Queen of Heaven: स्वर्ग की रानी और अमर प्रेम की फैंटसी कहानी
Queen of Heaven: स्वर्ग की रानी और अमर प्रेम की फैंटसी कहानी,
[कैमरा एंगल: वाइड शॉट – स्वर्ग के सुनहरे महल का, बादलों के बीच चमकता हुआ। धीमी, दिव्य संगीत की धुन बज रही है।] रानी ऑफ हेवन (अकेली सिंहासन पर बैठी, आँखों में उदासी, हाथ में खाली वारिस का मुकुट थामे हुए): “हे स्वर्ग के देवताओं… मैंने सदियों से इस महल को संभाला है। लेकिन कोई वारिस नहीं। न कोई बेटी, न कोई उत्तराधिकारी… यह सिंहासन कितना सूना लगता है।” [कैमरा एंगल: स्लो पैन – रानी महल से बाहर निकलती है, नदी किनारे जाती हुई। नदी का पानी चाँदी की तरह चमक रहा है।] रानी नदी के किनारे पहुँचती है। अचानक उसकी नज़र एक छोटी-सी टोकरी पर पड़ती है, जो धीरे-धीरे बह रही है। टोकरी में एक नवजात शिशु लेटी हुई है – गुलाबी गालों वाली, सोने जैसी चमकती हुई बेबी गर्ल। [कैमरा एंगल: क्लोज़-अप – बेबी गर्ल की आँखें खुलती हैं, रानी की ओर देखकर मुस्कुराती है।] रानी (हड़बड़ाकर टोकरी पकड़ते हुए, आँसू बहाते हुए): “अरे… मेरी बच्ची! तू कहाँ से आई है? नदी की लहरों ने तुझे मेरे पास भेजा है… आज से तू मेरी बेटी है। नाम रखती हूँ… स्वर्णिमा!” [कैमरा एंगल: टाइम लैप्स – स्वर्णिमाबड़ी होती जाती है। रानी उसे गोद में खिलाती, पढ़ाती, दिव्य शक्तियाँ सिखाती। साल गुजरते जाते हैं।] स्वर्णिमा (अब १८ साल की खूबसूरत युवती, रानी के साथ महल के बगीचे में): “माँ, आपने मुझे नदी से बचाकर अपना बना लिया। मैं आपकी हर खुशी हूँ।” रानी (स्वर्णिमा के माथे पर चुम्बन करते हुए): “तू मेरी वारिस है, स्वर्णिमा। स्वर्ग की रानी बनने के लिए तैयार हो जा।” [कैमरा एंगल: डार्क शॉट – नरक के अंधेरे गुफा में। आग की लपटें। डेविल किंग ऑफ हेल (भयानक रूप, लाल आँखें, सींग) सिंहासन पर बैठा है।] डेविल किंग (गुस्से से हँसते हुए, अपनी सेना को): “स्वर्ग की रानी की बेटी… स्वर्णिमा! उसकी दिव्य शक्ति मेरे नरक को और शक्तिशाली बना देगी। मैं उसे चुरा लूँगा! कल रात, स्वर्ग की सीमा पर हमला करो!” [कैमरा एंगल: नाइट विज़न – स्वर्णिमा महल के बगीचे में अकेली टहल रही है। अचानक काला धुआँ उठता है। डेविल किंग का साया दिखता है।] डेविल किंग (स्वर्णिमा को पकड़ने की कोशिश करते हुए, भयानक आवाज़ में): “आ जा मेरे साथ, राजकुमारी! स्वर्ग तेरे लिए छोटा है। नरक में तू रानी बनेगी!” स्वर्णिमा (डरते हुए, लेकिन बहादुर): “कभी नहीं! तुम नरक के कीड़े हो! माँ! मदद करो!” [कैमरा एंगल: सडन ज़ूम – एक बूढ़ी चुड़ैल (सफेद बाल, झुर्रियाँ, लेकिन आँखों में दिव्य चमक) आसमान से नीचे उतरती है। वह स्वर्ग की रक्षक है।] बूढ़ी चुड़ैल (डेविल किंग को जादुई जाल में फँसाते हुए, तेज़ आवाज़ में): “अरे ओ नरक के राजा! स्वर्ग