Pushpendra Dwivedi Poetry,

तारीफ़ ए हुस्न किसको मंज़ूर नहीं होती love shayari,
रूबरू आते हैं तो मिलते हैं ऐसे love shayari,
गरूर ए शान से उठता है सर जब उसके आगे 2line attitude shayari ,
दुपट्टे के साथ उँगलियों में फिर गए कितने love shayari ,
वादी ए हसीन की गूंजती फ़िज़ाओं से सदा हरसू ये आती है maa shayari ,
तल्खियों में हाल ए दिल बयान होता है 2line attitude shayari,
वादियों में दहशत सी रहती है sad shayari ,
ख़्यालों की चहल कदमी में निकल आया था love shayari ,
वर्क़ खोले हैं तो हाल ए दिल ही मुक़म्मल कर दें sad shayari ,
ख़ैरात की ज़मीन को सल्तनत बनाये बैठे हैं dard shayari ,
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