death anniversary horror love story in hindi ,

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हार गया हूँ मैं अपनी ज़िन्दगी से मैंने दिल ओ जान से चाहा था तुम्हे और तुम महज़ कुछ चांदी के सिक्कों के लिए मेरा साथ छोड़ दिया क्या कमी थी मुझमे , क्या मैं तुम्हारे क़ाबिल नहीं था , क्या मेरे पास दौलत नहीं थी , आखिर क्यों किया तुमने मेरे साथ ऐसा , ऐसी क्या बात थी परमिंदर में श्रुति जिसके लिए तुमने मुझे छोड़ दिया मैं मर भी गया तो अगले जन्म में तुम्हे हासिल करके बताऊँगा , नहीं छोड़ूगा मैं परमिंदर को उसके लिए मुझे चाहे बार बार जन्म लेना पड़े ये आखरी अल्फ़ाज़ थे राज़ के , इसके बाद मोबाइल की बैटरी लो हो जाती है और फोन ब्लिंक करके बंद हो जाता है , राज़ का अंकल कहता है जाने कौन से मनहूस घडी में पला पड़ा था राज़ का इस चुड़ैल से डायन खा गयी मेरे भतीजे को ,

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मर्च्युरी हॉल में श्रुति अपने बॉय फ्रेंड परमिंदर और उसके दोस्तों के साथ प्रवेश करती है क्यों की उसे डर है की मोबाइल में में वायरल राज़ का सुसाइड नोट न पुलिस के हाँथ लग जाए और अगर राज की फॅमिली वालों ने उसके खिलाफ एक्शन लिया तो पुलिस तो टॉर्चर करेगी ही फॅमिली की इज़्ज़त भी ख़ाक में मिल जाएगी , उसके तेजी के साथ बढ़ते कदम उसकी घबराहट को साफ़ उजागर कर रहे थे , मर्चुरी हॉल लाशों से भरा हुआ था लाशों की तादाद में ज़्यादा होना राज़ की लाश तक पहुंच पाने में खुद वार्ड बॉय के लिए मुश्किल बन रहा था , तभी श्रुति की चीख निकल जाती है श्रुति का दुपट्टा एक लाश के हाँथ में फंस जाता है जिसका हाँथ बेड से बाहर लटक रहा था , सभी पलटकर देखते हैं और श्रुति का दुपट्टा लाश के हाँथ से अलग करते हैं , श्रुति को राज़ के अंतिम दर्शन कराये जाते हैं श्रुति लाश के ऊपर सर रखकर फूट फूट कर रोने लगती है , और कहती है आखिर क्यों किया तुमने ऐसा तभी राज़ के रिलेटिव की नज़र श्रुति पर पड़ती है और वो आकर पूछते हैं तुम्ही श्रुति हो राज़ के फ़ोन में जो सुसाइड नोट मिला है उसमे तुम्हारा ज़िक्र है आखिर क्या हुआ था तुम दोनों के बीच और परमिंदर की तरफ देखते हुए कहते हैं ये लड़का कौन है और इसके चेहरे में चोंट का निशान क्यों है परमिंदर और उसके दोस्त कहते हैं एक्सीडेंट हो गया था बाइक से राज़ के रिलेटिव पूछते हैं कल शाम राज़ से तुम्हारी बात हुयी थी तुम्हारे और उसके बीच गाली गलौच भी हुआ था , परमिंदर सफाई देता है राज़ मेरा बहुत अच्छा दोस्त था हमारे बीचे में हमेशा कहासुनी होती रहती थी मगर इसका मतलब ये नहीं है की उसकी मौत में मेरा कोई हाँथ है या मैंने उसे आत्महत्या करने के लिए फ़ोर्स किया है , तभी श्रुति रोती हुयी कहती है मुझे माफ़ कर दीजिये अंकल मैंने कुछ नहीं किया मुझे नहीं पता था की ज़रा सी बात के लिए राज़ इतना बड़ा कदम उठा लेगा मेरा उद्देश्य कतई ये नहीं था की राज़ आत्महत्या करे वो मेरा एक अच्छा दोस्त था बस हमारी दोस्ती को उसने जाने क्या समझ लिया और इतना बड़ा कदम उठा लिया । तभी राज़ के फादर वहाँ आ जाते हैं और कहते हैं मेरा बेटा इस दुनिया से जा चुका है , मैं अब कोई और बवाल नहीं चाहता प्लीज़ मेर बेटे की मौत का तमाशा मत बनाइये इसके पहले की कोई बखेड़ा खड़ा हो आप लोग यहां से चले जाइये ,

