलती है मैं बिल्कुल कर सकती हूँ , अगर तुम सभी बच्चे चाहते हो की सही सलामत

रहो तो खामोश रहना , तभी एक ग़ुलाम भूत हांफता हुआ हाल में आता है और बोलता है जिस हॉस्पिटल से हम बच्चे

चुराकर लाते थे वहाँ पुलिस ने रेड डाल दी है , और बच्चे चुराने में हमारी मदद करने वाले डॉक्टर और नर्स को भी पुलिस

उठा ले गयी है , गुस्से से आगबबूला डायन चिल्लाकर बोलती है कोई तो अच्छा समाचार सुनाओ नामाकूल हो सबके सब

, डायन गुस्से से अपना हाँथ घुमाती है , जिससे डायन के नुकीले नाखून सामने खड़े गुलाम भूत की गर्दन को चीरते हुए

निकल जाते हैं डायन का ये भयानक रूप देखकर बच्चे डर जाते हैं , सभी बच्चे डर के मारे एक कोने में दुबक जाते हैं ,

और डायन उन सबको हिदायत देती है कान खोल के सुन लो तुम सबके सब मुझे कोई हल्ला सुनायी नहीं देना चाहिए

समझे अगर एक ने भी ज़बान खोली तो उसे तुरंत जादूगर चुमान्जो की प्रयोगशाला में भेज दिया जायेगा ,

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जादूगर चुमान्जो के सामने डायन के साथ सभी गुलाम भूत भीगी बिल्ली बने खड़े हैं , तभी चुमान्जो सभी को धमकाता

है गुलाम हो तुम सबके सब मेरे तुम सबको चुटकी में मैं धूल में मिला सकता हूँ , अभी वो डायन की तरफ बढ़ा ही था की

डायन ने नज़रे झुका ली तभी जादूगर चुमान्जो ने डायन की आँख में अपनी आँख से एक तीव्र रौशनी डाली जिससे डायन

तिलमिला गयी , जादूगर ने डायन को कहा त्रिशाला जो की डायन का वास्तविक नाम है , त्रिशाला ये जो तेरे तीन तीन

नेत्र हैं ये मेरे मायाजाल का कमाल है , तुम सबकोदुनिया भर के खंडहरों से ढूंढ कर लाया हूँ मैं एक एक बूँद रक्त के लिए

प्यासे मर रहे थे तुम सबके सब , तुम्हारी बरसों से प्यासी आत्माओं को रक्त से तृप्त किया है मैंने और तुमने मुझे बदले

में क्या दिया , बस ये छोटे छोटे बच्चे जो खुद बीमार है , इन सबके अर्क ए रूह (आत्माओं के निचोड़ से बना द्रव्य ) से

मैं हमेशा के लिए अमर नहीं हो सकता मुझे और अर्क ए रूह चाहिए , ताकि मैं हमेशा के लिए अमर हो सकूँ , उसकी ये

बात सुनकर डायन (त्रिशाला) और अन्य भूत जो हुक्म मेरे आका बोलते हुए वहाँ से बाहर निकल जाते हैं ।

cut to ,

शहर का एक सुनशान खंडहर जहां सभी भूतों को आदेश दिया जा रहा है की शहर भर में ज़्यादा से ज़्यादा कैंडी फ्लॉस

बेचने के लिए और भूतों को लगाया जाए, ताकि बच्चे ज़्यादा से ज़्यादा बीमार पड़ें और जादूगर चुमान्जो को अर्क ए रूह

बनाने में आसानी हो ताकि वो हमेशा के लिए अमर हो जाएँ , गुड्डी के दादा दादी जो की मरणोपरांत तस्वीर में रहते हैं

तस्वीर से निकल कर गुड्डी को शहर भर में ढूढ़ते हैं मगर गुड्डी का कहीं पता नहीं चलता आखिर कार वो उस खण्डहर में

पहुंचते हैं जहां बहुत सारे भयानक भूतों का जमावड़ा लगा था , जहां शहर भर में कैंडी फ्लॉस बेचने वालों के जरिये छोटे

छोटे बच्चों को अपहरण करने की प्लानिंग बन रही थी , गुड्डी के दादी दादा छुपकर उनकी बात सुन लेते हैं , और किसी

भी तरह जादूगर चुमान्जो के खतरनाक मंसूबों को फ्लॉप करने के लिए प्लानिंग बनाते हैं ।

cut to ,

गुड्डी के बैडरूम में उसके भूत बने दादा दादी गुमसुम एक एक कोना पकड़ कर बैठे हुए हैं , गुड्डी के दादा जी बोलते हैं

