दुआ सलाम न हाल ए पयाम उफ़ ये बेरुख़ी good morning shayari,

On: April 17, 2025 6:42 PM
Follow Us:
दुआ सलाम न हाल ए पयाम उफ़ ये बेरुख़ी good morning shayari,

दुआ सलाम न हाल ए पयाम उफ़ ये बेरुख़ी  good morning shayari,

दुआ सलाम न हाल ए पयाम उफ़ ये बेरुख़ी ,

गुलों को नागवारा गुज़री बेनूर चमन से रुख्सती ।

 

रात की तन्हाइयों का सफ़र है लम्बा ,

लौट के आने में वक़्त लगता है ,

दूर मिलते हैं मेरे अपनों के पलछिन ढूंढ कर लाने में वक़्त लगता है ।

 

बादाकशी से तौबा करके ,

लोग कैसे चले जाते हैं शब् ओ रोज़ हुश्न ओ इश्क़ का सज़दा करने ।

 

इंसान को इंसान से थी नफ़रत बस आदम ए खून का प्यासा बेतहासा रहा ,

आदम ओ आदम की वेह्शत का तमाशा हरसू शब् ओ रोज़ रहा ।

 

ग़म ए उल्फ़त और तन्हाई ,

शब् ओ रोज़ इंसान को ज़िंदा होने का एहसास कराये रखती है ।

 

कोई इश्क़ के फंदे में फंसा कोई इश्क़ में सूली चढ़ गया ,

जो बच गया आफ़त ए उल्फ़त से उसका तमाशा बन गया ।

 

हर रात एक तमाशा है ,

हर सै बुझी बुझी हर शख्स यहां प्यासा है ।

 

हर रोज़ तमाशा हरसू ही हुआ करता है ,

चाँद चलता है फ़लक़ पर और लहरों का नज़ारा ख़ूबरू हुआ करता है

।

गुलों की नज़र से न बच सका नज़ारा सारा ,

सेहर होने से पहले मखमल के दरीचे पर बिखरा पड़ा है तमाशा सारा ।

 

शब् ओ रोज़ रंग ओ बू की तलाश रहती है ,

गुंचा ए गुल को खिज़ा के मौसम में जुस्तजू ए बहार रहती है ।

 

अपाहिज होकर भी दिलों में वतन परस्ती का जज़्बा ए पयाम रखते हैं ,

बेगैरत हैं वो जो साबुत होकर भी मजाज़ ए वतन से ख़याल ए हराम रखते हैं ।

 

कानून कायदे के दायरे में बात होती है ,

हर ख़ास ओ आम की इंसानियत से ज़्यादा कहाँ औक़ात होती है ।

 

महज़ काले हर्फों से इन्क़िलाब होगा क्या ,

मजाज़ ए तब्दीलियत के वास्ते ज़र्रे ज़र्रे में गुहार मचनी चाहिए ।

funny shayari 

भरम बनाये रखता इब्न ए इंसान का ,

फ़िज़ाओं में हक़ ए मजाज़ की ख़ातिर बग़ावतें सुर्खरू सी हैं ।

pix taken by google

 

Pushpendra Dwivedi

Welcome to the official website of Pushpendra Dwivedi. Here, you will find the sweetness of Hindi Shayari, the depth of inspirational stories, the expression of life through poems, and emotional writings filled with thoughts. Our goal is to give voice to your feelings and connect hearts through the power of literature. Whether you are a reader, a writer, or someone who just wants to feel—this blog is for you. Every creation here is an emotion that reaches straight to the heart.

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

Join Instagram

Join Now

Leave a Comment