Blog

नक़ाबों की न कोई बात करे मेरे शहर में dard shayari,
तुरुप का पत्ता खेल कोई तक़दीर बदल जाए image shayari,
आरज़ू ए दिल की चश्म ओ चराग ग़मज़दा 2line shayari,
पतंगें भीग जाती है अश्क़ों की बारिश में dosti shayari,
खिलाने वाले ही खा गए सब हक़ के निवाले patriotic shayari,
नमक के साथ दो चार चावल पानी में घोलती होगी dard shayari ,
पयाम ए मोहब्बत में मेरे घर का पता है birthday shayari ,
तिज़ारत ए मोहब्बत में दिलों के नशेमन बिकते रहे dosti shayari,
शेर ओ शायरी का हुनर रखते हो तो नरम लहज़े से जिगर में उतरो भी shayari ,
सिझ रहे हैं अरमान गर्म जिस्म की सिगड़ी में bewafa shayari,
Previous Next