सुनती हो भाग्यवान हमारी गुड्डी की जान खतरे में है , दादाजी अपनी बात पूरी कर पाते की दादी बोल पड़ती है मुझे पता

है गुड्डी को कैंडी फ्लॉस बहुत पसंद है , तभी दादा जी बोलते हैं मरने के बाद भी तुम्हारे कान बहरे के बहरे हैं , तभी दादी

बोल पड़ती है नहीं मुझे छोले भटूरे नहीं खाना इस पर दादाजी गुस्सा जाते हैं और बोलते हैं इस भुक्खड़ भूतनी बुढ़िया से

कुछ नहीं होगा , तभी गुड्डी की दादी बोलती है बुढ़िया किसको बोल रहे हैं आप बुड्ढे होंगे , दादा जी बोलते हैं तू तो

जवान है अभी ऐश्वर्या राय लग रही है जा सीसे में शक्ल देख ले अपनी साक्षात चुड़ैल लगती है , तब दादी सीसे में शक्ल

देखती है और बूढ़े चेहरे से बाल हटाती हुयी एक हलकी सी स्माइल देती है , और बोलती है चलिए छोड़िये न यहां हमारी

पोती की जान खतरे में हैं और आप भूत प्रेत कर रहे हैं , तब दादा जी बोलते हैं , क्यों न हम कैंडी फ्लॉस बेचने वाले

किडनैपर्स को जो शहर भर के बच्चे अगवा कर रहे हैं जेल भिजवा दें , दादी बोलती है आईडिया में दम है मगर उसके लिए

हमे करना क्या होगा , दादाजी बोलते हैं , कुछ नहीं , मेरा पुराना दोस्त था न जॉनी डिकोस्टा वो शहर का डी जी पी है

आजकल, वही कुछ कर सकता है ,

दादी बोलती है की हम जॉनी डिकोस्टा ये सब बात बतायेगे कैसे , दादा जी बोलते हैं वो सब तुम मुझ पर छोड़ दो , दादा

जी जॉनी को फोन लगा देते हैं , जॉनी के मोबाइल में रिंग बजती है , जॉनी फोन उठाता है , हेलो जॉनी पहचाना मैं

छेदीलाल कोष्टा जॉनी बोलता है , कौन छेदीलाल कोष्टा वो तो मर गया कब का कार एक्सीडेंट में चल फोन रख दादा जी

उदास हो जाते हैं , फिर भी हार नहीं मानते हैं और बोलते है मर गया तो क्या हुआ मेरी आवाज़ भी नहीं पहचानता क्या ,

और काफी गौर से सुनने पर जॉनी डीकोष्टा को यकीन हो जाता है , हो न हो ये उसका दोस्त छेदीलाल कोष्टा ही है , दादा

जी बताते हैं भाभी भी है रे साथ में , वो भी तुझको याद करती है , अब हम दूसरी दुनिया में रहते हैं न इसलिए मिल नहीं

पाते अच्छा सुन वो जो अपना डीकरा है न सुमंत उसकी बेटी को जादूगर चुमान्जो ने किडनैप करो छे , जॉनी डीकोष्टा

दादाजी की बात सुनकर बोलता है तू एक काम कर यार मेरे पास आजा फिर बता क्या बात है , दादा जी बोलते हैं तू

पलक झपक मैं पहुँचता हूँ , अब क्यों की दादा जी भूत थे तो उनके लिए कहीं भी जाना बेहद आसान था सिवाय चुमान्जो

की गुफा के, क्यों की अगर वो वहाँ गए तो जादूगर चुमान्जो के मुस्टंडे बॉडी गार्ड उन्हें भी पकड़ के बोतल में हमेशा के

लिए बंद कर देंगे ।

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cut to ,

जॉनी डीकोष्टा अपने कमरे में बैठा सिगरेट का छल्ले उड़ा रहा था की , अचानक उसे महसूस हुआ की कोई उसके सामने

है तभी सामने वाली कुर्सी सरक के थोड़ा पीछे चली जाती है , जॉनी को यकीन नहीं हो पाता है सामने पड़ी मेज पर

सिगरेट्स के डिब्बे से  निकल कर एक सिगरेट जॉनी के नज़रों के सामने तक उठ जाती है और आवाज़ आती है , माचिस

कौन मारेगा जॉनी , जॉनी माचिस जला करके उस सिगरेट पर टच करता है सिगरेट अपने आप धुंआ छोड़ने लगती है ,

