Pushpendra Dwivedi Poetry,

बर गयो जस खलिहान दुपहरी मैं बिरहन तस वारी रे hindi literature poetry ,
उठती थी खेतों में ढेंकुर की चुर्र मुर hindi literature poetry,
अमिया अमराई पीहू पीहू गावै कोयलिया कुहू कुहू hindi literature poetry,
जोश ए पतौखी का असर है बरखुरदार hindi literature hindi,
शबनमी बूदों से ख़लल होती है romantic shayari,
लबों को लबों की प्यास है शाकी romantic shayari ,
दरमियानी रात के दायरे में अँधेरा है बहुत dard shayari ,
फटे पाँव की बेवाईयां न जलते सूरज का ख्याल dard shayari,
ऊँची ऊँची इमारर्तों की जो कारीगरी है dard shayari ,
गुलों के अर्क़ की ख़ुश्बू से तो बाज़ार सजा है dard shayari ,
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