Pushpendra Dwivedi Poetry,

शेर ओ शायरी का हुनर रखते हो तो नरम लहज़े से जिगर में उतरो भी shayari ,
जिस मुहाने से रोज़ तकते हो dard shayari,
मासूम से चेहरे की शिरकत से मची उफ़ तौबा love shayari,
मुचलके चाहे जितने पेश करो 2line attitude shayri,
वतन के सिपाहियों की हौसला अफ़ज़ाई की खातिर patriotic shayari,
नक़्शा तरमीम करके यहीं पर घर बसा लो 2line attitude shayri,
सल्तनतों के टुकड़े सियासतें ढूढती रह जाती हैं ,one line thoughts on life in hindi,
रिस रिस के गिर रही है चाँदनी चिलमन की ओट से sad poetry in hindi urdu ,
ग़फ़लत हो गयी साहेब जो खता कर बैठे love shayari,
बेतकल्लुफ़ सी नज़रों से मुड़ मुड़ के देखना love shayari ,
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