जॉनी बोलता है कौन हो भाई क्या चाहिए मुझसे छेदी लाल कोष्टा (दादाजी ) बोलते हैं मैं हूँ रे बाबा डरता काये को है तब

कहीं जाकर जॉनी की जान में जान आती है , दादा जी बोलते हैं तेरी भाभी भी साथ में लाया हूँ दादी जी भी नमस्ते करती

है , दादी जी की आवाज़ सुनकर डीकोष्टा नमस्ते करता है , दादा जी देखकर हंस देते हैं लेफ्ट में नहीं रे बाबा तेरे राइट

को है भाभी तेरी डीकोष्टा एक बार पुनः राइट साइड की तरफ नमस्ते करता है , दादा जी डीकोष्टा को जादूगर चुमान्जो

की सारी योजनाए बताते हैं डीकोष्टा , बोलता है यार जहां तक इंसानी मेटर है वहां तक तो मैं देख लूँगा मगर जादूगर

चुमान्जो की गुफा तक पहुंच पाना मेरे बस की बात नहीं , दादा जी कहते हैं वो मैं कर लूँगा तुम बस शहर भर में कैंडी

फ्लॉस बेचने वाले तमाम लोगों को किसी बी तरह से रोक लो , डीकोष्टा बोलता है डोंट वोर्री मेरे दोस्त तेरे लिए अगर मैं

इतना भी नहीं कर सका तो फिर किस काम की दोस्ती और दादा दादी वहाँ से चले जाते हैं ।

cut to ,

इधर सारे शहर में नाकाबंदी करके तमाम कैंडी फ्लॉस बेचने वालों को जॉनी डीकोष्टा के आदेश से गिरफ्तार कर लिया

जाता है , और पेपर न्यूज़ चैनल में ब्रेकिंग न्यूज़ निकाल दी जाती है की शहर भर में कैंडी फ्लॉस बेचने के नाम पर

मासूम बच्चों को किडनैप करने वाले गैंग का खुलासा , उधर गुड्डी के दादा दादी उसी वाशरूम के रास्ते चौकीदार मुस्टंडों

से छुपकर चुमान्जो की गुफा में किसी तरह से दाखिल हो जाते हैं , वहां जब वो इतना सारे बच्चों को देखते हैं तो हैरान

रह जाते हैं , वो उन क़ैद बच्चों का लाइव वीडियो डीकोष्टा को शेयर करना चाहते हैं मगर चुमान्जो की गुफा में मोबाइल

का नेटवर्क काम नहीं करता है , तभी दादा दादी की नज़र गुड्डी पर पड़ती है , और वो गुड्डी के कान में बोलते हैं डरना

मत हम आ तुम्हारे साथ कुछ नहीं होने देंगे तुम्हे,  गुड्डी खुसी से चौक जाती है , और सब दोस्तों को बताती है , ये मेरे

दादा दादी हैं अब हमें कुछ नहीं होगा , ये हमे यहां से छुड़ा ले जायेगे , बच्चे बोलते हैं गुड्डी पागल हो गयी है क्या यहां

कोई नहीं है , तभी दादा दादी कहते है कैसे हो प्यारे बच्चों बच्चे ख़ुशी से झूम जाते हैं , और बोलते हैं वाओ गुड्डी सो

अमेजिंग तुम्हारी तो भूतों से भी दोस्ती है गुड्डी तारीफ सुनकर बहुत खुश हो जाती है , तभी त्रिशाला के चमचे वहां से

गुज़रते हैं और वो बच्चों के बीच अदृश्य छुपे दादा दादी को देख लेते हैं , और उन्हें भूतपास में बांधकर सीधा त्रिशाला

चुड़ैल के पास ले जाते हैं , त्रिशाला उन्हें देखते है दो दो कोड़े लगाती है और सीधा जादूगर चुमान्जो की दरबार के लिए

रवाना हो जाती है ,

दादा दादी के भूत डर से कांपते हुए चमचों के साथ गुफा के भीतर आगे बढ़ते रहते हैं , रास्ते में दादी बोलती है कमीना का

घर बार उजड़ जाए सत्यानाश हो जाये यहीं जलकर मर उसकी बात सुन दादा जी बोलते हैं चुपकर तेरी तरह यहां सब बहरे

नहीं है , अगर ये चौकीदार सुन लिया तो दो दो कोड़े फिर लगाएगा , दादी चुप हो जाती है , सभी को जादूगर चुमान्जो की