श्रुति अपने बॉयफ्रेंड परमिंदर के साथ वहां से तब तक नहीं जाती जब तक की पोस्टमॉर्टेम करके लाश राज़ के परिवार

जनो के सुपुर्द नहीं कर दी जाती है , वार्ड बॉय राज़ के रिलेटिव को पास में बुलाता है और ५०० रूपये की माँग करता है ताकि लाश को अच्छी तरह से सिला जा सके राज़ के अंकल ५०० देते है और १० मिनिट बाद लाश को राज़ के परिवार जनो के सुपुर्द कर दिया जाता है सारा हॉस्पिटल रोने की चीख चिल्लाहट से गूँज उठता है श्रुति भी ज़ोर ज़ोर से रोने लगती है साथ में आये परमिंदर और उसके दोस्त भी रोने लगते हैं और लाश के जाने के बाद श्रुति और परमिंदर भी वहाँ से निकल जाते है , रास्ते में परमिंदर श्रुति से कहता है अच्छा ड्रामा करती हो जानेमन इतना तेज़ दहाड़ मार मार कर रो रही थी जैसे राज़ की एक्स नहीं उसकी ब्याहता पत्नी हो तुम , श्रुति आँसू पोछती हुयी कहती है जस्ट शट अप भूख के मारे मेरी अंतड़ियाँ चिपक रही थी तभी कार में पीछे बैठा दोस्त समोसे आगे बढ़ाता है श्रुति समोसे हाँथ में लेती है और हंसती हुयी कहती है बड़ा आशिक़ बना हुआ था मर गया आखिर कुत्ते की मौत और समोसे खाना सुरु कर देती है।

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रुइया कॉलेज ऑफ़ कॉमर्स का पहला दिन था राज़ के पहले दिन से कॉलेज में एडमिशन के साथ नए नए दोस्त बन गए जिनमे कुछ लड़के थे कुछ लडकियां दोस्ती का दौर आगे बढ़ता गया पहले दोस्ती चाट चाउमीन तक सीमित थी फिर बियर व्हिस्की वोडका तक पहुंच गयी पहले सब कुछ क्लास में ही होता था जब टीचर नहीं होते थे तब रूम लॉक कर दिया जाता था इसके बाद आउटिंग का दौर सुरु हुआ घर में न जाने कितने बार पॉकेट से कंडोम के पैकेट पकडे गए टीचर्स ने भी रंगे हाँथ पकड़ा पेरेंट्स को बुलाया गया डाँटभी पड़ी मगर अंजाम कुछ नहीं निकला जोश ए जवानी आखिर जीत ही गयी कुछ गर्ल फ्रेंड बॉय फ्रेंड बन गए कुछ बस ट्राई मारते रह गए , कुछ का दिल टूटा तो कुछ गुल ए गुलज़ार हो गए बस इसी कश्मकश में जूझता राज़ जाने कब २ साल निकाल देता है और क्लास के अंतिम ईयर में उसे भी श्रुति से प्यार हो जाता है , श्रुति उसे प्यार करती है या नहीं ये उसे भी नहीं पता है मगर श्रुति के एक इशारे पर राज़ ज़रूर अपनी जान दे सकता है ये बात सारे कॉलेज को पता थी , लोनावला का ट्रिप है कॉलेज के सभी लड़के लडकियां बस में बैठ चुके थे राज़ अपनी सीट पर अकेला बैठा हुआ था , गाड़ी चल चुकी थी श्रुति अपनी सहेलियों के साथ पीछे बैठी हुयी थी तभी श्रुति की सहेलियां कहती है देख राज़ अकेला बैठा हुआ है , जा चली जा उसके पास श्रुति राज़ के पास आती है और राज़ से पूछती है अकेले अकेले म्यूजिक सुन रहे हो , और राज़ के आई फोन का ईयरबड्स निकाल का एक हिस्सा निकाल कर अपने कान में लगा लेती है , और राज़ का हाँथ अपने हाँथ में लेकर दोनों बातें करने लगते हैं और बातों बातों में श्रुति राज़ से कहती है अपना ब्लूटूथ ईयरबड्स देना ज़रा गाना सुनना है राज़ दोनों ब्लूटूथ ईयरबड्स निकाल कर श्रुति को दे देता है , इसके बाद श्रुति अपनी सहेलियों के पास जाकर बैठ जाती है , और लोनावला पहुंचने पर वो अपनी सहलियों के साथ बस से उतर जाती है इसके बाद न उसे ही ब्लूटूथ ईयरबड्स लौटाने का ध्यान रहता है न ही राज़ उससे मांगता है ,

