दिल फ़रेबी है मुझसे भी दग़ा करता है urdu quotes in hindi ,

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दिल फ़रेबी है मुझसे भी दग़ा करता है urdu quotes in hindi ,
दिल फ़रेबी है मुझसे भी दग़ा करता है urdu quotes in hindi ,

दिल फ़रेबी है मुझसे भी दग़ा करता है urdu quotes in hindi ,

दिल फ़रेबी है मुझसे भी दग़ा करता है ,

शाम ए बज़्म की भरी महफ़िल में मुझको भी तन्हा ही रखा करता है ।

 

रूठ कर सेहरा से फिर एक शाम गुज़री है ,

देख कर दिल की तख़्ती पर तेरा नाम ठहरा फिर अकेला मैं ।

 

मेरी हर शाम सज जाती है उनकी नज़ाक़त से ,

वो जितने ग़मगीन होते हैं वो उतने हसींन लगते हैं ।

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शहर भर में शामें नासाद करने का दस्तूर रहा ,

देख कर दिलकशों की दिल फ़रेबी आज दिल फ़िर हंस के रोया ।

 

जिस शहर में सेहर होती ही नहीं शाम ढलने से पहले ,

गोया आफताब ए नूर को भी एक नूर ए नज़र की मरम्मत चाहिए ।

 

करके बर्बाद मेरी हर शाम सुकून ग़र न मिलता हो तुझे ,

बोल कर दूँ मैं मिल्कियत ए किरदार तेरे नाम सभी ।

 

कुछ तो जश्न ए ग़ालिब की ग़ज़ल लिखते हैं ,

हम तो हर शाम बस तेरे नाम का पैमाना उठा लेते हैं ।

 

तू नहीं तेरी याद दरूं ए दिल है बावस्ता ,

मेरी हर शाम साद ओ ग़म से यूँ ही आबाद नहीं ।

 

शाम ए ग़ज़ल बज़्म हो तन्हाई न हो ,

नामुमकिन है विशाल ए  यार हो और जुदाई न हो ।

 

जश्न ए ग़ुल और फ़िज़ा में ख़ुश्बू,

कभी सोचा न था अंजुमन में शाम इतनी उदास भी होगी ।

 

शाम को भी ग़म है तेरे जाने का ,

आज की रात भी तन्हा उदास गुज़रेगी ।

 

अबकी शामों में भी वो बात नहीं ,

जो कभी तेरी ज़ुल्फ़ों से होकर के गुज़रती थीं ।

 

हमारी हाय तौबा पर किसी की नज़र न गयी,

उफ़ तो तब हुयी जब हमने उनके दामन को थामा

 

इस क़दर नज़ाक़त से न उठाओ क़दम ,

कहीं ये अंदाज़ ए गुफ्तगू ग़ज़ल न कह जाए ।

 

खुद की आँखों में रतजगा करके,

ख़ुदाया ख़ैर उनको चैन की नींद आ जाए ।

 

चल चाँद तारों के पार हम निकल जाएँ ,

की ज़माने भर की नज़र हमको तकती हैं ।

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आजकल नज़रों में रहती है चारों पहर् सूरत तेरी ,

तेरे नैन ओ नक़्श पर मैं बना शायर ग़ज़ल लिखा करता हूँ ।

pix taken by google