ख़्याल ऐसा जाने मोहब्बत कैसी होगी friendship shayari in hindi,

0
629
ख़्याल ऐसा जाने मोहब्बत कैसी होगी friendship shayari in hindi,
ख़्याल ऐसा जाने मोहब्बत कैसी होगी friendship shayari in hindi,

ख़्याल ऐसा जाने मोहब्बत कैसी होगी friendship shayari in hindi,

ख़्याल ऐसा जाने मोहब्बत कैसी होगी ,

जिसके तसब्वुर में उसने उम्रें गुज़ारी होगी ।

 

ये जो बात बात में दाद देते हैं ,

क्या जाने चाक़ ज़ख्मों को सीने में रखकर हम पैबंद उतार देते हैं ।

 

फिर कभी होगी हाल ए बयानी अपनी ,

बिछड़ के मुझसे तू तो खुश है न मेरे यार बता ।

 

ज़िन्दगी के सफर में हर तरह के मुक़ाम आये ,

रास्ते में जितने लोग मिले सब इंसान नज़र आये ।

sachi darawni kahaniya,

बेवज़ह ही हाल ए मुफ़्लिसी में भटकता रहा फ़कीर ,

देखा जो नशेमन वो भी बेज़ार नज़र आये ।

 

हौज में उतरे तो गुलूबंद बाँध कर ,

हिज्र ए तन्हाई सर ए शब् जले कम्बल उँघार कर ।

 

सर्द के मौसम में दिल को चुभती है ये गलन ,

तेरे इश्क़ की मेरी रूह तक लगता है अब भी है सीलन ।

 

ग़फ़लत न समझ ऐ दिल नया साल भी चंद रोज़ की ख़ुशी थी ,

पहलू में जश्न ए मातम हरसू बेचारी बेबसी है ।

 

शब् ए महताब समन्दर की आग़ोश में झूमते मंज़र ,

कभी देखा है रक़्स करती लहरों को चूमकर साहिल ।

 

दिल का मामला था दिल में ही रहता तो अच्छा था ,

क्या मिला सर ए आम करके सबने मसला ए पेचीदगी पर दिल्लगी कर ली ।

 

ख़ुद के जज़्बों को सम्हाला न गया ,

तेरे ख़्वाबों को संवारा हमने वजूद ए मोहब्बत का मुब्तला किये बगैर ।

 

हौसलों के दम पर ज़िन्दगी चलती है साहेब ,

साँसों का आना जाना तो बस मुर्दा न होने एहसास दिला देता है ।

 

सुना है बड़ी दौलत कमा रखी है तुमने ,

मुझे बस मेरे हिस्से का तुम बीता वक़्त लौटा दो ।

 

जाने वो किस ग़ुमान ए इश्क़ में खोये हैं ,

ग़म ए हिज्र में दोनों साथ साथ रोये हैं ।

 urdu shayari in hindi,

दिलों के तार जुड़ सकते हैं सरहदों की दूरियाँ कुछ नहीं होती ,

टूटने पर जो आओगे सियासी घर तक फूंक डालेंगे दर ओ दीवार लाख पुख्ता हों फौलाद की मजबूतियां कुछ नहीं होती ।

video friendship shayari in hindi,

pix taken by google ,