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और दूसरे दिन सुबह की वाक के बाद जब सभी लड़के लडकियां होटल के रूम में आराम कर रहे होते हैं , श्रुति राज़ के रूम आ धमकती है वो राज़ से कहती है मुझे तुम्हारा वाश रूम उपयोग करना है राज़ कहता है क्यों नहीं श्रुति को आया देख कर राज़ के सभी दोस्त एक एक करके वहाँ से जाना सुरु कर देते हैं , और जाते जाते रूम का दरवाज़ा बंद करके चले जाते हैं , श्रुति जब वाशरूम से बाहर निकलती है राज़ को अकेला पाकर उससे लिपट जाती है , और अपने होंठ राज़ के होंठ में रख कर उन्हें चूमना सुरु कर देती है श्रुति के यकायक अटैक से राज़ घबरा जाता है वो श्रुति को बाहों में कसके जकड़ लेता है राज़ के हाँथ श्रुति के जिस्म पर किसी नाग की तरह लिपटे जा रहे थे श्रुति भी कामाग्नि में पूरी तरह जल रही थी ,वो बौखलाई नागिन की भाँती राज़ पर टूट पड़ती है दोनों मदहोश एक दूसरे में समां जाने के लिए आतुर थे तभी राज़ के हाँथ श्रुति के स्कर्ट को ऊपर उठा लेते हैं , श्रुति थोड़ा झिझकती है राज़ उसकी शर्म ओ हयाको बरकरार रखता हुआ उसकी ड्रेस को यथावत कर देता है और अपने आप में काबू रखकर श्रुति को उसके हाल में छोड़ देता हैं , श्रुति निढाल होकर बेड पर गिर जाती है अभी उसकी काम की ज्वाला शांत नहीं हुयी थी वो राज़ को इस तरह से देख रही थी की जैसे वो वो उसे कच्चा चबा जाएगी , मगर सामाजिक बंधनो में बंधा हुआ राज़ मर्यादा की सीमाओं को नहीं लांघता है और राज़ की इस हरकत पर श्रुति उसके ऊपर बहुत नाराज़ हो जाती और रूम से निकलते वक़्त राज़ की कैप उठा कर अपने सर पर लगा लेती है और जैसे ही हाँथ राज़ के चश्मे की तरफ बढाती है राज़ चश्मे को अपनी तरफ खींच लेता है श्रुति का गुस्सा और डबल हो जाता है और वो गुस्से में वहां से निकल जाती है ।

और शाम को जब बस वापस लौटती है श्रुति राज़ के बाजू में बैठी गाना सुन रही थी , तभी परमिंदर का स्टॉप आ जाता है

सभी को बाय करता है वो श्रुति को भी बाय करता है ,श्रुति गुस्से से कहती है , एक बार बाय बोल दिया न अब क्या गले लग के विदाई दूँ ,ये देखकर राज़ हंस देता है परमिंदर उदास होकर बस से उतर जाता है , उसके दोस्त उसे सांत्वना देते हैं भाई एक दिन ये फुलझड़ी ज़रूर तेरी बाहों में होगी और जो ये राज़ तुझे देखकर हंस रहा है एक दिन तेरे नाम को रोयेगा बहन,,,,, उस दिन हम जश्न मनाएंगे ,