की रक्षा मेरे हाथ में है! तू यहाँ क्या कर रहा है?” [एक्शन सीन: बूढ़ी चुड़ैल जादू की लहर छोड़ती है। डेविल किंग जाल में फँस जाता है। लाल बिजलियाँ चमकती हैं।] डेविल किंग (चिल्लाते हुए): “छोड़ दे मुझे, बुड्ढी! मैं स्वर्णिमा को ले जाऊँगा!” बूढ़ी चुड़ैल: “कभी नहीं! रानी के पास ले चलती हूँ तुझे!” [कैमरा एंगल: कोर्टरूम स्टाइल – स्वर्ग का न्याय कक्ष। रानी सिंहासन पर बैठी है। डेविल किंग जंजीरों में बँधा खड़ा है।] रानी (गुस्से से, आवाज़ गूँजते हुए): “तूने मेरी बेटी को चुराने की हिम्मत की? स्वर्ग की शांति भंग करने की सज़ा… आग की सज़ा! तुझे हजार साल तक नरक की सबसे गहरी आग में जलना पड़ेगा!”[एक्शन सीन: रानी जादू करती है। डेविल किंग पर आग की लपटें गिरती हैं। वह चीखता है, लेकिन बच जाता है।] डेविल किंग (आग से भरे चेहरे के साथ, पागलपन से हँसते हुए): “हाहाहा! तूने मुझे आग बबूला कर दिया है, रानी! अब देख… मैं स्वर्ग को राख कर दूँगा!” [कैमरा एंगल: एपिक वाइड शॉट – नरक के द्वार खुलते हैं। डेविल किंग की विशाल सेना (राक्षस, आग के घोड़े, अंधेरे योद्धा) स्वर्ग पर हमला बोलती है।] डेविल किंग (अपनी सेना को चिल्लाते हुए): “चारों तरफ से घेर लो! स्वर्ग को नष्ट कर दो!” [भयानक युद्ध सीन शुरू: कैमरा एंगल – स्लो मोशन – स्वर्णिमा और रानी दिव्य तलवारें लेकर लड़ रही हैं। बूढ़ी चुड़ैल जादू की बौछार कर रही है। आकाश में बिजलियाँ, आग के गोले, तलवारों की टकराहट।] स्वर्णिमा (एक राक्षस को काटते हुए): “माँ, हम हार नहीं मानेंगे!” रानी: “स्वर्णिमा, मेरी शक्ति तुझे मिले! स्वर्ग की रक्षा कर!” [एक्शन सीन: डेविल किंग रानी पर हमला करता है। दोनों के बीच भयंकर द्वंद्व। आग और प्रकाश की लहरें।] डेविल किंग (रानी को घायल करते हुए): “अब तेरा अंत है!” बूढ़ी चुड़ैल (अचानक प्रकट होकर): “नहीं! स्वर्ग की रक्षा मेरे खून से!” [कैमरा एंगल: क्लाइमेक्स – बूढ़ी चुड़ैल अपना अंतिम जादू छोड़ती है। विशाल सफेद प्रकाश का गोला डेविल किंग को घेर लेता है।] डेविल किंग (चीखते हुए, घुटनों पर गिरते हुए): “नहीं… यह… संभव नहीं…!” [कैमरा एंगल: स्लो ज़ूम आउट – डेविल किंग की सेना नष्ट हो जाती है। स्वर्ग की सेना जीत जाती है। आकाश साफ हो जाता है।] रानी (डेविल किंग को अंतिम बार देखते हुए): “तू हार गया, नरक का राजा। अब तू नरक की सबसे अंधेरी कोठरी में सड़ता रहेगा। स्वर्ग फिर से शांत है।” स्वर्णिमा (रानी को गले लगाते हुए): “माँ, हम जीत गए!” बूढ़ी चुड़ैल (मुस्कुराते हुए): “स्वर्ग की रक्षा हमेशा बनी रहेगी।” [कैमरा एंगल: फाइनल वाइड शॉट – स्वर्ग का महल फिर से चमक उठता है। तीनों महिलाएँ साथ खड़ी हैं। सूरज उगता है। दिव्य संगीत तेज़ हो जाता है।]
