Queen of Heaven: स्वर्ग की रानी और अमर प्रेम की फैंटसी कहानी

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Queen of Heaven: स्वर्ग की रानी और अमर प्रेम की फैंटसी कहानी
Queen of Heaven: स्वर्ग की रानी और अमर प्रेम की फैंटसी कहानी

Queen of Heaven: स्वर्ग की रानी और अमर प्रेम की फैंटसी कहानी,

[कैमरा एंगल: वाइड शॉट – स्वर्ग के सुनहरे महल का, बादलों के बीच चमकता हुआ। धीमी, दिव्य संगीत की धुन बज रही है।] रानी ऑफ हेवन (अकेली सिंहासन पर बैठी, आँखों में उदासी, हाथ में खाली वारिस का मुकुट थामे हुए): “हे स्वर्ग के देवताओं… मैंने सदियों से इस महल को संभाला है। लेकिन कोई वारिस नहीं। न कोई बेटी, न कोई उत्तराधिकारी… यह सिंहासन कितना सूना लगता है।” [कैमरा एंगल: स्लो पैन – रानी महल से बाहर निकलती है, नदी किनारे जाती हुई। नदी का पानी चाँदी की तरह चमक रहा है।] रानी नदी के किनारे पहुँचती है। अचानक उसकी नज़र एक छोटी-सी टोकरी पर पड़ती है, जो धीरे-धीरे बह रही है। टोकरी में एक नवजात शिशु लेटी हुई है – गुलाबी गालों वाली, सोने जैसी चमकती हुई बेबी गर्ल। [कैमरा एंगल: क्लोज़-अप – बेबी गर्ल की आँखें खुलती हैं, रानी की ओर देखकर मुस्कुराती है।] रानी (हड़बड़ाकर टोकरी पकड़ते हुए, आँसू बहाते हुए): “अरे… मेरी बच्ची! तू कहाँ से आई है? नदी की लहरों ने तुझे मेरे पास भेजा है… आज से तू मेरी बेटी है। नाम रखती हूँ… स्वर्णिमा!” [कैमरा एंगल: टाइम लैप्स – स्वर्णिमाबड़ी होती जाती है। रानी उसे गोद में खिलाती, पढ़ाती, दिव्य शक्तियाँ सिखाती। साल गुजरते जाते हैं।] स्वर्णिमा (अब १८ साल की खूबसूरत युवती, रानी के साथ महल के बगीचे में): “माँ, आपने मुझे नदी से बचाकर अपना बना लिया। मैं आपकी हर खुशी हूँ।” रानी (स्वर्णिमा के माथे पर चुम्बन करते हुए): “तू मेरी वारिस है, स्वर्णिमा। स्वर्ग की रानी बनने के लिए तैयार हो जा।” [कैमरा एंगल: डार्क शॉट – नरक के अंधेरे गुफा में। आग की लपटें। डेविल किंग ऑफ हेल (भयानक रूप, लाल आँखें, सींग) सिंहासन पर बैठा है।] डेविल किंग (गुस्से से हँसते हुए, अपनी सेना को): “स्वर्ग की रानी की बेटी… स्वर्णिमा! उसकी दिव्य शक्ति मेरे नरक को और शक्तिशाली बना देगी। मैं उसे चुरा लूँगा! कल रात, स्वर्ग की सीमा पर हमला करो!” [कैमरा एंगल: नाइट विज़न – स्वर्णिमा महल के बगीचे में अकेली टहल रही है। अचानक काला धुआँ उठता है। डेविल किंग का साया दिखता है।] डेविल किंग (स्वर्णिमा को पकड़ने की कोशिश करते हुए, भयानक आवाज़ में): “आ जा मेरे साथ, राजकुमारी! स्वर्ग तेरे लिए छोटा है। नरक में तू रानी बनेगी!” स्वर्णिमा (डरते हुए, लेकिन बहादुर): “कभी नहीं! तुम नरक के कीड़े हो! माँ! मदद करो!” [कैमरा एंगल: सडन ज़ूम – एक बूढ़ी चुड़ैल (सफेद बाल, झुर्रियाँ, लेकिन आँखों में दिव्य चमक) आसमान से नीचे उतरती है। वह स्वर्ग