दिन गुज़रते जाते हैं फर्स्ट ईयर सेकंड ईयर कब निकल जाता है कुछ पता ही नहीं श्रुति और राज़ की मोहब्बत के चर्चे परवान चढ़ रहे थे धीरे धीरे परविंदर भी राज़ और श्रुति से दोस्ती बढ़ाने में लग जाता है वो महँगे महँगे रेस्टॉरेंट में सबको पार्टियां देता है श्रुति को महँगे महँगे गिफ्ट लाकर देता है श्रुति भी अब उसे पसंद करने लगी थी , यहां राज़ श्रुति की अपनी मम्मी से वीडियो कॉलिंग में बात करवाता है और कहता है देख माँ बहू मिल गयी , श्रुति भी बड़ी नम्रता के साथ मम्मी जी नमस्ते करती है और उनके द्वारा पूछे गए सवालों का जवाब देती है श्रुति की प्यारी प्यारी रस भरी बातों से राज़ की माँ मंत्रमुग्ध हो जाती है , और मन ही मन वो उसे अपनी बहू मान लेती है , राज़ श्रुति के प्यार में कावला बावला होने लगता है एक दिन ग्राउंड में घूमते वक़्त राज़ जीजा जी की श्रुति से बात करवाता है , श्रुति की शक्ल देखते ही राज़ के जीजा जी कहते हैं ये लड़की शराब पीती है न , शक्ल से समझ में आ रहा है , और तू पहले मीठी सुपाड़ी खाता था फिर पान मसाला खाने लगा और अब गुटखा कुछ दिन बाद तू शराब पियेगा , बंद कर इस लड़की का चक्कर बर्बाद कर देगी तुझे घर बिकवा देगी तेरा , जीजा की बात पर राज नाराज़ हो जाता है , गुस्सा होकर चला जाता है , वक़्त गुज़रता जाता है राज़ परमिंदर श्रुति और कुछ दोस्त गोवा ट्रिप का प्लान बनाते हैं सबमे पैसों का कंट्रीब्यूशन होता है श्रुति का खर्चा राज़ ही देता है , लड़कियों के लिए अलग कार की व्यवस्था की जाती है , उसमे वोडका और बियर का इंतज़ाम पहले से किया जाता है मुंबई से रवाना होते ही सभी शराब पीना सुरु कर देते हैं , गोवा पहुंचने तक लड़कियों की हालत बहुत ख़राब हो जाती है। शराब अधिक पीने की वजह से लड़कियों को उलटी सुरु हो जाती है रास्ते में कई बार उलटी करने के बाद लड़कियों की कार आखिर में गोवा पहुँचती है डिनर के बाद रेस्टॉरेंट में देर रात जब सभी सोने पहुंचते हैं तो राज़ को लगता है की श्रुति उसके पास आएगी मगर ऐसा कुछ नहीं होता , श्रुति गर्ल्स के साथ सो जाती है , राज़ को लगता है रास्ते भर में हुयी उलटी की वजह से शायद कमज़ोरी ज़्यादा हो गयी थी इसलिए श्रुति उसके पास नहीं आई ,

गोवा ट्रिप से ही श्रुति ने राज़ से दूरी बनानी सुरु कर दी थी फिर भी राज़ ने श्रुति की शराब सिगरेट होटल का रुकना खाना पीना सब हँसते हँसते वहन किया , गोवा से आने के बाद श्रुति धीरे धीरे राज़ को अवॉयड करना सुरु कर देती है राज़ बोलता है इतना कहाँ बिजी रहती हो जानेमन वो जवाब में कहती है पेपर्स की तैयारी में लगी हूँ राज़ कहता है ओके पढ़ाई में ध्यान दो , श्रुति कहती है हाँ कुछ दिनों बाद तो मैं तुम्हारे पास हमेशा के लिए आ जाऊंगी अच्छा एक बात बताओ तुम्हारा बीमा है क्या राज़ कहता है नहीं है श्रुति कहती है कोई बात नहीं मैं आऊंगी तो करवा दूँगी , राज़ ओके बेबी कहता है श्रुति कहती अब मैं फोन रखूँ राज़ कहता है ओके जा सिमरन जी ले अपनी ज़िन्दगी , श्रुति कहती है दिलवाले दुल्हनियाँ ले जायेंगे का डायलाग मार रहे हो राज़ राज़ है बुढ़ापे का इश्क़ है कुछ तो रंग लाएगा श्रुति कहती है बुड्ढे होंगे तुम मैं नहीं और फोन काट देती है , राज़ और श्रुति के घर में शादी की तैयारियां चलनी सुरु हो जाती है , राज़ कई बार श्रुति को फोन लगाता है मगर श्रुति फोन नहीं उठाती है फिर एक दिन श्रुति का फ़ोन आता है राज़ कहता है और बताओ तैयारियां कैसी चल रही है श्रुति कहती है बढ़िया मेरी तो सब तैयारी हो गयी हैं , देखो मुझे हॉलमार्क वाले गहने चाहिए शादी में मैं ओल्ड मॉडल गहने नहीं पहनती राज़ कहता है शादी की शॉपिंग मम्मी और दीदी करेगी , तुम परेशान मत हो , वो जो भी लेगी अच्छा ही होगा , श्रुति फ़ोन काट देती है दूसरे दिन श्रुति कहती है मुझे मेरे कपड़ों की शॉपिंग करवा दो , मुझे ब्रांडेड कपडे चाहिए , राज़ कहता है ऐसा है वो शॉपिंग भी मम्मी और दीदी ही करेगी श्रुति राज़ का जवाब सुनकर चिढ जाती है , फिर कई दिनों तक राज़ को न फ़ोन करती है नहीं राज़ के फ़ोन का जवाब देती है , फिर एक दिन शाम को वो राज़ को फ़ोन में वीडियो कॉल करती है और बात को बीच में ही काट कर फ़ोन परमिंदर के हाँथ में दे देती है राज़ सामने परमिंदर को देख कर हक्का बक्का रह जाता है , तभी परमिंदर राज़ से कहता है और बता बेटा कैसा है तू तेरी छम्मक छल्लो तो तेरे हाँथ से चली गयी ,