[कैमरा एंगल: फ्लैशबैक – गहरे जंगल की पुरानी यादें। अंधेरा, बारिश, आग की लपटें।] बहुत साल पहले… डेविल किंग
(अपनी सेना के साथ जंगल पर हमला करते हुए, हँसते हुए): “सारी चुड़ैलों को मार डालो! कोई भी जिंदा नहीं बचना चाहिए!” चुड़ैलों के गांव में आग लग जाती है। चीखें गूँजती हैं। कई चुड़ैलें मारी जाती हैं, कुछ को बंदी बना लिया जाता है। [कैमरा एंगल: क्लोज़-अप – एक युवा गर्भवती चुड़ैल, नाम कालीमा, अपने पेट को थामे हुए जंगल में भाग रही है। उसके पीछे राक्षस दौड़ रहे हैं।] कालीमा (साँस फूलते हुए): “मेरा बच्चा… बचाओ…!” अचानक स्वर्ग की दिव्य रोशनी गिरती है। रानी ऑफ हेवन प्रकट होती हैं। रानी (जादुई ढाल बनाते हुए): “रुक जाओ, नरक के कुत्ते! इन निर्दोष चुड़ैलों को नहीं छू सकते!” रानी अपनी शक्ति से राक्षसों को भगा देती हैं। बची हुई गर्भवती चुड़ैलें, जिनमें कालीमा भी है, रानी के पीछे छिप जाती हैं। कालीमा (रानी के पैरों में गिरते हुए): “आपने हमारी जान बचाई… हमारी आने वाली पीढ़ी बचाई… हम कभी नहीं भूलेंगे।” रानी (मुस्कुराते हुए): “जंगल में रहो, लेकिन अगर कभी खतरा हो तो स्वर्ग की ओर देखना। मैं तुम्हारी रक्षक हूँ।” [फ्लैशबैक खत्म। कैमरा एंगल: वापस वर्तमान – स्वर्ग का महल, युद्ध के बाद का शांत माहौल।] रानी, स्वर्णिमा और बूढ़ी चुड़ैल (जो अब कालीमा की माँ हैं) महल के बगीचे में बैठी हैं। बूढ़ी चुड़ैल की आँखों में पुरानी यादें हैं। बूढ़ी चुड़ैल (कालीमा की माँ) (धीमी आवाज़ में): “रानी… आज भी मैं वही वजह बताती हूँ। जब डेविल किंग ने हम चुड़ैलों पर हमला किया था, तब उसने सैकड़ों को मार डाला, कई को बंदी बनाया। लेकिन हम कुछ गर्भवती जंगल में भाग निकलीं। आपने हमें बचाया। मेरी बेटी कालीमा और मेरे पोते-पोती आज भी जिंदा हैं सिर्फ़ आपकी वजह से। इसलिए मैं स्वर्ग की रक्षा के लिए अपनी जान दे दूँगी।” रानी (बूढ़ी चुड़ैल का हाथ थामते हुए): “तुम्हारी वफादारी अमूल्य है। स्वर्णिमा, देखो… सच्ची दोस्ती यही होती है।” स्वर्णिमा (बूढ़ी चुड़ैल को प्रणाम करते हुए): “आप हमारी रक्षक हैं, दादी। आज आपने न सिर्फ़ मुझे बचाया, बल्कि पूरे स्वर्ग को।” [कैमरा एंगल: सडन डार्क शॉट – नरक की सबसे गहरी कोठरी। डेविल किंग जंजीरों में बँधा, शरीर पर जलन के निशान, लेकिन आँखों में अभी भी आग।] डेविल किंग (अकेले चिल्लाते हुए, दीवार पर मुक्का मारते हुए): “वो बूढ़ी चुड़ैल… वो रानी… और वो नदी की लड़की! उन्होंने मुझे हराया! लेकिन मैं अभी मरा नहीं हूँ! मेरी काली शक्ति अभी भी जिंदा है!” [एक्शन सीन: डेविल किंग अपनी पूरी ताकत लगाकर जंजीरें तोड़ता है। काला धुआँ चारों तरफ फैल जाता है। नरक के राक्षस जाग उठते हैं।] डेविल किंग (पागलपन से हँसते हुए): “अब असली खेल शुरू होता है! मैं न सिर्फ़ स्वर्णिमा को चुराऊँगा… बल्कि पूरे स्वर्ग को नरक में