रूहानी दायरों से होकर कभी गुज़रों नासेह quotes in hindi ,

On: April 19, 2025 3:09 AM
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रूहानी दायरों से होकर कभी गुज़रों नासेह quotes in hindi ,

रूहानी दायरों से होकर कभी गुज़रों नासेह quotes in hindi ,

रूहानी दायरों से होकर कभी गुज़रों नासेह ,

ज़ख़्मी रूहों की तल्खियां तुमको भी सुनायी दें ।

 

उतारने पड़ते हैं सफ़ीने बहते दरिया में ,

यूँ किनारो पर लंगरों से दिलों की गहरायी का अंदाज़ा नहीं होता ।

 

तेरे टिप्पस के सदके चौबे जी भी चौकसे हो गए ,

सहादतो के हिस्से भी हुश्न वालों के किस्से हो गए ।

 

नहीं मरने देगे हम अपने क़ातिल को ,

वही हमदम भी वही सितमगर भी है अपना ।

 

मोहब्बत में क्यों इतना गस खा रहे हो ,

इब्तेदा ए इश्क़ का जुमला बना रहे हो ।

140 words shayari 

गगन कर आलिंगन धरा का है स्वयम्बर ,

चमक चंचल चपल संग लो काले मेघ बरसे ।

 

मज़हबों में जब से सियासत घुल गयी ,

सारे मज़हब तब से ठिकाने लग गए ।

 

कभी ठण्डक में सो लेती है कभी तकिये में रो लेती है ,

नारी घर की मर्यादा को हर हाल में कायम रखती है ।

 

करुणा दया का भण्डार बनकर .

नारी ने समाज को सम्हाला है संस्कार बनकर ।

 

कभी तू देवदासी कभी प्रेयसी कभी जगदम्बा भवानी ,

कभी तू माँ कभी बेटी कभी रण में चंडिका बन ठन गयी ।

love shayari 

रात होते चन्द्रमा की चाँदनी बन गयी ,

फिर सुबह को घर की नौकरानी बन गयी ।

 

कभी कोख में कभी दोष में कुलटा बनाया ,

कभी मेहर में कभी दहेज़ में ज़िंदा जलाया ।

 

वैदिक पुराणों में नारी को देवी बताकर ,

क्विंदन्तियों में सती को चिता में पती के साथ ज़िंदा बिठाया है ।

 

वीर गाथाओं में वीरांगनाओं के बड़े किस्से हैं ,

कुलषित समाज में बली की बेदी ही इनके हिस्से है ।

 

किताबों में किस्सों में अधिकार की बातें होती हैं ,

खरीद फरोख्त में नारियों के देह व्यापार की बात होती है ।

 

ज़ुल्म लाख सहती है लब पर उफ़ करे बगैर ,

बर्दास्तगी की हद से देखनी है तो औरत के बर्दास्त की हद को देखो ।

pix taken by google

Pushpendra Dwivedi

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