राज़ के गुस्से का कोई ठिकाना नहीं रहता है , रातों रात वो परमिंदर का गेम सेट करता है और दूसरे दिन अपने दोस्तों के

साथ कॉलेज में धावा बोल देता है परमिंदर क्लास में बैठा श्रुति के हँस हँस के बातें कर रहा था , राज़ के एक शॉट में परमिंदर की नाक टूट जाती है वो लहू लुहान फर्श पर गिर जाता है , तभी श्रुति दौड़ती दौड़ती आती है और परमिंदर का सर अपनी गोद में रख कर दहाड़ मार् मार कर रोने लगती है और राज़ से कहती है आई हेट यू नफरत करती हूँ मैं तुमसे , क्यूँ मारा तुमने मेरे परमिंदर को श्रुति की बात सुनकर राज़ बहुत हर्ट होता है , और गुस्से में वो साथियों के साथ वहां से निकल जाता है और सीधा बार में जाकर शराब पर शराब पीता जाता है , और रोते हुए अपने दोस्तों से कहता है हार गया यार मैं क्या कुछ नहीं किया इस लड़की के लिए और इसने मुझे धोखा दे दिया , नहीं जीना है मुझे अब मैं मर् जाऊँगा दोस्त समझाते हैं , लडकियां आती जाती रहती हैं पागल मत बन जीवन अमूल्य है अपने माँ बाप के बारे में सोच , कोई गलत कदम मत उठाना , और समझा कर उसे घर छोड़ आते हैं मगर प्यार में चोट खाया हुआ राज़ खुद पर काबू नहीं रख पाता है और रूम में लगे पंखे पर फाँसी में झूल जाता है , और इसी के साथ उसके जीवन की इहलीला समाप्त हो जाती है ,

6 month later ,

श्रुति और परमंदिर की सगाई है रिंग सेरेमनी चल रही है परमिंदर श्रुति को रिंग पहनाता है लेकिन जैसे ही श्रुति परमिंदर को रिंग पहनाती है रिफ्लेक्टर्स में आग लग जाती है सभी रिफ्लेक्टर्स धू धू करके जलने लग जाते हैं , किसी तरह फायर फाइटिंग की मदद से आग पर काबू पाया जाता है , और बड़ी मुश्किल से श्रुति और परमिंदर को वहाँ से बचा के निकाला जाता है , लेकिन इस हादसे में राज़ का हाँथ का है श्रुति समझ जाती है की ये सब राज़ की आत्मा कर रही है उसे कम से कम एक साल तक शादी नहीं करनी चाहिए थी , वो परमिंदर को शादी के लिए मना करती है परमिंदर कहता है ये सिर्फ तुम्हारे मन का वहम है स्वीट हार्ट मुर्दे कभी रिवेंज नहीं लिया करते बदला तो मैंने लिया है तुम्हे उससे छीन कर और खींच कर श्रुति को अपने सीने से लगा लेता है और श्रुति की गर्दन पर किश करने लगता है , तभी खिड़की के कांच छन् की आवाज़ से चिटक जाते हैं और टूटकर फर्श पर बिखर जाते हैं , श्रुति डर कर परमिंदर के सीने से अलग हो जाती है , तभी लाइट्स बंद हो जाती है और तेज़ तूफ़ान आ जाता है परमिंदर अपनी कार में वहाँ से निकलता है रोड पर लगी हाईटेंशन वायर पर ज़बरदस्त चिंगारी उठती है परमिंदर कार में ब्रेक लगाता है तेज़ ब्रेक के कारण कार एक भयानक चिंघाड़ की आवाज़ के साथ रुक जाती है , तभी कार के सामने से म्याऊं की आवाज़ के साथ बिल्ली गुज़र जाती है , और बिल्ली के गुज़रते ही परमिंदर की कार तेज़ रफ़्तार के साथ वहाँ से गुज़र जाती है , परमिंदर की कार के गुजरने के बाद राज़ का अक़्श प्रकट होता है वो ज़ोर ज़ोर से हँसता है और कहता है मारने को तो मैं तुझे अभी मार देता मगर में तुझे अकेले मरता नहीं देखना चाहता , मरोगे तो दोनों साथ मरोगे , और हँसता हुआ हवा में ग़ायब हो जाता है ,