बदल दूँगा! और सबसे पहले… उस बूढ़ी चुड़ैल को मारकर अपनी पुरानी बदला लूँगा!” [कैमरा एंगल: स्वर्ग में – रात का समय। स्वर्णिमा अपने कमरे में सो रही है। अचानक खिड़की से काला साया घुसता है।] स्वर्णिमा (जागकर, डरते हुए): “कौन है?!” [कैमरा एंगल: क्लोज़-अप – डेविल किंग का चेहरा, मुस्कुराता हुआ।] डेविल किंग (फुसफुसाते हुए): “मैं वापस आ गया हूँ, राजकुमारी… और इस बार कोई बूढ़ी चुड़ैल नहीं बचेगी।” स्वर्णिमा चीखती है। पूरा महल अलार्म पर आ जाता है। रानी (दौड़ते हुए): “स्वर्णिमा! क्या हुआ?!” बूढ़ी चुड़ैल (अपना जादुई डंडा लेकर): “रानी, वह फिर आ गया है! लेकिन इस बार मैं उसे पूरी तरह खत्म कर दूँगी!” [कैमरा एंगल: एपिक युद्ध शुरू – स्वर्ग के आसमान में फिर से अंधेरा छा जाता है। डेविल किंग की नई सेना (अब और भी भयानक, काले पंख वाले राक्षस) हमला करती है।] डेविल किंग (आसमान में उड़ते हुए, चिल्लाते हुए): “आज स्वर्ग जल जाएगा! और वो बूढ़ी चुड़ैल… उसकी सारी पीढ़ी मेरे सामने मरेगी!” बूढ़ी चुड़ैल (स्वर्णिमा के सामने खड़ी होकर): “रानी की वजह से मैं आज जिंदा हूँ। अब मेरी बारी है… स्वर्ग को बचाने की!” [एक्शन सीन: तीव्र लड़ाई। बूढ़ी चुड़ैल जादू की आँधी लाती है। स्वर्णिमा दिव्य तीर चलाती है। रानी सबसे आगे लड़ रही है। डेविल किंग सीधे बूढ़ी चुड़ैल पर टूट पड़ता है।] डेविल किंग (बूढ़ी चुड़ैल को घेरते हुए): “तुम्हें याद है? तुम्हारी बहनों को मैंने खुद मारा था! आज तुम भी मरोगी!” बूढ़ी चुड़ैल (घाव खाते हुए भी, मुस्कुराते हुए): “मेरी बहनें स्वर्ग में शांति से रहती हैं… और मैं उनकी जगह तुम्हें नरक भेजूँगी!” [क्लाइमेक्स: बूढ़ी चुड़ैल अपना अंतिम बलिदान देती है – वह खुद को जादुई ऊर्जा में बदल लेती है और डेविल किंग पर विशाल सफेद प्रकाश का तूफान छोड़ देती है।] बूढ़ी चुड़ैल (आखिरी शब्द): “रानी… स्वर्णिमा… स्वर्ग अमर रहे… मेरी आत्मा हमेशा तुम्हारे साथ रहेगी…” [कैमरा एंगल: स्लो मोशन – प्रकाश का गोला डेविल किंग को पूरी तरह निगल लेता है। उसकी चीख पूरे आकाश में गूँजती है।] डेविल किंग (अंतिम बार): “नहीं… यह… आखिर…!” [डेविल किंग पूरी तरह नष्ट हो जाता है। उसकी सेना राख बन जाती है।] [कैमरा एंगल: शांत दृश्य – स्वर्ग फिर से चमक उठता है। रानी और स्वर्णिमा बूढ़ी चुड़ैल की जगह पर खड़ी हैं, आँसू बहाते हुए।] रानी (आकाश की ओर देखते हुए): “तुम्हारी कुर्बानी कभी नहीं भूली जाएगी। तुम स्वर्ग की सच्ची रक्षक थीं।” स्वर्णिमा (माँ को गले लगाते हुए): “माँ, अब सच्चा शांति आ गई है। और हमारी कहानी… हमेशा याद रहेगी।” [फाइनल शॉट: वाइड एंगल – स्वर्ग का सुनहरा महल, नीचे जंगल में चुड़ैलों का गांव भी चमक रहा है। सभी शांत और सुरक्षित।]
