Pushpendra Dwivedi Poetry,

ग़म ए गर्दिश में मुस्कुराहटों का एहतिराम करो bewafa shayari ,
पर्दा उठा तू रुख़ से ज़रा जलवा दिखा तो यार romantic shayari,
चाँद के टुकड़े को रोटी का निवाला समझ sad shayari in hindi ,
सारे शेर ही बचे हैं जिगर के टुकड़ों में sad shayari,
उनकी सगाई के तोहफ़े में हमने भी खार पाया है dard shayari,
जान की बाज़ी लगानी है तो ज़ौक़ ए इश्क़ फरमाइए romantic shayari,
हिज्र ए यार में रात शमा देर तक जली love shayari,
कफ़न पर खून के छीटे जिगर में चाक नहीं love shayari ,
रोती है रात तन्हा जब चाँद होता है अकेला sad shayari,
तार्रुफ़ खुद से हुआ तो आइना शरमाया 2line attitude shayri,
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