दरबार में पेश किया जाता है , जादूगर चुमान्जो के साइंटिस्ट लेबोरेटरी से रूह ए अर्क बनाने का फॉर्मूला लेकर आते हैं ,

त्रिशाला हुक्म देती है ग्रेट चुमान्जो के सामने उन बच्चों को पेश किया जाए और , इधर दादा दादी अपनी रस्सियां छुड़ाने

की ताबड़ तोड़ कोशिश में लगे हुए थे , की तभी जादूगर चुमान्जो के आदेश से सूअर गधे और कई गंदे जानवरों को लाया

जाता है और साइंटिस्ट उनपर एक लेज़र डालता है जिससे वहाँ मौजूद जानवर का जिस्म किरणों में गायब होने लगता है

और उनकी आत्माएं चुमान्जो में समाने लगती है , इस सब के बाद चुमान्जो अपने आपको थोड़ा घमंडी और शक्तिशाली

महसूस करने लगता है , मगर उसकी हरकते घटिया जानवरों की तरह हो जाती है , चुमान्जो गुस्सा हो जाता है , नहीं

मुझे इस टाइप की ताक़त नहीं चाहिए मुझे इंसानी अर्क ए रूह की ताक़त दो , साइंटिस्ट अर्क ए रूह बनाने वाले संयंत्र को

बच्चों की तरफ घुमाता है और लेज़र चालू करने ही वाला रहता है , की तभी दादा दादी जी अपनी रस्सियां खोलने में

कामयाब हो जाते हैं , और लेज़र के सामने त्रिशाला को धक्का दे देते हैं और त्रिशाला लेज़र में जलने लगती है , बच्चे

चीख पड़ते हैं नहीं नानी को मत जलाओ , तभी साइंटिस्ट लेज़र बंद कर देता है ,बच्चे त्रिशाला के पास जाते हैं , त्रिशाला

में एक माँ की सोयी हुयी ममता जाग जाती है , वो बच्चों से कहती है नहीं बच्चों मुझे माफ़ कर दो मेरी वजह से तुम

बहुत बड़ी मुशीबत में फंस गए हो , और त्रिशाला का जिस्म वहीँ ज़मीन पर पड़ा राख हो जाता है , तभी चुमान्जो एक बार

फिर आदेश देता है साइंटिस्ट देर क्यों कर रहे हो मुझे जल्दी अमर कर दो , तभी जॉनी डीकोष्टा अपने पुलिस फ़ोर्स के

साथ वहाँ पहुंच जाता है , और और हड़बड़ाहट में लेज़र की किरण का रुख साइंटिस्ट जादूगर चुमान्जो की तरफ फेर देता

है, और जादूगर चुमान्जो लेज़र की चपेट में आते ही अधजला मुर्दे जैसा हो जाता है , उसके जिस्म के जलते ही उसकी

सारी शक्तियां समाप्त हो जाती है , और उसकी जादू की गुफा से जादू का मायाजाल ख़त्म हो जाता है , सभी बच्चे वहाँ

से आज़ाद हो जाते हैं , जादूगर की प्रयोगशाला को सीज कर दिया जाता है, और साइंटिस्ट और चमचो को जेल भेज दिया

जाता है , और अधजले जादूगर चुमाजो को काले पानी की सजा हो जाती है , तब से आज तक जादूगर चुमान्जो आज

तक काले पानी की जेल काट रहा है और उसका कोई भी नया कारनामा सुनने में नहीं आया है । हॉस्पिटल का जो रास्ता

चुमान्जो की गुफा को जाता था उसे हमेशा के लिए बंद कर दिया जाता है , गुड्डी के मम्मी पापा गुड्डी को घर में पाकर

बेहद खुश होते हैं , उधर दादा और दादी अपनी तस्वीर के फ्रेम में एक बार फिर समां जाते हैं और हर रात गुड्डी को गुड

नाईट बोलते हैं और तस्वीर से ही गुड्डी की रखवाली भी करते हैं ताकि कहीं कोई कैंडी फ्लॉस बेचने वाला फिर न गुड्डी

को उठा ले जाए , अब चुटकी और चास्मिस भी गुड्डी के फ्रेंड बन गयी हैं वो भी संडे को गुड्डी से मिलने आते हैं इस तरह

गुड्डी अब बोर नहीं होती और कैंडी फ्लॉस खाने की भी ज़ैद नहीं करती है ।

कहानी ख़त्म

pix taken by google wallpapers ,

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Pushpendra Dwivedi

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