[कैमरा एंगल: सुंदर गार्डन – स्वर्णिमा (प्रिंसेस ऑफ हेवन) सफेद फूलों के बीच हँसते हुए एक रंग-बिरंगी तितली के पीछे
दौड़ रही है। उसकी सुनहरी पोशाक हवा में लहरा रही है।] स्वर्णिमा (खुशी से चिल्लाते हुए): “रुक जा छोटी तितली! आज तो मैं तुझे पकड़ ही लूँगी!” अचानक आकाश से सुनहरी रोशनी की किरण गिरती है। एक बेहद हैंडसम युवक (लंबा, काले बाल, नीली आँखें, दिव्य चमक) धीरे-धीरे नीचे उतरता है। उसके पीछे सफेद पंख दिख रहे हैं, लेकिन वह कोई देवता नहीं लगता। [कैमरा एंगल: क्लोज़-अप – स्वर्णिमा की आँखें चौड़ी हो जाती हैं। वह रुक जाती है, तितली उड़ जाती है। दोनों की नज़रें टकराती हैं।] स्वर्णिमा (आश्चर्य और आकर्षण से, धीरे से): “तुम… कौन हो? आकाश से ऐसे कैसे उतरे?” युवक (मुस्कुराते हुए, गहरी आवाज़ में): “मेरा नाम आर्यन है। मैं दूर के एक छुपे हुए स्वर्ग लोक से आया हूँ। लेकिन आज पहली बार मुझे लगा… कि मैं सही जगह आ गया हूँ।” दोनों एक-दूसरे को देखते रहते हैं। समय जैसे रुक जाता है। [मोंटाज सीन: दोनों गार्डन में घूमते हैं, हँसते हैं, फूलों पर बातें करते हैं, हाथों में हाथ डालते हैं। प्यार धीरे-धीरे खिलता है।] आर्यन (स्वर्णिमा के बालों में फूल लगाते हुए): “तुम स्वर्ग की सबसे सुंदर फूल हो, स्वर्णिमा।” स्वर्णिमा (शरमाते हुए, लेकिन आँखों में प्यार): “और तुम… मेरे दिल की धड़कन बन गए हो, आर्यन।” [कैमरा एंगल: सडन शिफ्ट – रानी के गार्ड्स छिपकर देख रहे हैं। एक गार्ड दूसरे से फुसफुसाता है।] गार्ड-1: “यह क्या हो रहा है? प्रिंसेस किसी अजनबी के साथ!” गार्ड-2: “तुरंत रानी को बताओ!” [कैमरा एंगल: रानी का सिंहासन कक्ष। गार्ड्स घबराए हुए आते हैं।] गार्ड: “महारानी! प्रिंसेस स्वर्णिमा गार्डन में एक युवक के साथ है। दोनों एक-दूसरे से बहुत प्यार करते दिख रहे हैं!” रानी (भौंहें चढ़ाते हुए): “क्या? मेरी बेटी? उसे तुरंत यहाँ बुलाओ… और उस युवक को भी!” [कैमरा एंगल: स्वर्णिमा दौड़ती हुई महल में आती है, आर्यन उसके साथ है।] स्वर्णिमा (रानी के सामने घुटनों पर बैठते हुए, लेकिन खुशी से चमकती हुई): “माँ! मैं पहले ही बताना चाहती थी। यह आर्यन है। हम दोनों एक-दूसरे से प्यार करते हैं। मैं उससे शादी करना चाहती हूँ।” आर्यन (सिर झुकाते हुए, सम्मान से): “महारानी, मैं स्वर्णिमा से सच्चा प्यार करता हूँ। उसके बिना मेरा जीवन अधूरा है।” रानी (कुछ देर चुप रहकर, फिर सख्त स्वर में): “प्यार? बहुत आसान शब्द है बेटा। स्वर्ग की प्रिंसेस को पाने के लिए सिर्फ़ प्यार काफी नहीं। अगर तुम सच में स्वर्णिमा को चाहते हो, तो एक शर्त है।” [कैमरा एंगल: क्लोज़-अप – रानी की आँखें तेज़ हो जाती हैं।] रानी (आवाज़ में गंभीरता): “तुम्हें डेविल किंग ऑफ हेल का सिर काटकर मेरे सामने उपहार के रूप में लाना होगा। तभी मैं तुम्हें अपनी बेटी का