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त्रिपुण्ड त्रिकूट तिलकधारी रावण पूर्वजों की परिपाटी में रहा festival shayari in hindi,
बज़्म में आ बैठे वो ज़ुल्फ़ें बिखेर कर 140 words shayari,
नज़ूल की ज़मीन पर सारा शहर बना रखा है Alfaaz shayari,
कब्रों में भी कहाँ सुकून पाती हैं love shayari,
चलने दो आतिशें हैं चलने दो love shayari,
महरूम हैं बच्चे फ़क़त हर दिन निवाले के लिए 140 words shayari, महरूम हैं बच्चे फ़क़त हर दिन निवाले के लिए , और वहाँ सैय्याद बन बैठा सियासी जेबें भरता रोज़ है । बहुत दूर तक असर करती हैं वो सदायें , जो अँधेरों में घुट घुट के मरती हैं ।
जश्न ए आज़ादी में जाने कैसे कैसे कमाल हो गए patriotic poetry ,
शहादत ज़ाया नहीं जाएगी वतन पर मिटने वालो की festivals poetry,
रूहानी दायरों से होकर कभी गुज़रों नासेह quotes in hindi ,
नस्तर चुभो रही है ज़ालिम तेरी निगाह bewafa shayari,
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