की रक्षक है।] बूढ़ी चुड़ैल (डेविल किंग को जादुई जाल में फँसाते हुए, तेज़ आवाज़ में): “अरे ओ नरक के राजा! स्वर्ग की रक्षा मेरे हाथ में है! तू यहाँ क्या कर रहा है?” [एक्शन सीन: बूढ़ी चुड़ैल जादू की लहर छोड़ती है। डेविल किंग जाल में फँस जाता है। लाल बिजलियाँ चमकती हैं।] डेविल किंग (चिल्लाते हुए): “छोड़ दे मुझे, बुड्ढी! मैं स्वर्णिमा को ले जाऊँगा!” बूढ़ी चुड़ैल: “कभी नहीं! रानी के पास ले चलती हूँ तुझे!” [कैमरा एंगल: कोर्टरूम स्टाइल – स्वर्ग का न्याय कक्ष। रानी सिंहासन पर बैठी है। डेविल किंग जंजीरों में बँधा खड़ा है।] रानी (गुस्से से, आवाज़ गूँजते हुए): “तूने मेरी बेटी को चुराने की हिम्मत की? स्वर्ग की शांति भंग करने की सज़ा… आग की सज़ा! तुझे हजार साल तक नरक की सबसे गहरी आग में जलना पड़ेगा!”[एक्शन सीन: रानी जादू करती है। डेविल किंग पर आग की लपटें गिरती हैं। वह चीखता है, लेकिन बच जाता है।] डेविल किंग (आग से भरे चेहरे के साथ, पागलपन से हँसते हुए): “हाहाहा! तूने मुझे आग बबूला कर दिया है, रानी! अब देख… मैं स्वर्ग को राख कर दूँगा!” [कैमरा एंगल: एपिक वाइड शॉट – नरक के द्वार खुलते हैं। डेविल किंग की विशाल सेना (राक्षस, आग के घोड़े, अंधेरे योद्धा) स्वर्ग पर हमला बोलती है।] डेविल किंग (अपनी सेना को चिल्लाते हुए): “चारों तरफ से घेर लो! स्वर्ग को नष्ट कर दो!” [भयानक युद्ध सीन शुरू: कैमरा एंगल – स्लो मोशन – स्वर्णिमा और रानी दिव्य तलवारें लेकर लड़ रही हैं। बूढ़ी चुड़ैल जादू की बौछार कर रही है। आकाश में बिजलियाँ, आग के गोले, तलवारों की टकराहट।] स्वर्णिमा (एक राक्षस को काटते हुए): “माँ, हम हार नहीं मानेंगे!” रानी: “स्वर्णिमा, मेरी शक्ति तुझे मिले! स्वर्ग की रक्षा कर!” [एक्शन सीन: डेविल किंग रानी पर हमला करता है। दोनों के बीच भयंकर द्वंद्व। आग और प्रकाश की लहरें।] डेविल किंग (रानी को घायल करते हुए): “अब तेरा अंत है!” बूढ़ी चुड़ैल (अचानक प्रकट होकर): “नहीं! स्वर्ग की रक्षा मेरे खून से!” [कैमरा एंगल: क्लाइमेक्स – बूढ़ी चुड़ैल अपना अंतिम जादू छोड़ती है। विशाल सफेद प्रकाश का गोला डेविल किंग को घेर लेता है।] डेविल किंग (चीखते हुए, घुटनों पर गिरते हुए): “नहीं… यह… संभव नहीं…!” [कैमरा एंगल: स्लो ज़ूम आउट – डेविल किंग की सेना नष्ट हो जाती है। स्वर्ग की सेना जीत जाती है। आकाश साफ हो जाता है।] रानी (डेविल किंग को अंतिम बार देखते हुए): “तू हार गया, नरक का राजा। अब तू नरक की सबसे अंधेरी कोठरी में सड़ता रहेगा। स्वर्ग फिर से शांत है।” स्वर्णिमा (रानी को गले लगाते हुए): “माँ, हम जीत गए!” बूढ़ी चुड़ैल (मुस्कुराते हुए): “स्वर्ग की रक्षा हमेशा बनी रहेगी।” [कैमरा एंगल: फाइनल वाइड शॉट – स्वर्ग का महल फिर से चमक उठता है। तीनों महिलाएँ साथ खड़ी हैं। सूरज उगता है। दिव्य संगीत तेज़ हो जाता है।]