हाथ दूँगी।” स्वर्णिमा (चौंककर): “माँ! लेकिन डेविल किंग तो पहले ही मर चुका है ना? हमने उसे नष्ट कर दिया था!” रानी (मुस्कुराते हुए, लेकिन रहस्यमयी अंदाज़ में): “नहीं बेटी… नरक में अंधेरा कभी पूरी तरह नहीं मरता। उसका असली रूप अभी भी छिपा हुआ है। आर्यन को उसका सिर लाना ही होगा।” आर्यन (बिना हिचकिचाए, दृढ़ स्वर में): “मैं यह कार्य करूँगा, महारानी। स्वर्णिमा के लिए मैं नरक तक चला जाऊँगा और डेविल किंग का सिर लेकर आऊँगा।” स्वर्णिमा (आर्यन का हाथ पकड़ते हुए, आँसू भरकर): “आर्यन… यह बहुत खतरनाक है। मैं तुम्हारे साथ चलूँगी!” आर्यन (स्वर्णिमा के माथे को चूमते हुए): “नहीं प्रिय। यह मेरी परीक्षा है। मैं लौटकर आऊँगा… तुम्हारे लिए।” [कैमरा एंगल: एपिक वाइड शॉट – आर्यन आकाश की ओर उड़ता हुआ नरक की ओर जाता है। स्वर्णिमा महल की बालकनी से उसे देख रही है। रानी पीछे खड़ी मुस्कुरा रही है।] रानी (अकेले खुद से): “अगर वह सच में योग्य है… तो ही मेरी बेटी का जीवनसाथी बनेगा।” [कैमरा एंगल: डार्क – नरक के द्वार खुलते हैं। अंदर से भयानक आवाज़ें आ रही हैं। आर्यन तलवार निकालकर अंदर घुसता है।] आर्यन (दृढ़ता से): “डेविल किंग… तुम्हारा समय आ गया है। स्वर्णिमा के प्यार के लिए… मैं तुम्हारा सिर लेने आया हूँ!”
[कैमरा एंगल: डार्क और भयानक – नरक का सबसे गहरा गुफा क्षेत्र। लाल आग की लपटें चारों तरफ। डेविल किंग ऑफ
हेल अब अपने असली विशाल रूप में है – दोगुना ऊँचा, काले सींग, आग उगलती आँखें। उसके चारों तरफ हजारों राक्षसों की सेना खड़ी है।] डेविल किंग (भयानक हँसी हँसते हुए): “हाहाहा! एक अकेला लड़का? स्वर्ग की रानी ने तुझे मेरे सिर के लिए भेज दिया? तू तो पागल है! मेरी पूरी सेना तेरे सामने है!” आर्यन (तलवार निकालते हुए, शांत लेकिन दृढ़ स्वर में): “मैं स्वर्णिमा के प्यार के लिए आया हूँ। तुम्हारा सिर मैं रानी को उपहार दूँगा। सेना हो या खुद तू… आज तेरा अंत है!” [कैमरा एंगल: एपिक वाइड शॉट – घमासान युद्ध शुरू। आर्यन अकेला हमला बोलता है।] आर्यन तेज़ी से आगे बढ़ता है। उसकी तलवार में दिव्य नीली रोशनी चमकती है। पहले राक्षसों की पूरी लहर उस पर टूट पड़ती है। [एक्शन सीन: स्लो मोशन – आर्यन एक ही झटके में दस राक्षसों को काट गिराता है। आग के गोले उस पर आते हैं, लेकिन वह पंख फैलाकर ऊपर उड़ जाता है और ऊपर से तीरों की वर्षा करता है।] आर्यन (चिल्लाते हुए): “स्वर्णिमा के नाम पर… हर एक को खत्म कर दूँगा!” डेविल किंग अपनी सेना को और आगे भेजता है। काले जादू की लहरें, आग के तूफान, विषैले तीर – सब आर्यन पर बरसते हैं। आर्यन घायल होता है, लेकिन रुकता नहीं। वह अपनी पूरी शक्ति जुटाता है – उसके शरीर से सुनहरी दिव्य ऊर्जा निकलती है। [कैमरा एंगल: क्लोज़-अप – आर्यन की आँखों में