Pushpendra Dwivedi Poetry,

dosti shayari फ़िराक़ ए यार की क़ाफ़िर निगाही ,
आईन ए मोहब्बत में ग़र लुत्फ़ नहीं है love shayari ,
सियासी सपोले कम पड़ गए आदम ए बहसत में funny shayari,
सियासतदानों से ख़ास ओ आम तक funny political shayari ,
शब् ए माहताब वो पहली बात उस पर चाँद की दुहाई good night status,
खादी के कुर्ते को लत्ता बना के रख दिया funny shayari,
ख़ुदा का ख़ौफ़ रखता दिल में गर तू sad shayari ,
सराबोर है हर रक़्स चस्म ए गुल की तरह friendship shayari in hindi ,
टपक न जाए कहीं ये शबनमी नूर चू करके love shayari, 
वक़्त बेवक़्त दो शीशे के ज़ाम भरे भरे dosti shayari ,
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