Pushpendra Dwivedi Poetry,

तन्हा खून जम रहा है वादी ए गुल की रंगत का funny shayari ,
इतर फुलेल लगा कर सियासी शख्सियत छुपायेगा कब तलक funny political shayari ,
कब्रों में सोये पड़े मुर्दों का कफ़न झाँक कर देखो funny shayari ,
ग़ुमनाम चेहरों के बीच मैं भी कभी ज़िंदा था love shayari ,
वल्दीयत ए जिस्म चली जाती है funny shayari ,
मादर ए वतन की मिटटी जब गंधाने लगे funny political shayari ,
पप्पू का रुद्राभिषेक funny political shayari,
क़त्ल गाह बनाम सरकारी हस्पताल funny political shayari ,
सियासत के शेयर मार्केट में सिक्के उछलते हैं funny shayari,
whats app status in hindi नुमाईश में बिठा रखे थे कुछ बूतनुमा अजीज़ ,
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