स्वर्णिमा का चेहरा झलकता है।] आर्यन (मन ही मन): “स्वर्णिमा… तुम्हारे लिए मैं कुछ भी कर सकता हूँ।” [एक्शन सीन: क्लाइमेक्स – आर्यन एक विशाल कटाक्ष मारता है। नीली रोशनी का तूफान पूरे नरक को हिला देता है। सारी सेना राख हो जाती है।] अब सिर्फ डेविल किंग बचा है। दोनों के बीच भयंकर द्वंद्व शुरू होता है। डेविल किंग (आग की लपटें छोड़ते हुए): “तू अकेला कैसे इतना ताकतवर है?!” आर्यन (तलवार घुमाते हुए): “प्यार की ताकत तू कभी नहीं समझेगा!” आर्यन अंतिम हमला करता है। वह ऊपर उड़ता है, घूमता है और डेविल किंग के गले पर एक जोरदार वार करता है। [कैमरा एंगल: स्लो मोशन – डेविल किंग का सिर शरीर से अलग होता है। भयानक चीख के साथ उसका शरीर गिर जाता है।] डेविल किंग (अंतिम शब्द): “यह… संभव… नहीं…” आर्यन डेविल किंग का सिर उठाता है। उसमें अभी भी आग की चिंगारियाँ बुझ रही हैं। [कैमरा एंगल: ट्रांजिशन – स्वर्ग का महल। रानी सिंहासन पर बैठी है। स्वर्णिमा बेचैनी से इंतज़ार कर रही है।] आर्यन खून से सना, लेकिन विजयी मुद्रा में महल में प्रवेश करता है। वह डेविल किंग का सिर रानी के सामने रख देता है। आर्यन (सिर झुकाते हुए): “महारानी… आपकी शर्त पूरी हुई। डेविल किंग का सिर… आपका उपहार।” रानी (सिर देखकर, प्रभावित होकर): “तुमने असंभव कर दिखाया, आर्यन। तुम सच्चे योद्धा और सच्चे प्रेमी हो। आज से तुम स्वर्णिमा के पति हो।” स्वर्णिमा (खुशी से चीखते हुए, आर्यन की ओर दौड़कर): “आर्यन! तुम लौट आए! तुम सुरक्षित हो!” दोनों एक-दूसरे को गले लगा लेते हैं। [कैमरा एंगल: शादी का भव्य दृश्य – स्वर्ग का सबसे बड़ा हॉल। सुनहरी रोशनी, फूलों की वर्षा, देवताओं की भीड़।] स्वर्णिमा और आर्यन हाथ में हाथ डाले, दिव्य वस्त्रों में खड़े हैं। रानी उनके सिर पर आशीर्वाद दे रही है। रानी (मुस्कुराते हुए): “आज स्वर्ग में नया सूरज उगा है। स्वर्णिमा और आर्यन… तुम दोनों स्वर्ग के नए राजकुमार और राजकुमारी हो। तुम्हारा प्यार सदियों तक चमकेगा।” आर्यन (स्वर्णिमा की आँखों में देखते हुए): “तुम्हारे लिए मैं नरक भी जीत सकता हूँ… और अब जीवन भर तुम्हारा साथ निभाऊँगा।” स्वर्णिमा (शरमा कर): “और मैं तुम्हारी हमेशा साथ रहूँगी… मेरे योद्धा।” [कैमरा एंगल: फाइनल वाइड शॉट – पूरे स्वर्ग में जश्न। आसमान में आतिशबाजी, चुड़ैलों का गांव भी खुशी मना रहा है। बूढ़ी चुड़ैल की आत्मा मुस्कुराते हुए आसमान से देख रही है।] नरेटर की आवाज़ (धीमी, भावुक): “इस तरह प्यार ने नरक को हराया, और स्वर्ग में खुशियाँ बिखेर दीं।”
स्वर्ग की रानी को नदी में मिली अनाथ बेटी स्वर्णिमा और योद्धा आर्यन की रोमांचक फैंटसी प्रेम कहानी। डेविल किंग से भयानक युद्ध, बूढ़ी चुड़ैल की वफादारी और प्यार की जीत। पढ़ें पूरी दिव्य कहानी हिंदी में।