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शादी का दिन फूलों से सजी हुयी कार दूल्हा बने परमंदिर को लेकर दौड़ी जा रही है तभी ब्रेकर में कार थोड़ा जम्प लेती है और कार के बोनट में लगा फूलों का गुलदस्ता गिर कर रोड में आ जाता है तभी रास्ते में चल रहा एक युवक ड्राइवर को कहता है भाई साहेब आपका गुलदस्ता गिर गया है कार से ड्राइवर उतर कर गुलदस्ता उठाता है और कार की पिछली सीट में रख देता है परमिंदर ड्राइवर को चिल्लाता है कैसी सजवाये हो गाड़ी बे रास्ते में ही सब कुछ निकलने लग गया , ड्राइवर कहता है कुछ नहीं साहेब जी सेलो टेप गड़बड़ आर हे हैं आजकल इसी कारण गुलदस्ता उड़ गओ , परमिंदर कहता है अपने पिछवाड़े को अच्छे से चिपका लेना भोस,,,,, कहीं हवा के झोकों के साथ तुम भी हवा में न उड़ जाना , ड्राइवर कहता है भैया जी आप भी न बहुतै मजाकिया हैं , द्वार चार के बाद जयमाला का कार्यक्रम सुरु होता है , जय माला के वक़्त परमिंदर की माला टूट जाती है , फेरों के वक़्त तेज़ तूफ़ान के साथ बारिश हो जाती है जिससे हवन कुंड की आग बुझ जाती है आग से उठते धुएं के बीच ही परमिंदर और श्रुति के फेरे करवा दिए जाते हैं किसी तरह रो धोकर परमिंदर और श्रुति की शादी हो जाती है , अब दूसरे दिन दोनों हनीमून के लिए मनाली रवाना हो जाते हैं , फ्लाइट के बाद परमिंदर सेल्फड्राइविंग कार बुक करता है , दोनों कार से घूमने के लिए निकल जाते हैं बाजू वाली फ्रंट सीट में बैठी श्रुति परमिंदर की जांघ में हाँथ रख देती है और जोश ही जोश में परमिंदर कार की रफ़्तार और तेज़ कर देता है अचानक सामने कोहरा आ जाता है और कुछ ही देर में सब कुछ दिखाई देना बंद हो जाता है , परमिंदर को कुछ समझ में नहीं आता है अचानक सामने सरिया से लदा एक ट्रक खड़ा दिखाई देता है परमिंदर कुछ कर पता इससे पहले ही कार सीधा ट्रक में घुस जाती और ट्रक में लदी सरिया कार के अगले सीसे से सीधा घुस कर श्रुति और परमिंदर के जिस्म को छेदती हुयी पिछले सीसे से बाहर निकल जाती है और दोनों को तड़पने का भी मौका नहीं मिलता है तभी राज़ की आत्मा वहां प्रगट होती है , और सरिया में लगे ब्लड को अपने हाँथ से पोछती हुयी कहती है बोले था न मेरी मौत जाया नहीं जाएगी , और हँसता हुआ राज़ वहाँ से ग़ायब हो जाता है ।

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